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इस गांव में दलितों को सुनाया गया तुगलकी फरमान, एंट्री की गई बैन
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
Updated Sun, 02 Oct 2016 09:06 AM IST
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हांसी में गुर्जर समुदाय की महापंचायत
- फोटो : अमर उजाला
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एक गांव में दलितों को ऐसा तुगलकी फरमान सुनाया गया है, जानकर आप हैरान हो जाएंगे। यहां तक कि फैसले की मुनादी भी कराई गई। मामला हरियाणा के यमुनानगर का है।
बुड़िया थाना क्षेत्र के गांव साबापुर में एक समुदाय ने पंचायत कर दलितों के खेत में घुसने पर रोक का फरमान सुना दिया। यही नहीं गांव में मुनादी भी करवाई कि यदि कोई दलित समुदाय का व्यक्ति या महिला खेत में चारा आदि लेने जाएगा तो उस पर पांच सौ रुपये जुर्माना लगा दिया जाएगा। इससे गांव में तनाव पैदा हो गया।
ऐसी सूचना पर शुक्रवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से विवाद को लेकर पूरी रिपोर्ट मांगी। बाद में दोनों समुदायों के पांच-पांच लोगों को बैठाकर समझौता करवा दिया।
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बता दें कि करीब पौने दो माह पहले एक समुदाय के व्यक्ति ने खेत में चारा काटने आई महिला से दुष्कर्म का प्रयास किया था। विरोध करने पर जातिसूचक शब्द बोले थे। तब से गांव में दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। दलितों का आरोप है कि बुधवार को समुदाय विशेष की पंचायत ने तुगलकी फरमान सुना उनके खेतों में जाने पर पाबंदी लगा दी।
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बुड़िया थाना क्षेत्र के गांव साबापुर में एक समुदाय ने पंचायत कर दलितों के खेत में घुसने पर रोक का फरमान सुना दिया। यही नहीं गांव में मुनादी भी करवाई कि यदि कोई दलित समुदाय का व्यक्ति या महिला खेत में चारा आदि लेने जाएगा तो उस पर पांच सौ रुपये जुर्माना लगा दिया जाएगा। इससे गांव में तनाव पैदा हो गया।
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ऐसी सूचना पर शुक्रवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से विवाद को लेकर पूरी रिपोर्ट मांगी। बाद में दोनों समुदायों के पांच-पांच लोगों को बैठाकर समझौता करवा दिया।
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बता दें कि करीब पौने दो माह पहले एक समुदाय के व्यक्ति ने खेत में चारा काटने आई महिला से दुष्कर्म का प्रयास किया था। विरोध करने पर जातिसूचक शब्द बोले थे। तब से गांव में दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। दलितों का आरोप है कि बुधवार को समुदाय विशेष की पंचायत ने तुगलकी फरमान सुना उनके खेतों में जाने पर पाबंदी लगा दी।
राष्ट्रीय अनसूचित जाति आयोग सदस्य ने निपटाया विवाद
जाट आरक्षण को लेकर सोनीपत में महापंचायत
- फोटो : amar ujala
जानकारी मिलने पर शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह गांव साबापुर पहुंच गए। यहां उन्होंने अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति के लोगों की समस्याएं सुनीं। उनके साथ डीसी डॉ. एसएस फूलिया, डीएसपी हेडक्वार्टर आदर्शदीप सिंह, डीएसपी अजय राणा, जगाधरी के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी दिनेश शर्मा, नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार सहित अन्य अधिकारी आदि भी थे।
उन्होंने दोनों समुदाय के लोगों के साथ पंचायत की। ईश्वर सिंह ने अधिकारियों को विवाद इतने दिनों तक बढ़ने देने के लिए फटकार लगाई। पंचायत में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। इस दौरान काफी गहमागहमी रही। बाद में आयोग सदस्य ने दोनों समुदायों के पांच-पांच लोगों को बैठाकर समझौता करवा दिया।
प्रशासन ने तनाव को लेकर सरपंच से मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने गांव की सरपंच निशा देवी से तनाव पनपने के कारणों पर रिपोर्ट मांगी। सरपंच निशा ने उन्हें बताया कि पंचायत की तरफ से दलितों के खेत में जाने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई थी। ना ही उनकी तरफ से कोई भी फरमान जारी किया गया। वे जल्द ही इसके बारे में प्रस्ताव पास कर कमीशन को रिपोर्ट भेजेंगी।
उन्होंने दोनों समुदाय के लोगों के साथ पंचायत की। ईश्वर सिंह ने अधिकारियों को विवाद इतने दिनों तक बढ़ने देने के लिए फटकार लगाई। पंचायत में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। इस दौरान काफी गहमागहमी रही। बाद में आयोग सदस्य ने दोनों समुदायों के पांच-पांच लोगों को बैठाकर समझौता करवा दिया।
प्रशासन ने तनाव को लेकर सरपंच से मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने गांव की सरपंच निशा देवी से तनाव पनपने के कारणों पर रिपोर्ट मांगी। सरपंच निशा ने उन्हें बताया कि पंचायत की तरफ से दलितों के खेत में जाने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई थी। ना ही उनकी तरफ से कोई भी फरमान जारी किया गया। वे जल्द ही इसके बारे में प्रस्ताव पास कर कमीशन को रिपोर्ट भेजेंगी।
कोई किसी की आजादी नहीं छीन सकता
पंचायत करते किसान
- फोटो : ब्यूरो/ आगरा
आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने कहा कि भारत देश विभिन्न धर्म और जातियों का देश है। यहां सभी को एक नजर से देखा जाता है। कोई भी व्यक्ति किसी की आजादी नहीं छीन सकता और सबको मिलजुल कर साथ रहने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांव में अनुसूचित जाति के लोगों को कोई भी व्यक्ति अपने खेतों में जाने से मना नहीं करेगा।
नहीं बख्शे जाऐंगे माहौल बिगाड़ने वाले
डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने कहा कि सभी लोग अब गांव में शांति बनाए रखें। अब यदि किसी ने भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो उसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
नहीं बख्शे जाऐंगे माहौल बिगाड़ने वाले
डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने कहा कि सभी लोग अब गांव में शांति बनाए रखें। अब यदि किसी ने भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो उसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।