{"_id":"e0c66c0cfc4383065f97b2705639741d","slug":"dad-grandma-s-feet-really-hurt","type":"story","status":"publish","title_hn":"पापा दादी के पांव में दर्द है...दवा लेकर आ जाओ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पापा दादी के पांव में दर्द है...दवा लेकर आ जाओ
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sun, 17 Nov 2013 02:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पापा दादी के पैर में बहुत तेज दर्द है जल्द दवा लेकर आ जाओ। ओल्ड एज होम में एक बुजुर्ग महिला के आंसू देख सात साल की राइजुल इतनी भावुक हुई कि वह अपने पापा को फोन करने से खुद को नहीं रोक पाई।
पंचकूला सेक्टर-8 डीएवी स्कूल की छात्राएं इस कदर बुजुर्ग महिला को देकर भावुक हुईं कि वह हर सप्ताह ओल्ड होम जाकर बुजुर्गों की जरूरतों को पूरा करने का प्रण लिया।
कई छात्राओं ने अपनी पॉकेट मनी से उनकी जरूरतों को पूरा करने का निश्चय किया। पंचकूला सेक्टर-15 स्थित ओल्ड एज होम में शनिवार को डीएवी स्कूल की छात्राएं शिक्षिका के साथ बुजुर्गों से मिलने पहुंचीं।
विज्ञापन
छात्राएं जब बुजुर्ग महिला सुरजीतो से मिलीं तो वह उनकी पीड़ा सुनकर भावुक हो गईं। नौवीं कक्षा की छात्रा कमल ने सुरजीतो से उनकी खैरियत जानी तो उनका दर्द सुनकर छात्रा की आंखों में आंसू भर आए। थोड़ी देर बाद सुरजीतो लड़खड़ाती जुबान से बोलीं बेटी मेरे पांव में कई दिनों से बहुत दर्द है।
दवा खत्म हो चुकी है। इतना कहते ही बुजुर्ग फूटफूट कर रोने लगी। यह देख छात्राएं भी खुद को नहीं रोक सकीं। इस दौरान तीसरी कक्षा की छात्रा राइजुल इतनी भावुक हुई कि उसने अपने पिता को दवा लाने के लिए फोन कर दिया। उसने पिता आरपी सिंगला से कहां दादी के पांव में बहुत तेज दर्द हो रहा है। इस पर एक बार तो उसके पिता भी घबरा गए। तभी, उन्होंने राइजुल से पूछा बेटा सुबह तो ठीक थे। अचानक क्या हुआ। इस पर राइजुल ने बताया कि हम लोग स्कूल की तरफ से ओल्ड एज होम आए हैं।
एक मिनट सोचने के बाद सिंगला ने दवा का नाम पूृछ कर तुरंत लेकर पहुंचे। दवा मिलते ही बुजुर्ग महिला ने बच्चों की सलामती की दुवा दी। ये भावुक कर देने वाले पल में ऐसा लगा मानों सुरजीतो को परिवार मिल गया।
हम अपनी पाकेट मनी से जितना बन सकेगा, दादी के लिए करेंगे। हर सप्ताह मिलने आएंगे।
मलविका, छात्रा डीएवी स्कूल, पंचकूला
विज्ञापन
पंचकूला सेक्टर-8 डीएवी स्कूल की छात्राएं इस कदर बुजुर्ग महिला को देकर भावुक हुईं कि वह हर सप्ताह ओल्ड होम जाकर बुजुर्गों की जरूरतों को पूरा करने का प्रण लिया।
विज्ञापन
कई छात्राओं ने अपनी पॉकेट मनी से उनकी जरूरतों को पूरा करने का निश्चय किया। पंचकूला सेक्टर-15 स्थित ओल्ड एज होम में शनिवार को डीएवी स्कूल की छात्राएं शिक्षिका के साथ बुजुर्गों से मिलने पहुंचीं।
विज्ञापन
छात्राएं जब बुजुर्ग महिला सुरजीतो से मिलीं तो वह उनकी पीड़ा सुनकर भावुक हो गईं। नौवीं कक्षा की छात्रा कमल ने सुरजीतो से उनकी खैरियत जानी तो उनका दर्द सुनकर छात्रा की आंखों में आंसू भर आए। थोड़ी देर बाद सुरजीतो लड़खड़ाती जुबान से बोलीं बेटी मेरे पांव में कई दिनों से बहुत दर्द है।
दवा खत्म हो चुकी है। इतना कहते ही बुजुर्ग फूटफूट कर रोने लगी। यह देख छात्राएं भी खुद को नहीं रोक सकीं। इस दौरान तीसरी कक्षा की छात्रा राइजुल इतनी भावुक हुई कि उसने अपने पिता को दवा लाने के लिए फोन कर दिया। उसने पिता आरपी सिंगला से कहां दादी के पांव में बहुत तेज दर्द हो रहा है। इस पर एक बार तो उसके पिता भी घबरा गए। तभी, उन्होंने राइजुल से पूछा बेटा सुबह तो ठीक थे। अचानक क्या हुआ। इस पर राइजुल ने बताया कि हम लोग स्कूल की तरफ से ओल्ड एज होम आए हैं।
एक मिनट सोचने के बाद सिंगला ने दवा का नाम पूृछ कर तुरंत लेकर पहुंचे। दवा मिलते ही बुजुर्ग महिला ने बच्चों की सलामती की दुवा दी। ये भावुक कर देने वाले पल में ऐसा लगा मानों सुरजीतो को परिवार मिल गया।
हम अपनी पाकेट मनी से जितना बन सकेगा, दादी के लिए करेंगे। हर सप्ताह मिलने आएंगे।
मलविका, छात्रा डीएवी स्कूल, पंचकूला