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सोशल साइट पर नेताजी को छेड़ा तो खैर नहीं
राजेश ढल्ल/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 12 Mar 2014 05:08 PM IST
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लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही फेसबुक और सोशल साइट पर भी नेताओं और शहरवासियों का दबाव बढ़ गया है, लेकिन भविष्य में किसी फोटो और कमेंट पर जबाव देने से पहले एक बार विचार जरूर करें...।
कहीं किसी नेता आपत्तिजनक कमेंट तो नहीं कर रहे हैं, जिससे किसी की छवि खराब हो। क्योंकि ऐसे कमेंट्स अब चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल की नजर में हैं। इसके साथ ही किसी नेता की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करके फोटो अपलोड करना भी अपराध है।
साइबर सेल के अनुसार, शिकायत आने पर ऐसे लोगों पर आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। साइबर सेल राजनीतिक दलों के उन नेताओं पर भी नजर रख रहा जो एक-दूसरे विरोधी दलों से हैं। साथ ही ये नेताजी एक दूसरे पर आपत्तिजनक कमेंट करने बाज नहीं आते हैं।
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चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार भी कोई भी सोशल साइट पर एक दूसरे के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकता है। साथ ही साइबर सेल ऐसे लोगों पर भी नजर रख रही है जो सीनियर नेताओं के फर्जी अकाउंट खोलकर मतदाताओं से बातचीत करेंगे।
चुनावी सीजन में ऐसे फर्जी खाते ज्यादा खुलने की उम्मीद है। उधर, कांग्रेस, भाजपा और बसपा के कई नेताओं ने अपने-अपने फेसबुक अकाउंट पर अपनी पार्टी और नेताओं के लिए प्रचार शुरू कर दिया है। राजनीतिक दलों ने अलग से सोशल साइट पर प्रचार करने के लिए अलग से विंग भी बना लिए है।
फर्जी खाते खोलकर एक दूसरे पर आपत्तिजनक कमेंट करने वालों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे लोगों पर आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हो सकता है। आने वाले दिनों में जरूरत पड़ी तो राजनीतिक दलों के नेताओं से भी बैठक की जाएगी।
राजेश कालिया, डीएसपी, साइबर
नेताओं के फेसबुक के साथ हो चुकी है छेड़छाड़
पिछले साल दिसंबर माह में सांसद पवन बंसल और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन की फेसबुक अकाउंट से छेड़छाड़ की गई थी। इन नेताओं के फेसबुक पेज पर अपने आप ही हजारों लाइक विदेशों से बढ़ गए थे।
तीन साल पहले बंसल का फर्जी खाता खुला था
तीन साल पहले किसी ने शहर के सांसद पवन बंसल की तस्वीर से छेड़छाड़ करते हुए फेसबुक पर फर्जी खाता बनाया था। इसके बाद कांग्रेस के हस्तक्षेप के बाद पुलिस विभाग ने फेसबुक के इस फर्जी खाते को बंद करवाया था।
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कहीं किसी नेता आपत्तिजनक कमेंट तो नहीं कर रहे हैं, जिससे किसी की छवि खराब हो। क्योंकि ऐसे कमेंट्स अब चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल की नजर में हैं। इसके साथ ही किसी नेता की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करके फोटो अपलोड करना भी अपराध है।
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साइबर सेल के अनुसार, शिकायत आने पर ऐसे लोगों पर आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। साइबर सेल राजनीतिक दलों के उन नेताओं पर भी नजर रख रहा जो एक-दूसरे विरोधी दलों से हैं। साथ ही ये नेताजी एक दूसरे पर आपत्तिजनक कमेंट करने बाज नहीं आते हैं।
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चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार भी कोई भी सोशल साइट पर एक दूसरे के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकता है। साथ ही साइबर सेल ऐसे लोगों पर भी नजर रख रही है जो सीनियर नेताओं के फर्जी अकाउंट खोलकर मतदाताओं से बातचीत करेंगे।
चुनावी सीजन में ऐसे फर्जी खाते ज्यादा खुलने की उम्मीद है। उधर, कांग्रेस, भाजपा और बसपा के कई नेताओं ने अपने-अपने फेसबुक अकाउंट पर अपनी पार्टी और नेताओं के लिए प्रचार शुरू कर दिया है। राजनीतिक दलों ने अलग से सोशल साइट पर प्रचार करने के लिए अलग से विंग भी बना लिए है।
फर्जी खाते खोलकर एक दूसरे पर आपत्तिजनक कमेंट करने वालों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे लोगों पर आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हो सकता है। आने वाले दिनों में जरूरत पड़ी तो राजनीतिक दलों के नेताओं से भी बैठक की जाएगी।
राजेश कालिया, डीएसपी, साइबर
नेताओं के फेसबुक के साथ हो चुकी है छेड़छाड़
पिछले साल दिसंबर माह में सांसद पवन बंसल और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन की फेसबुक अकाउंट से छेड़छाड़ की गई थी। इन नेताओं के फेसबुक पेज पर अपने आप ही हजारों लाइक विदेशों से बढ़ गए थे।
तीन साल पहले बंसल का फर्जी खाता खुला था
तीन साल पहले किसी ने शहर के सांसद पवन बंसल की तस्वीर से छेड़छाड़ करते हुए फेसबुक पर फर्जी खाता बनाया था। इसके बाद कांग्रेस के हस्तक्षेप के बाद पुलिस विभाग ने फेसबुक के इस फर्जी खाते को बंद करवाया था।