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साइबर कैफे चलाने वाले ध्यान दें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 04 Feb 2014 10:31 AM IST
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चंडीगढ़ प्रशासन ने बिना पहचान पत्र के साइबर कैफे का उपयोग करने पर लगी रोक को 31 मार्च तक बढ़ा दिया है।
चंडीगढ़ के उपायुक्त मोहम्मद शाइन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि साइबर कैफे मालिकों को रजिस्टर रखना होगा, जिसमें उन्हें आने वालों का नाम, पता, फोन नंबर लिखना होगा।
बिना पहचान पत्र दिखाए किसी को भी साइबर कैफे उपयोग करने की इजाजत नहीं होगी। यदि किसी व्यक्ति पर संदेह हो तो कैफे मालिक पुलिस को सूचना दे सकते हैं।
उधर, उपायुक्त ने पेइंग गेस्ट मालिकों और रिहायशी क्षेत्र में बने मकानों के मालिकों और दुकानों के मालिकों के लिए भी संबंधित थाना प्रभारी को पीजी या किराएदार की जानकारी देना अनिवार्य किया है।
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इस आदेश को भी भी 31 मार्च तक के लिए एक्सटेंड कर दिया गया है। इसके अलावा बच्चों को करेक्शन फ्लूड बेचने पर भी लगी पाबंदी का समय भी 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है।
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चंडीगढ़ के उपायुक्त मोहम्मद शाइन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि साइबर कैफे मालिकों को रजिस्टर रखना होगा, जिसमें उन्हें आने वालों का नाम, पता, फोन नंबर लिखना होगा।
बिना पहचान पत्र दिखाए किसी को भी साइबर कैफे उपयोग करने की इजाजत नहीं होगी। यदि किसी व्यक्ति पर संदेह हो तो कैफे मालिक पुलिस को सूचना दे सकते हैं।
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उधर, उपायुक्त ने पेइंग गेस्ट मालिकों और रिहायशी क्षेत्र में बने मकानों के मालिकों और दुकानों के मालिकों के लिए भी संबंधित थाना प्रभारी को पीजी या किराएदार की जानकारी देना अनिवार्य किया है।
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इस आदेश को भी भी 31 मार्च तक के लिए एक्सटेंड कर दिया गया है। इसके अलावा बच्चों को करेक्शन फ्लूड बेचने पर भी लगी पाबंदी का समय भी 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है।