फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Customs Department Seized 532 Kg Heroin At Atari Of Amritsar

एक कुली की समझदारी से पकड़ी गई हेरोइन की सबसे बड़ी खेप, ऐसे हुआ शक तो खुला राज

Tue, 02 Jul 2019 03:56 AM IST
ajay kumar अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 02 Jul 2019 03:56 AM IST
विज्ञापन
Customs Department Seized 532 Kg Heroin At Atari Of Amritsar
बरामद हेरोइन और जानकारी देते हुए अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

एक कुली की समझदारी से अटारी बॉर्डर पर शनिवार को हेरोइन की सबसे बड़ी खेप पकड़ी गई थी। जानकारी के अनुसार कनिष्क इंटरप्राइजेज के मालिक गुरपिंदर सिंह ने बीते फरवरी में नमक की एक खेप पाकिस्तान से मंगवाई थी।

विज्ञापन


दूसरी खेप में उसने दस लाख से कुछ कम राशि का नमक मंगवाया। सूत्रों के अनुसार जब 600 बोरियों की इस खेप की इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) में लोडिंग की जा रही थी तो एक कुली को बोरी में कुछ अलग और नरम सा होने का अहसास हुआ। 
विज्ञापन


उसने उस बोरी को खूंटी के साथ हल्का सा फाड़ा तो अंदर नमक के स्थान पर पैकेट भरे थे। बोरी के ऊपर काले रंग का निशान भी था। कुली ने अपने साथियों से इस बारे में बातचीत कर इस बोरी को अलग कर दिया। तीन चार बोरियां उठाने के बाद फिर कुली को लगा कि काले रंग के निशान लगी दूसरी बोरी में भी नमक नहीं पैकेट हैं। इसके बाद उन्होंने कस्टम के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कस्टम अफसरों ने कुलियों को काले रंग के निशान लगीं बोरियां अलग करने को कहा। सभी 14 बोरियों की जांच से पता चला कि इसमें 532 किलोग्राम हेरोइन है। साथ ही कुछ अन्य बोरियों जिस पर कोई निशान नहीं था, उनसे 52 किलोग्राम अन्य नशीला पदार्थ बरामद किया गया। 

हेरोइन की अब तक की सबसे बड़ी खेप बरामद होने के बाद अफसरों ने गुरपिंदर को आईसीपी में ही बुला लिया जहां उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। वहीं गुरपिंदर ने इससे पहले वाली खेप मंगवाकर क्या श्रीनगर के हंदवाड़ा के व्यापारी तारिक अहमद को ही भेजी थी, इसकी जांच भी की जा रही है। वहीं जूडिशियल मजिस्ट्रेट ने गुरपिंदर सिंह और तारिक अहमद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

आईसीपी के भीतर की कार्यप्रणाली को जानता था गुरपिंदर 
गुरपिंदर सिंह आईसीपी के भीतर की सारी कार्यप्रणाली को जानता था। किसी क्लीयरिंग एजेंट्स के साथ कुछ वर्ष काम करने के बाद गुरपिंदर सिंह को पता था कि कस्टम अधिकारी नमक जैसी सस्ती आइटम की जांच में रुचि नहीं रखते। वे ड्राय फ्रूट की बोरियां समेत दूसरी महंगी आइटम पर निगरानी रखते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed