Curfew in Chandigarh: जमकर तोड़ा लॉकडाउन, खूब उड़ाईं धज्जियां, अभी नहीं मिलेगी राहत, पढ़ें- एक महीने का पूरा हाल
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देश में कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन को एक माह पूरे हो चुके हैं। चंडीगढ़ में भी कर्फ्यू के बीच लॉकडाउन जारी है। शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ दुकानों को खोलने की अनुमित दी थी। इसके बावजदू चंडीगढ़ के लोगों के लिए अभी फिरहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं है। चंडीगढ़ प्रशासन के मुताबिक तीन मई से पहले राहत को राहत नहीं मिलेगी। इसकी वजह यह है कि शहर में लगातार कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं, जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।
एडवाइजर ने किया ट्वीट
एडवाइजर मनोज परिदा ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि चंडीगढ़ कंटेनमेंट जोन है और यहां के लोग तीन मई तक किसी राहत की उम्मीद न करें। एडवाइजर ने कहा कि गृह मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश सिर्फ उन जगहों के लिए है, जो रेड जोन में नहीं आते हैं। चंडीगढ़ कोरोना का हॉटस्पॉट है, ऐसे में मंत्रालय के आदेश चंडीगढ़ के लिए नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को किसी भी राहत के लिए तीन मई तक का इंतजार करना होगा।
9.5 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग का काम पूरा
शहर भर में घर-घर हेल्थ स्क्रीनिंग का काम जारी है। अब तक साढ़े नौ लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग की जा चुकी है। सेक्टर 46, 24, 43, 8, 25 और 28 के हिस्सों को कवर किया जा चुका है। इस दौरान जो भी संदिग्ध केस मिलते हैं, उनकी जांच की जाती है या जरूरत पड़ने पर उनके सैंपल लिये जाते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जल्द ही पूरे शहरवासियों के स्वास्थ्य की जांच का काम पूरा कर लिया जाए।
इन दुकानों को खुलाने की इजाजत
लॉकडाउन के दौरान सिर्फ जरूरी सामान वाले दुकानों को ही खोलने की इजाजत है। इसमें राशन, सब्जी और फल की दुकानें शामिल हैं। एक महीने से जारी लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद रहने से व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है।
एक कॉल पर प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और एसी मैकेनिक पहुंच रहे घर
भले ही लॉकडाउन में प्रशासन कोई ढील देने के मूड में न हो लेकिन उसे लोगों की चिंता जरूर है। तभी तो इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, एसी मैकेनिकों की सूची जारी की। पूरा शहर छह जोन में बांट दिया है। प्रत्येक क्षेत्र में इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और एसी मैकेनिक वहां के रहने वालों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। इन कर्मियों का विवरण चंडीगढ़ प्रशासन की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। सभी मैकेनिक मास्क, हैंड सैनिटाइजर और दस्ताने का उपयोग अवाश्यक किया गया है। सामाजिक दूरी का खास ख्याल रखा जा रहा है।
यहां से क्लिक कर पाएं प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और एसी मैकेनिक का मोबाइल नंबर
एक माह में साढ़े 21 लाख खाने के पैकेट बांटे
चंडीगढ़ की विभिन्न संस्थाओं की मदद से प्रशासन ने लॉकडाउन के दौरान अब तक 21 लाख 49 हजार पके हुए खाने के पैकेट जरूरतमंदों के बीच बांटे हैं। नगर निगम के कमिश्नर केके यादव ने बताया कि कर्फ्यू लगने के बाद से शहरवासियों ने विभिन्न एप के द्वारा 33,115 ऑनलाइन आर्डर किए, जिन्हें लोगों के घरों तक पूरी सुरक्षा के साथ पहुंचाया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 24000 परिवारों को गेहूं और दाल मुहैया कराया जा चुका है।
कोरोना मरीजों की रिकवरी के मामले में चंडीगढ़ का देश में तीसरा स्थान
कोविड-19 के रिकवरी के मामले में चंडीगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है। स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि देश का रिकवरी रेट 20 प्रतिशत है, जबकि चंडीगढ़ का 56 प्रतिशत है। इसके अलावा चंडीगढ़ में कोरोना के मामले करीब 30 दिन में दोगुना हो रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत साढ़े 8 दिनों का है। यह चंडीगढ़ के लिए राहत भरी खबर है।
दूसरे राज्यों से आने वाले लोग किए जा रहे क्वारंटीन
चंडीगढ़ में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन जा रहा है।। हालांकि, मोहाली और पंचकूला सहित पड़ोसी क्षेत्रों में रहने वाले वह लोग जो सरकारी ड्यूटी व अनिवार्य सेवाओं में लगे हैं, उन्हें इससे राहत मिली। वहीं बार्डर पर ही सभी की स्क्रीनिंग की जा रही है।
लॉकडाउन की वजह से लोग अपे घरों में हैं। ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन सीटीयू की बसों से हर सेक्टर पर जरूरी सामान और सब्जियों की आपूर्ति कर हा है। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लोगों को गेहूं और दाल मुहैया कराई जा रही है। इस पर प्रशासक ने आदेश दिए कि शहर के सभी आटा मिल को खोला जाए, ताकि जिन व्यक्तियों को गेहूं मिला है, वह उनकी पिसाई करा सकें। प्रशासन जरूरतमंद परिवारों तक मिल्क पाउडर भी पहुंचा रहा है।
अब तक 18058 लोग राउंडअप, 661 गिरफ्तार, 5603 वाहन जब्त
कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए डॉक्टरों के बाद पुलिस अहम रोल निभा रही है। ऐसे में रोजाना चंडीगढ़ पुलिस औसतन 600 लोगों को पकड़ रही है जो बेवजह शहर की सड़कों पर घूमते नजर आए हैं। 23 मार्च की मध्यरात्रि से अब तक तो शहर के अलग-अलग हिस्सों से 18058 लोगों को राउंडअप किया जा चुका है।
इनमें ईस्ट डिवीजन से 10395, सेंट्रल से 2934 और साउथ डिवीजन से 4729 लोग शामिल है। जबकि 423 केस दर्जकर 661 लोगों की गिरफ्तार हो चुकी है। वहीं 9470 वाहनों को चेकिंग के लिए रोका गया। जबकि बिना वजह सड़कों पर दौड़ रहे 5603 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अलावा पिछले 24 घंटे में पुलिस ने शहर के अलग-अलग जगहों से 296 लोगों को राउंडअप किया, जो बेवजह सड़कों पर घूम रहे थे।
महंगा पड़ रहा सुबह सैर करना, सार्वजनिक जगह पर थूकने में पाबंदी
सुबह पार्कों में सैर करना लोगों को महंगा पड़ रहा है। चंडीगढ़ पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर मॉर्निंग वॉक पर निकलने को लेकर 56 केस दर्ज किए थे। इसमें 182 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं मनीमाजरा में भी घर के पास गलियों में सैर कर रहीं 25 महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। चंडीगढ़ में सार्वजनिक स्थलों पर थूकने को दंडनीय अपराध बना दिया गया। अब अगर किसी ने पान, गुटका या तंबाकू आदि खाकर थूका तो उसे जेल भी जाना पड़ सकता है। इससे पहले शहर में पान, मसाला की बिक्री और खाने पर पाबंदी लगा दी गई है।
15 मई तक स्कूलों में छुट्टी
कोरोना वायरस के वजह ले लॉकडाउन के साथ कर्फ्यू शहर में जारी है। यूटी प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी स्कूलों में 15 अप्रैल से 15 मई तक गर्मियों की छुट्टियों घोषित कर दी है। वहीं, प्राइवेट स्कूलों को भी ऐसा ही करने की सलाह दी गई थी।
शहर में कोरोना ने ऐसे पकड़ी रफ्तार
- 18 मार्च को पहले मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई
- 20 मार्च को उस मरीज के संपर्क में आए उसके भाई, कुक और मां की रिपोर्ट पॉजिटिव आई
- 20 मार्च को ही यूके से एक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई
- 25 मार्च को दुबई से लौटे एक युवक में कोरोना की पुष्टि हुई
- 28 मार्च को उस युवक की मां की रिपोर्ट पॉजिटिव आई
- कनाडा से लौटे दंपति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई
- 30 मार्च को 5 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई
- 31 मार्च को 2 मरीजों में हुई कोरोना की पुष्टि
- 01 अप्रैल को सेक्टर 35 निवासी एक मरीज में हुई कोरोना की पुष्टि
- 02 अप्रैल को सेक्टर 33 निवासी 59 साल की महिला और 10 माह की बच्ची में कोरोना की पुष्टि
- 10 अप्रैल को सेक्टर 37 सी निवासी पीयू के प्रोफेसर में कोरोना की हुई पुष्टि
- 12 अप्रैल सेक्टर-37 सी निवासी पीयू के प्रोफेसर की सास और 8 साल की बेटी में हुई कोरोना की पुष्टि
- 17 अप्रैल अप्रैल को पीजीआई में काम करने वाले एक हेल्थ वर्कर और सेक्टर 30 निवासी महिला की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
- 19 अप्रैल अप्रैल को सेक्टर 30 निवासी कोरोना पॉजिटिव महिला के पति, बेटे और पोती में कोरोना की पुष्टि
- 24 अप्रैल को बापूधाम कालोनी में कोरोना का पॉजिटिव मिला।
- 25 बापूधाम कालोनी के पॉजिटिव मरीज के पिता और मौलीजागरां में ओटी अटेंड संक्रमित मिले।
अब तक 16 लोगों ने जीती कोरोना से जंग
- 02 अप्रैल को यूनाइटेड किंगडम(यूके) से लौटी सेक्टर- 34 निवासी महिला डॉक्टर।
- 04 अप्रैल को सेक्टर- 21 निवासी चंडीगढ़ की पहली कोरोना पॉजिटिव की मां और सेक्टर- 30 निवासी दुबई से लौटा युवक।
- 05 अप्रैल को चंडीगढ़ की पहली कोरोना पॉजिटिव मरीज का भाई और उसका सेक्टर- 19 निवासी दोस्त।
- 06 अप्रैल को चंडीगढ़ की पहली कोरोना पॉजिटिव सेक्टर 21 निवासी युवती और उसका सेक्टर 38 निवासी पारिवारिक दोस्त।
- 14 अप्रैल को चंडीगढ़ सेक्टर- 30 बी निवासी 40 साल की महिला और पीजीआई में कार्यरत दो नर्सिंग स्टाफ।
- 17 अप्रैल को सेक्टर- 21 निवासी 30 साल का युवक हुआ डिस्चार्ज।
- 19 अप्रैल को सेक्टर- 29 निवासी एक युवक और कनाडा से आया एक एनआरआई ठीक होकर पहुंचे घर।
- 24 अप्रैल को सेक्टर- 35 निवासी 49 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक होकर घर पहुंचा।
- 26 अप्रैल को कनाडा से लौटी कोरोना पॉजिटिव मनप्रीत और उसकी 10 माह की बच्ची ठीक होकर घर पहुंची।