सीटीयू ने पंचकूला में बसें चलाने की मांगी इजाजत, हरियाणा का अभी नहीं आया जवाब, अनुमति मिली तो चलेंगी
सीटीयू ने शहर में लोकल रूट पर बसें चलानी शुरू कर दी हैं। ट्राइसिटी में बसें चलाने के लिए सीटीयू ने पंजाब और हरियाणा से इजाजत मांगी थी। गुरुवार को पंजाब ने मोहाली, जीरकपुर समेत पुराने सभी रूटों पर बसें चलाने की अनुमति दे दी है लेकिन अभी हरियाणा ने कोई जवाब नहीं दिया है। हरियाणा की मंजूरी बाद ही सीटीयू की बसें पंचकूला में चलाई जा सकेंगी।
पंचकूला में सीटीयू बसों में सफर करने वालों की काफी संख्या है। चंडीगढ़ में दफ्तर खुलने के बाद पंचकूला के लोगों को काफी समस्या हो रही है। सीटीयू के डायरेक्टर उमा शंकर गुप्ता ने बताया कि ट्राइसिटी में बसें चलाने के लिए पंजाब और हरियाणा से इजाजत मांगी गई थी।
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पंजाब ने अगले ही दिन इजाजत दे दी लेकिन हरियाणा की ओर से अभी जवाब नहीं आया है। इस वजह से पंचकूला में बसें नहीं चलाई गई हैं। उन्होंने बताया कि मोहाली में सीटीयू बस सर्विस शुरू कर दी गई है। उधर, बसें अभी भी कम सवारियों के साथ चल रही हैं। इसे लेकर सीटीयू के अधिकारी चिंतित हैं।
गौरतलब है कि प्रशासन की मंजूरी के बाद सीटीयू ने चंडीगढ़ के 16 रूटों पर 47 बसों के माध्यम से अपनी सेवाएं शुरू कर दी थीं। बसों में यात्रा करने के लिए सिर्फ एक ही दाम 20 रुपये रखा गया है। बसों को चलाने के लिए समय भी तय किया है, जोकि सुबह 8 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक है।
बसों में हो रहा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
सीटीयू बसों को सुबह-शाम सैनिटाइज किया जा रहा है। आईएसबीटी के एंट्री प्वाइंट पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। डिपो में ड्राइवर और कंडक्टर की स्क्रीनिंग हो रही है। ड्राइवर और कंडक्टर को मास्क और ग्लव्स दिए गए हैं।
बस में सैनिटाइजर रखे गए हैं, जिसका इस्तेमाल यात्री भी कर सकते हैं। इसके अलावा बसों में बैठने की क्षमता को भी कम किया गया है। सीटीयू की 9 मीटर की बस में सिर्फ 13 यात्री बैठ सकेंगे, जबकि 12 मीटर की बस में सिर्फ 17 यात्री को सफर की इजाजत दी जा रही है।
बसों में सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का पालन किया जाएगा। यदि किसी यात्री ने मास्क नहीं पहना होगा तो उसे बस के अंदर बैठने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा बसों में एंट्री और एग्जिट भी अलग-अलग गेट से दी जा रही है।