आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने मचाई भारी तबाही, फसलें बिछीं, गांवों में घर गिरे, शहर में बिजली गुल
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पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यमुनानगर में सोमवार को जमकर बारिश हुई और ओले पड़े। इससे पहले आधे घंटे तक आंधी भी आई। जिससे बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे भी गिर गए। खंभे गिरने से शहर में ब्लैक आउट हो गया और देर रात तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई थी।
ओलावृष्टि से सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं यमुनानगर के नजदीक उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में सोमवार को भी बर्फबारी हुई। जिसके चलते मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है। वहीं अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। डीसी ने जिला अधिकारियों से ओलावृष्टि और बारिश की रिपोर्ट मांगी है।
तेज आंधी और बारिश से काफी संख्या में सड़क किनारे पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। 66 केवी पावर स्टेशन की मुख्य लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा गलियों और रास्तों पर भी खंभे गिर गए। दोपहर दो बजे शहर और जिले के अधिकतर इलाकों में बिजली काट दी गई। बारिश के चलते बिजली निगम कर्मचारी मेंटीनेंस का काम भी नहीं कर पाएं। देर शाम मेंटीनेंस का काम शुरू किया गया, जो देर रात तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई थी।
सहारनपुर कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर भारी मात्रा में पानी जमा होने से वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पडा। बरसात से एसके रोड पर शहर में बड़े बड़े गड्डे बन गये। बरसाती पानी की निकासी न होने से स्थानीय लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं यमुनानगर व जगाधरी में भी मुख्य सड़कों के साथ-साथ गलियों में पानी भर गया है। कमानी चौक से लेकर कन्हैया साहिब चौक तक पुराना हाईवे पानी में डूबा हुआ है।
ऑरेंज अलर्ट जारी, फिर बने ठंडे दिन के आसार
चंडीगढ़ मौसम केंद्र ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए 18 जनवरी तक यमुनानगर और आसपास के क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। बीच में कुछ देर तक मौसम साफ होने और घना कोहरा का भी अंदेशा बताया गया है। शिवालिक क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार को ही दिखने लगा था। दोपहर बाद ही बादल छा गए थे।
शहर में दिन का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम था जबकि रात का तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री ज्यादा रहा। बारिश के चलते फिर से ठंडे दिन के आसार बन गए हैं। ठंडे दिन उस स्थिति को कहते हैं, जब दिन का तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम रहा हो। जब दिन का तापमान सामान्य से आठ से दस डिग्री कम हो तो उसे ज्यादा ठंडे दिन कहा जाता है।
ओलावृष्टि से सब्जी फसलें तबाह
रादौर और जठलाना क्षेत्र में भारी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से जहां ठंड बढ़ गई है। वहीं सब्जी की खेती करने वाले किसानों की फसल पूरी तरह से तबाह होने पर उन पर दुखों का पहाड़ टूट पडा है। पहले से ही बारिश के कारण क्षेत्र में सब्जी की फसल काफी नष्ट हो चुकी है। अब बारिश व ओले पड़ने से किसानों की कमर टूट गई है।
किसानों की गोभी, गाजर, मूली, शलगम, आलू की फसल नष्ट हो गई है। जबकि टमाटर, शिमला मिर्च, प्याज की पौध भी बर्बाद हो गई है। जिससे अब किसान टमाटर, शिमला मिर्च व प्याज की खेती नहीं कर पाएंगे। तेज हवाओं, ओले पड़ने व भारी बरसात से गन्ने, सरसों, बरसीन की फसल जमीन पर चादर की तरह बिछ गई है।
कैथलः तीन एमएम बरसात के साथ कई गांवों में पड़े ओले
मौसम ने सोमवार को एक बार फिर से करवट ले ली। जिले में हल्की बरसात के साथ-साथ कुछ क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। एक ओर जहां बरसात गेहूं की फसल के लिए लाभदायक रही। वहीं सब्जियों की फसलों को नुकसान हुआ। बरसात के बाद जिले में सड़कों पर कीचड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्ण सिंह ने बताया कि सोमवार को कैथल में औसतन 3 एमएम बरसात हुई। गुहला व सीवन क्षेत्र के कुछ गांवों में ओलावृष्टि भी हुई। हालांकि सोमवार को सुबह धूप निकली लेकिन करीब 11 बजे आसमान में बादल छा गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। दोपहर के बाद घने बादल होने के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। सुबह 11 बजे से लेकर देर शाम तक बूंदाबांदी लगातार जारी रही।