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मुगल काल की विरासत यादविंद्रा गार्डन को ऐसे लगी रही नजर
ब्यूरो/अमर उजाला, दीपक शाही
Updated Mon, 17 Aug 2015 03:30 PM IST
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पंचकूला जिले के पिंजौर में स्थित यादविंद्रा गार्डन की रौनक को व्यवस्थागत खामियां नुकसान पहुंचा रही हैं। मनोरम हरियाली और मुगलई अंदाज के प्रति इस गार्डन का आकर्षण तो आज भी बरकरार है, लेकिन इसकी सुंदरता को यहां की अव्यवस्थाएं बट्टा लगा रही हैं।
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यूं तो पिंजौर गार्डन का जिक्र आते ही आंखों के सामने एक ऐसे स्थान की तस्वीर जेहन में उभरने लगती है जहां नैसर्गिक सौंदर्य पूरे वजूद के साथ मौजूद है। दिल्ली शिमला मार्ग पर चंडीगढ़ से करीब 21 किमी दूर शिवालिक पवर्तमालाओं से घिरे पिंजौर में मौजूद इस गार्डन को दूसरा मुगल गार्डन भी कहा जाता है।
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मगर आज यहां सरकारी स्तर से पर्यटन विकास के मामले में कुछ कमी नजर आती है। मुगल कालीन गार्डन की ओर हरियाणा सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां सुविधाओं के नाम पर पर्यटकों से मनमाना वसूली की जा रही है। इतना ही नहीं गार्डन में मौजूद शीश महल की दीवारें जगह-जगह दरक रही हैं।
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डेढ़ सौ रुपये में सौ मीटर की ऊंट सवारी
गार्डन के गेट पर पर्यटकों के लिए दो ऊंट खड़े किए गए हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को ऊंट की सवारी रास नहीं आती। क्योंकि यहां ऊंट चालक पर्यटकों से मनमाना वसूली करते हैं। एक बार तीन लोगों को सौ मीटर ऊंट की सवारी के लिए डेढ़ सौ रुपये चार्ज किया जाता है। इस मामले जब ऊंट चालकों से पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि एक साल का लाखों रुपये का टेंडर होता है। इसलिए वह लोगों से ज्यादा पैसे चार्ज करते हैं।
टिक्की और चार्ट की दुकानें रहती हैं खाली
गार्डन के अंदर बने रेस्टोरेंट का टिक्की और चार्ट एक बार जो चख लेता है दोबारा यहां खाना पसंद नहीं करता। पर्यटकों का कहना है कि यहां पर टिक्की और चार्ट व अन्य खुले पकवानों के नाम पर बीमारी को परोसा जा रहा है। पर्यटकों का आरोप है कि यहां बासी पकवान खिलाया जाता है।
कई पर्यटक तो ऐसे मिले जो पिंजौर गार्डन घूमने दूसरी बार आए थे। उन्होंने बताया कि कुछ खाना है तो पैकेट युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करें अन्यथा बीमार हो सकते हैं। पर्यटकों का मानना है कि यहां पर लोगों का आना जाना कम होता है। इसी वजह से दुकानदार बासी खाद्य पदार्थो को परोसते हैं।
किलेनुमा दीवारों पर प्रेमी जोड़े करते हैं प्रेम का इजहार
ऐतिहासिक धरोहर की छवि को प्रेमी जोड़े तार तार कर रहे हैं। इन आकर्षक दीवारों पर प्रेमी जोड़ों के इजहार भरे पड़े हैं। बिना रोक टोक प्रेमी जोड़े यहां आते हैं और कोयला या पेंट से गार्डन की दीवारों पर अपने प्यार का इजहार करते हैं। हैरत की बात है कि कई जगह दीवारों पर प्रेमी जोड़ों के ब्रेकअप की दास्तां भी लिखी हैं।