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स्मार्ट सिटी वही बनेगी, जिसका दावा मजबूत होगा: सीएम

Sun, 28 Jun 2015 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sun, 28 Jun 2015 09:23 AM IST
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criteria for smart city

सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार देश में 100 स्मार्ट सिटी बनेगी। यह स्मार्ट सिटी जनसंख्या और वहां की मौजूदा सुविधाओं के आधार पर बनाई जाएगी। हरियाणा को आबादी के हिसाब से दो स्मार्ट सिटी बनाई जाएगी। लेकिन वही शहर स्मार्ट सिटी बनेंगे जो तय पैरामीटर्स को पूरा करते हों।

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स्मार्ट सिटी के लिए पैरामीटर बना लिए गए हैं और 21 जुलाई इसके लिए सर्वे कराए जाएंगे। वे एमडीयू के फैकल्टी हाउस में सुबह सात बजे पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी शहर पैरामीटर्स पर खरा उतरेगा उसे स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा। इसके लिए इसके लिए शहरी निकाय प्रशासन को प्रोफोर्मा भर कर देना होगा।
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स्मार्ट सिटी के लिए शहर में मूलभूत सुविधाएं देखी जाएगी। जिसमें वहां की निकाय की ऑडिट सही समय पर हुई या नहीं?, शहर में लोगों के घरों और सरकारी दफ्तरों के अलावा सार्वजनिक टायलेट्स है या नही? इंफ्रास्ट्रक्चर कैसा है?शिक्षा, चिकित्सा, बिजली-पानी व लोगों की भागीदारी आदि की सुविधाओं को  देखा जाएगा।
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उन्होंने कहा कि भारत में पहली बार यह चुनौती रखी जा रही है कि देश के नागरिक अपनी शहरों के विकास का दृष्टिकोण तय करने में योगदान दे सकते हैं। इन सबको का आकलन करने के बाद जो बेहतर होगा उसे स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो शहर अच्छे हैंउन्हेंऔर अच्छा बनाने की कोशिश है। इसके लिए जनता को जागरूक होना होगा। स्मार्ट सिटी बनने वाले शहर को हर वर्ष एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

नई योजनाएं होगी लागू
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी के अलावा भाजपा की मोदी सरकार ने पुनरूद्वार और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (एएमआरयूटी) और सभी के लिए आवास मिशन की शुरूआत भी की है। उन्होंने कहा कि एएमआरयूटी योजना के तहत देशभर में 500 शहर विकसित किए जाने हैं और सभी के लिए आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में अगले 7 वर्षों में 2 करोड़ मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि एएमआरयूटी के तहत 500 शहरों की पहचान की जा रही है।

पहला एमबीबीएस खुद बना था
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 21  सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज होगा। जब उनसे यह पूछा गया कि मेडिकल कॉलेज के लिए फैकल्टी भी जरूरत होगी। जबकि पीजीआई रोहतक सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों में ही व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। ऐसे में 21 मेडिकल कॉलेज कैसे शुरू करेंगे? इस पर उनका कहना था कि दुनिया का पहला एमबीबीएस व्यक्ति जो बना था उसे किसी एमबीबीएस व्यक्ति ने नहीं बनाया था। हम नई नियुक्तियां करेंगे।

उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा को प्रोत्साहन देकर राज्य सरकार बड़ी संख्या में चिकित्सकों को तैयार करना चाहती है ताकि प्रदेश में डाक्टरों की कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में डाक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने अब तक लगभग 100 चिकित्सकों की नई नियुक्तियां भी की हैं। विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में जरूरत के अनुसार 112 चिकित्सकों को लगाया गया है।

100 नए चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। एक सवाल केजवाब में उन्होंने कहा कि निजी मेडिकल कालेजों द्वारा मैनेजमेंट कोटे की सीटों के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा आयोजन करने के मसले पर भारतीय चिकित्सा परिषद से बातचीत की जाएगी।


वर्ष 2015-16 के दौरान 100 नए अस्पताल भवनों, 12 नए सामुदायिक केंद्रों और 12 ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों का निर्माण किया जाएगा। पत्रकारवार्ता के बाद मुख्यमंत्री कुछ देर फैकल्टी हाउस में ही रुके और फिर चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए। जाते हुए उन्हें पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

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