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कोरोना के कारण संकट.. पीयू, पेक व सीसीईटी डिग्री विंग के अंतिम वर्ष के छात्रों को सता रही नौकरी की चिंता
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चंडीगढ़। कोरोना महामारी के कारण तमाम लोगों की नौकरियां गई हैं। ऐसे में नई नौकरियां मिलना भी आसान नहीं होगा। बाजार को इस समय मल्टी टास्किंग स्टाफ की तलाश है जो हर सांचे में फिट बैठे। जो जिम्मेदारी दी जाए उसे निभाए। इसी के साथ विद्यार्थियों को भी अपने कौशल का विकास करना होगा। यही पाठ शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। विद्यार्थी भी अपने को अपडेट कर रहे हैं। हालांकि नौकरियों को लेकर उनकी चिंता लगातार बढ़ रही है। शिक्षण संस्थान भी पूरे कोशिश में जुटे हैं कि उनका प्लेसमेंट का स्तर बरकरार रहे। अधिक से अधिक विद्यार्थियों को नौकरी मिले। पंजाब यूनिवर्सिटी, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) व चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी) के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को नौकरी की चिंता सता रही है। हालांकि ये संस्थान अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं।
सीसीईटी में चार ट्रेडों से 200 विद्यार्थी होते हैं पासआउट
सीसीईटी डिग्री विंग में विद्यार्थियों की संख्या लगभग 1200 है। यहां चार ट्रेड की पढ़ाई होती है। इसमें कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग शामिल हैं। फाइनल ईयर में हर साल लगभग 200 विद्यार्थी पास आउट होते हैं। इनकी प्लेसमेंट के लिए हर साल कंपनियां आती हैं। वह अपने लक्ष्य के मुताबिक विद्यार्थियों का चयन करती हैं और ऑफर लेटर देती हैं। पिछले साल भी लगभग 50 फीसदी विद्यार्थियों को बेहतर कंपनियों ने चुना, लेकिन कुछ विद्यार्थियों का प्लेसमेंट नहीं हो पाया। हालांकि बाद में उन्होंने अन्य माध्यमों से जरिए नौकरी पाई।
टॉप के इंजीनियरिंग संस्थान ही पूरे कर देंगे कंपनियों की जरूरतें
इस बार कोरोना का प्रकोप हुआ और यह मार्च से ही शुरू हो गया। लगभग नौ माह में पढ़ाई बाधित रही। साथ ही लॉकडाउन आदि के कारण कंपनियों को भी घाटा हुआ। हालांकि आईटी कंपनियों को कार्य अधिक प्रभावित नहीं रहा। जानकारों का कहना है कि कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों की मांग आज भी बाजार में है। इस बार भी कॉलेज तक प्लेसमेंट कंपनियां पहुंचेंगी, लेकिन विद्यार्थियों का मानना है कि नौकरी की संभावनाएं इस बार कम दिख रही हैं। सबसे बड़ी बात विद्यार्थी यह मान रहे हैं कि नौकरियां इस बार भी निकलेंगे। कंपनियों को लोगों की जरूरत होगी, लेकिन वह जरूरत टॉप के इंजीनियरिंग संस्थानों से पूरी हो जाएगी। छोटे इंजीनियरिंग संस्थानों के विद्यार्थियों को संघर्ष करना होगा। साथ ही कॉलेज प्रशासन की भी प्रतिष्ठा जुड़ी होती है। डिग्री विंग के प्राचार्य डॉ. एमएस गुजराल से संपर्क किया गया, लेकिन नहीं हो सका।
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इनसेट----
पेक छात्रों की प्लेसमेंट की पहले से कर रहा तैयारी
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) भी विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की पहले से ही तैयारी कर रहा है। उन्हें पता है कि इस बार बाजार में नौकरियों की कमी है, लेकिन अधिक से अधिक विद्यार्थियों को कैसे नौकरी दिलाएंगे, इसके लिए रास्ते निकालने होंगे। पेक हर साल लगभग दस विद्यार्थियों को 40 लाख से अधिक का पैकेज दिलाता है। कम से कम दस लाख का पैकेज बनता है। पेक के अधिकांश विद्यार्थियों को नौकरी हर साल मिलती आई है। इस बार कुछ मुश्किलें होंगी, उन्हीं को हल करने में पेक जुटा है।
इनसेट----
पीयू के लिए भी इस बार कड़ी परीक्षा
पीयू के यूआईईटी विभाग से बड़ी संख्या में इंजीनियर निकलते हैं। हर बार कंपनियों की यहां लाइन लगती है लेकिन इस बार कंपनियां कम रुचि दिखा रही हैं। हालांकि आठ से दस कंपनियों से बातचीत चल रही है। विभाग ने तैयारी की है तो उनके प्लेसमेंट का लेवल बना रहे। इस विभाग से हर साल 500 से अधिक विद्यार्थी पासआउट होते हैं। अधिकांश को नौकरियां मिल जाती हैं। इस तरह यूबीएस विभाग व मैनेजमेंट के विभाग भी प्लेसमेंट की तैयारी में जुटे हैं। पीयू खुद ही विभागों को इसके लिए अलर्ट कर रहा है ताकि विद्यार्थियों को दिक्कतें नौकरी को लेकर न आएं।
वर्जन---
इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को अधिक से अधिक नौकरियां मिलें, इसकी तैयारी की जा रही है। कोशिश है कि प्लेसमेंट का स्तर हमारा बरकरार रहे।
- प्रो. सरबजीत सिंह, प्लेसमेंट इंचार्ज, यूआईईटी विभाग पीयू
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सीसीईटी में चार ट्रेडों से 200 विद्यार्थी होते हैं पासआउट
सीसीईटी डिग्री विंग में विद्यार्थियों की संख्या लगभग 1200 है। यहां चार ट्रेड की पढ़ाई होती है। इसमें कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग शामिल हैं। फाइनल ईयर में हर साल लगभग 200 विद्यार्थी पास आउट होते हैं। इनकी प्लेसमेंट के लिए हर साल कंपनियां आती हैं। वह अपने लक्ष्य के मुताबिक विद्यार्थियों का चयन करती हैं और ऑफर लेटर देती हैं। पिछले साल भी लगभग 50 फीसदी विद्यार्थियों को बेहतर कंपनियों ने चुना, लेकिन कुछ विद्यार्थियों का प्लेसमेंट नहीं हो पाया। हालांकि बाद में उन्होंने अन्य माध्यमों से जरिए नौकरी पाई।
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टॉप के इंजीनियरिंग संस्थान ही पूरे कर देंगे कंपनियों की जरूरतें
इस बार कोरोना का प्रकोप हुआ और यह मार्च से ही शुरू हो गया। लगभग नौ माह में पढ़ाई बाधित रही। साथ ही लॉकडाउन आदि के कारण कंपनियों को भी घाटा हुआ। हालांकि आईटी कंपनियों को कार्य अधिक प्रभावित नहीं रहा। जानकारों का कहना है कि कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों की मांग आज भी बाजार में है। इस बार भी कॉलेज तक प्लेसमेंट कंपनियां पहुंचेंगी, लेकिन विद्यार्थियों का मानना है कि नौकरी की संभावनाएं इस बार कम दिख रही हैं। सबसे बड़ी बात विद्यार्थी यह मान रहे हैं कि नौकरियां इस बार भी निकलेंगे। कंपनियों को लोगों की जरूरत होगी, लेकिन वह जरूरत टॉप के इंजीनियरिंग संस्थानों से पूरी हो जाएगी। छोटे इंजीनियरिंग संस्थानों के विद्यार्थियों को संघर्ष करना होगा। साथ ही कॉलेज प्रशासन की भी प्रतिष्ठा जुड़ी होती है। डिग्री विंग के प्राचार्य डॉ. एमएस गुजराल से संपर्क किया गया, लेकिन नहीं हो सका।
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इनसेट----
पेक छात्रों की प्लेसमेंट की पहले से कर रहा तैयारी
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) भी विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की पहले से ही तैयारी कर रहा है। उन्हें पता है कि इस बार बाजार में नौकरियों की कमी है, लेकिन अधिक से अधिक विद्यार्थियों को कैसे नौकरी दिलाएंगे, इसके लिए रास्ते निकालने होंगे। पेक हर साल लगभग दस विद्यार्थियों को 40 लाख से अधिक का पैकेज दिलाता है। कम से कम दस लाख का पैकेज बनता है। पेक के अधिकांश विद्यार्थियों को नौकरी हर साल मिलती आई है। इस बार कुछ मुश्किलें होंगी, उन्हीं को हल करने में पेक जुटा है।
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पीयू के लिए भी इस बार कड़ी परीक्षा
पीयू के यूआईईटी विभाग से बड़ी संख्या में इंजीनियर निकलते हैं। हर बार कंपनियों की यहां लाइन लगती है लेकिन इस बार कंपनियां कम रुचि दिखा रही हैं। हालांकि आठ से दस कंपनियों से बातचीत चल रही है। विभाग ने तैयारी की है तो उनके प्लेसमेंट का लेवल बना रहे। इस विभाग से हर साल 500 से अधिक विद्यार्थी पासआउट होते हैं। अधिकांश को नौकरियां मिल जाती हैं। इस तरह यूबीएस विभाग व मैनेजमेंट के विभाग भी प्लेसमेंट की तैयारी में जुटे हैं। पीयू खुद ही विभागों को इसके लिए अलर्ट कर रहा है ताकि विद्यार्थियों को दिक्कतें नौकरी को लेकर न आएं।
वर्जन---
इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को अधिक से अधिक नौकरियां मिलें, इसकी तैयारी की जा रही है। कोशिश है कि प्लेसमेंट का स्तर हमारा बरकरार रहे।
- प्रो. सरबजीत सिंह, प्लेसमेंट इंचार्ज, यूआईईटी विभाग पीयू