पंजाब विधानसभा चुनाव: 315 प्रत्याशी अपराधी, 218 गंभीर अपराधों में संलिप्त, जानें- किस दल से कितने
चुनाव मैदान में 15 ऐसे प्रत्याशी हैं जो महिला अपराधों में संलिप्त हैं। दो प्रत्याशियों ने अपने हलफनामे में दुष्कर्म, 4 ने हत्या और अन्य ने हत्या के प्रयास के मामले का खुलासा किया है।
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पंजाब विधानसभा चुनाव में 315 अपराधी प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 218 प्रत्याशी अपराध के गंभीर मामलों में संलिप्त हैं। इस चुनाव में 65 अपराधी नेताओं को शिरोमणि अकाली दल ने टिकट देकर पहले स्थान पर है। आम आदमी पार्टी ने 58 ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दिया है जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। नामांकन के दौरान दाखिल हलफनामे में इसका खुलासा हुआ है। अब आयोग के निर्देश पर सभी राजनीतिक दल आपराधिक प्रत्याशियों के इश्तहार प्रकाशित कराएंगे।
पंजाब विधानसभा चुनाव में कुल 1304 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 28 प्रत्याशियों के दाखिल हलफनामों का विश्लेषण नहीं हो पाया है। इसकी वजह उनके द्वारा खराब हलफनामे दाखिल करना बताया जा रहा है। बचे 1276 प्रत्याशियों के हलफनामे ही पढ़ने योग्य मिले हैं। जिसके बाद आंकड़ों में मिली जानकारी के अनुसार 315 प्रत्याशियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले होने की घोषणा की है। इसमें 218 ऐसे प्रत्याशी हैं जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
प्रमुख दलों में शिअद से घोषित 97 प्रत्याशियों में से 65 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज मिले हैं। आप के घोषित 117 प्रत्याशियों में से 58, भाजपा की ओर से घोषित 71 प्रत्याशियों में से 27, शिअद (संयुक्त) के 14 प्रत्याशियों में से 4, बसपा के 20 उम्मीदवारों में 3, कांग्रेस के घोषित 117 प्रत्याशियों में से 16 और पंजाब लोक कांग्रेस के 27 प्रत्याशियों में से 3 ने अपने खिलाफ आपराधिक और गंभीर आपराधिक मामले बताए हैं।
2017 के मुकाबले बढ़ा ग्राफ
2017 के मुकाबले इस बार पंजाब विधानसभा चुनाव में 215 अपराधी प्रत्याशी बढ़े हैं। 2017 में 1145 प्रत्याशियों में से 100 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे। इनमें सात ऐसे प्रत्याशी थे, जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। इस बार 315 प्रत्याशियों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
अब देना होगा इश्तहार
अखबारों और टेलिविजन में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि का एलान करने के लिए पहला इश्तहार प्रकाशित करने की अंतिम तारीख 8 फरवरी को समाप्त हो गई है। अब आयोग ने हिदायत दी है कि सभी राजनीतिक दलों को तीन बार अखबारों में प्रत्याशी की आपराधिक पृष्ठभूमि की घोषणा करना जरूरी होगा। पहला इश्तहार नामांकन वापस लेने के चार दिनों पहले, दूसरा इश्तहार नामांकन वापस लेने के 5वें से 8वें दिन के बीच और तीसरा इश्तहार 9वें दिन से प्रचार के आखिरी दिन (चुनाव की तारीख से एक दिन पहले) तक दिया जा सकता है।
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और पीठासीन अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों पर नजर रखें। वह निर्धारित समय के दौरान आपराधिक पृष्ठभूमि संबंधी इश्तहार प्रकाशित कर रहे हैं या नहीं। इसका पूरा रिकॉर्ड रखने को भी कहा गया है। डॉ. एस करुणा राजू, मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब।