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सड़क हादसे में नौजवान BPO कर्मी की दर्दनाक मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Mon, 05 Jan 2015 01:44 PM IST
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फेज-5 स्थित गुरुद्वारे के पास शनिवार देर रात एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से बीपीओ कंपनी के मुलाजिम की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब युवक सड़क पार कर रहा था। कार युवक को हिट कर काफी दूर तक घसीटकर ले गई। इसके बाद युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। हालांकि कार चालक भागने में कामयाब रहा। मृतक की पहचान हरप्रीत सिंह (21) निवासी अमृतसर के रूप में हुई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। घटना स्थल से पुलिस को गाड़ी की नंबर प्लेट सहित कई अन्य अहम सबूत मिले हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही गाड़ी की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
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फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में पहुंचे मृतक के पिता मंगत राम ने बताया कि उन्हें पता चला है कि शनिवार को हरप्रीत की ड्यूटी नहीं थी। इस संबंध में कंपनी की तरफ से उसे मैसेज भी किया गया था। लेकिन युवक व उसके कुछ साथियों को मोबाइल पर मैसेज नहीं मिला।
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अगर मैसेज मिल गया होता होता तो उनका बेटा जिंदा होता। उन्होंने बताया कि उनके चार बच्चे हैं। मृतक हरप्रीत तीसरे नंबर वाला है। हरप्रीत का बड़ा भाई उड़ीसा में तैनात है। उन्होंने बताया कि 2013 में ही हरप्रीत ने एमएससी आईटी की थी। साथ ही बीएसएफ में जाने की तैयारी भी कर रहा था।
पिता ने कहा कि हमारी आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। दोनों भाई पढ़ने में होशियार थे। ऐसे में उन्हें पढ़ाने के लिए मैने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उन्होंने बताया कि आखिरी बार हरप्रीत से दो दिन पहले बात हुई थी।
एबुलेंस ने मना किया, ट्रॉली में ले गए शव
घटनास्थल पर पुलिस ने शव को ले जाने के लिए एबुलेंस मंगाई थी। लेकिन एंबुलेंस के ड्राइवर ने शव ले जाने से मना कर दिया। ड्राइवर का कहना था कि वह शव को एबुलेंस में नहीं ले जा सकता। उसे इस बात कि हिदायत दी गई है। एबुलेंस में सिर्फ घायलों को ही ले जा सकते हैं।
इस दौरान एबुलेंस चालक और एएसआई के बीच काफी बहस भी हुई। एएसआई का कहना था कि तुुम डॉक्टर नहीं हो। ऐसे में तुम कैसे कह सकते हो कि यह युवक मर चुका है। इस बात कि पुष्टी डॉक्टर करेगा। लेकिन इस का भी ड्राइवर पर कोई असर नहीं हुआ। आखिर में पुलिस कर्मियों ट्रॉली मंगाकर मृतक का शव फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल भेजा।
लोगों ने किया पुलिस का काम किया
युवक को जिस कार ने हिट किया था। उसके भी परखचे उड़ गए थे। जिस जगह पर टक्कर हुई उस जगह से लेकर बहुत दूर तक गाड़ी के हिस्से गिरे थे। लोगों ने गाड़ी का नंबर और अन्य पार्ट्स इकट्ठे कर पुलिस को सौंपे। ताकि कार का सुराग लगाया जा सके।
भगवान के लिए सच बताओ
हरप्रीत के पिता को जब पुलिस वालों ने रात को घटना के बारे में सूचना देने के लिए फोन किया। तो उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि हादसे में उनके बेटे की जान चली गई है। उन्होंने पुलिस मुलाजिमों से कहा कि वे उनसे मजाक न करें। भगवान के लिए उन्हें सच बताएं। आखिरी में पुलिस वालों ने उन्हें मोहाली आने के लिए कहकर फोन रख दिया था।