कोई रिश्वत मांगे तो इस नंबर पर व्हाट्सऐप करें
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करनाल के एसपी अभिषेक गर्ग ने कहा कि वे किसी भी भ्रष्टाचारी द्वारा पैसे की डिमांड करने की सूचना, वीडियो व रिकॉर्डिंग जिला पुलिस द्वारा आमजन के लिए संचालित व्हाट्सएप नंबर 9729990754 पर दें, ताकि भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सके।
गौरतलब है कि पैसे लेकर पशु तस्करी कराने के मामलों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी के निर्देश पर एएसपी वसीम अकरम ने पुलिस कर्मचारियों का स्टिंग ऑपरेशन किया।
सिविल ड्रेस में एएसपी पशुओं से भरे एक ट्रक में बैठे और शहर में लगे पुलिस नाकों से गुजरे तो हर नाके पर एएसपी से पुलिस कर्मचारियों ने ट्रक को आगे जाने के लिए पैसे लिए। ऐसे में रिश्वत लेने वाले सभी कर्मचारी ऑपरेशन में फंस गए। ट्रक आगे निकलता रहा और पीछे से डीएसपी के नेतृत्व में टीम आरोपियों को गिरफ्तार करती रही, हालांकि एक पुलिसकर्मी फरार हो गया।
स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम अल सुबह दो से चार बजे तक दिया गया। शनिवार को पुलिस ने सातों कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया। इनमें पांच पुलिस कर्मचारी और दो होम गार्ड के जवान शामिल हैं। रविवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। उधर, इस स्टिंग ऑपरेशन से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
स्टिंग ऑपरेशन करके रिश्वत लेते 7 पुलिसकर्मी पकड़े
एसपी अभिषेक गर्ग के पास लगातार पशु तस्करी के वाहनों को आगे जाने के लिए रिश्वत लेने की शिकायतें आ रही थी। शुक्रवार को पशु व्यापारी एसपी से पास पहुंचे और शिकायत दी कि पुलिस उनसे एंट्री के नाम पर पैसे लेती है। इस पर एसपी ने एएसपी वसीम अकरम के नेतृत्व में टीम गठित की। शुक्रवार रात को ही वसीम अकरम व उसकी टीम ने अपना काम शुरू कर दिया।
अल सुबह तीन बजे पशुओं से भरे व्यापारियों के ट्रक में एएसपी सिविल ड्रेस में गए। जीटी रोड होते हुए यह ट्रक देवीलाल चौक पर पहुंचा तो ट्रक को देखते ही हाईवे एंबुलेंस के सिपाही कुलदीप व होमगार्ड प्रदीप ने उनको रोक लिया। दोनों ने एएसपी से एक हजार रुपये रिश्वत ली और छोड़ दिया। ट्रक के आगे जाते ही डीएसपी की टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद, ट्रक महाराणा प्रताप चौक पहुंचा तो पीसीआर नंबर तीन में ईएएसआई सतबीर सिंह, सिपाही सुरेंद्र व होमगार्ड विक्रम सिंह ने भी ट्रक को आगे नहीं जाने दिया। यहां पर भी एएसपी ने खुद दो हजार रुपये की घूस कर्मचारियों को दी, साथ ही पीछे से टीम ने सभी को काबू कर लिया, जबकि सिपाही सुरेंद्र सिंह फरार हो गया।
इसी दौरान ट्रक शहर से होते हुए कैथल की तरफ रवाना हुआ। सुबह करीब चार बजे ट्रक निसिंग पहुंचा तो गुरुद्वारा चौक पर पीसीआर नंबर 22 पर तैनात ईएएसआई फूल सिंह, ईएचसी लख्खी राम ने भी अन्य पुलिस कर्मचारियों की तरह धौंस दिखाते हुए ट्रक को रोका। चेकिंग के नाम पर दो हजार रुपये की घूस लेते उन्हें भी काबू किया।
कामयाब रही स्टिंग ऑपरेशन की रणनीति
रणनीति के तहत एएसपी को पशुओं के ट्रक में बैठाया गया, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद जहां जहां पुलिस वाले एएसपी से पैसे लेते रहे, एएसपी ने अपने पीछे आ रही डीएसपी राजेश लौहान की टीम को अवगत कराते रहे और कर्मचारी हत्थे चढ़ते रहे। किसी भी कर्मचारी को दूसरों के सूचना देने का समय नहीं लग पाया।
यह मामला पूरी तरह से गोपनीय रखा गया और एएसपी की रणनीति कामयाब रही। सभी आरोपियों को सिटी थाने में लाया गया। एएसपी वसीम अकरम की शिकायत पर पांच आरोपियों के खिलाफ सिटी थाना व दो के खिलाफ निसिंग थाना में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इसी मामले को देखते हुए एसएसपी ने लोगों से बताए गए नंबर को यूज करने की अपील की।