एक युद्ध नशे के विरुद्ध: लुधियाना में दो चिट्टा तस्करों को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, कपड़े तक फाड़ डाले
चिट्टा तस्करी के लिए कुख्यात गांव मडेआणी में दो दिन पहले भी दाखा पुलिस ने दबिश देकर तस्कर महिला और उसके दो बेटों को चिट्टा, नशे के कैप्सूल और ड्रग मनी के साथ गिरफ्तार किया था।
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पंजाब में धीरे-धीरे नशे के खिलाफ अब लोगों में आक्रोश पनप रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगता है कि चिट्टे की बिक्री के लिए जाने जाते गांव मडेआणी में सोमवार को हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने दो चिट्टा तस्करों का पीछा कर उन्हें मुल्लांपुर तलवंडी खुर्द लिंक सड़क पर दबोच लिया और जमकर पीटा। उनके कपड़े फाड़ डाले। मौके पर पहुंची सरपंच गुरप्रीत कौर ने भी लोगों के साथ मिलकर दोनों तस्करों पर जमकर हाथ साफ किया, साथ ही उनके कब्जे से बरामद चिट्टे की पुड़िया भी लोगों को दिखाई। इसके बाद कुछ बुजुर्गों ने बीचबचाव कर दोनों तस्करों को भीड़ से अलग तो किया लेकिन रह-रहकर लोग धुनाई करते रहे।
पुलिस के हत्थे चढ़ने से पहले दोनों तस्कर पिटाई से बेसुध हो चुके थे। लोगों ने तस्करों के कब्जे से पांच अलग-अलग पुड़िया में रखा चिट्टा, सिरिंज और लाइटर समेत हजारों रुपये की ड्रग मनी बरामद कर दाखा पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। आरोपियों की पहचान रवि सिंह और बलविंदर सिंह निवासी मडेआणी के रूप में हुई है।
बता दें कि इसी परिवार के नौ सदस्यों को पिछले दिनों दाखा पुलिस चिट्टे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। सोमवार को मौके पर पहुंचे डीएसपी दाखा जशनदीप सिंह गिल ने कहा कि आरोपी रवि सिंह खुद भी नशे का आदी है। सोमवार को भी वो गांव कुल्ल गहणा से नशे की खेप लेकर आया था। उसने खुद भी इसमें से नशे का टीका लगा लिया था। उन्हें गांव के बुजुर्ग सुखविंदर सिंह ने अन्य नौजवान युवकों के साथ पीछा कर दबोचा।
ये दोनों तस्कर हरमन सिंह निवासी मुल्लांपुर को नशा बेच रहे थे, जब इन्हें पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि चिट्टा तस्करी के लिए कुख्यात गांव मडेआणी में दो दिन पहले भी दाखा पुलिस ने दबिश देकर तस्कर महिला और उसके दो बेटों को चिट्टा, नशे के कैप्सूल और ड्रग मनी के साथ गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा चिट्टा बेचकर खरीदे मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया था। आरोपियों की पहचान जसविंदर कौर उर्फ बंटी और उसके बेटे धर्मप्रीत सिंह और गोल्डी सिंह के तौर पर हुई थी। इनके कब्जे से चिट्टा, नशे की 140 गोली और 8500 रुपये ड्रग मनी बरामद की थी। मोटरसाइकिल भी जब्त कर लिया था। इससे पहले इसी परिवार के छह अन्य सदस्य जेल भेजे गए थे। सोमवार के दो और मिलाकर मडेआणी के इस तस्कर परिवार के 11 सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। कुछ अब भी फरार हैं ।
सरपंच ने घरों से बरामद की थी ढाई लाख की ड्रग मनी
गांव में सरेआम बिक रहे नशे पर नकेल कसने में नाकाम रह रही जिला ग्रामीण पुलिस के खिलाफ मुखर होकर महिला सरपंच गुरप्रीत कौर ने मोर्चा खोला था। महिला सरपंच गुरप्रीत कौर ने पिछले दिनों खुद तस्करों के घरों में जाकर करीब ढाई लाख रुपये की ड्रग मनी, चिट्टा तोलने का इलेक्ट्रिक कांटा, चिट्टे की एवज में लोगों के गिरवी रखे सोना चांदी के गहने, जिस पर बाकायदा पर्ची लगाकर लोगों के नाम-पता दर्ज थे। इसके अलावा महंगे मोबाइल फोन और अन्य महंगे सामान जब्त कर पुलिस को सौंपा था।
पंजाब सरकार ने पत्र भेजकर सरपंच को सराहा
इसके बावजूद पुलिस का ढुलमुल रवैया देख महिला सरपंच गुरप्रीत कौर सड़कों पे उतर आईं। सरपंच ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ लुधियाना-फिरोजपुर राष्ट्रीय मार्ग पर धरना देकर छह घंटे तक यातायात ठप किया था। इसके बाद आईजी लुधियाना रेंज सुरिंदरपाल सिंह परमार की अगुवाई में 12 से अधिक अफसरों और पुलिस मुलाजिमों ने गांव को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया था। उस दिन भी इसी परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। नशा तस्करों के खिलाफ खुलकर मैदान में उतरी महिला सरपंच गुरप्रीत कौर की दिलेरी पर पंजाब सरकार ने पत्र भेजकर पीठ थपथपाई है।