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पुलिस अफसरों की ब्लैक मनी बढ़ा रहा था विक्रम
अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sun, 10 Nov 2013 11:39 AM IST
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विक्रम धीमान पिछले दस साल से चंडीगढ़ पुलिस के कई अधिकारियों की करोड़ों की ब्लैक मनी को सूद पर उठा रहा था। इतना ही नहीं शहर के कुछ राजनीतिज्ञ भी इस खेल में जुटे थे।
वह इस ब्लैक मनी को पंजाब में व्यापारियों को मोटे ब्याज पर देता था और उससे इन अधिकारियों को नियमित भुगतान करता था।
दस साल में उस पर पुलिस वालों का भरोसा इतना जम गया था कि सारा धंधा बिना किसी गारंटी और दस्तावेज के चल रहा था।
अप्रैल से बदल गया था रवैया
विक्रम धीमान के करीबी रहे लोगों के अनुसार इस साल अप्रैल से उसका रवैया बदल गया था। उसने एक-एक कर सूदखोर पुलिस वालों के भुगतान रोकने शुरू कर दिए।
इस दौरान उसने जो गतिविधियां कीं वह उसके इरादों का संकेत देती हैं। वर्ष 2003 में उसने पंचकूला के सेक्टर-2 में जो कोठी खरीदी थी उसका अपने नाम आलाटमेंट का लेटर इस साल 19 जून को लिया और 20 जून को इसकी रजिस्ट्री भाटिया दंपत्ति के नाम कर दी।
रजिस्ट्री के अनुसार यह कोठी उसने 96 लाख पांच हजार रुपये में बेची। इतना ही नहीं इसी कोठी के लिए उसने करीब एक महीने पहले चंडीगढ़ के एक प्रॉपर्टी डीलर से कई लाख का बयान ले लिया था।
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अब यह प्रापर्टी डीलर भी पुलिस को शिकायत देने की तैयारी कर रहा है। करीबी सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि इस कोठी का सौदा करवाने में चंडीगढ़ के एक पुलिस वाले और नेता ने भी अहम भूमिका निभाई।
लोन की गाड़ी भी बेची
दो नवंबर को गायब होने से पहले विक्रम ने अपनी जो क्रूजर गाड़ी बेची है उसके लोन की किस्तें अभी बकाया हैं। अब पंचकूल और मोहाली के पुलिस वालों के भी कई नाम सामने आ रहे हैं, जिन्होंने विक्रम से लाखों रुपया लेना है। विक्रम करोड़ों रुपये की कमेटी भी चला रहा था। इसका भुगतान भी उसने बंद कर दिया था।
चंडीगढ़ पुलिस जबाव तैयार करने में जुटी
चंडीगढ़ पुलिस को 2 दिसंबर में विक्रम द्वारा सुरक्षा की मांगने के मामले में जवाब दाखिल करना है। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जवाब तैयार किया जा रहा है। इसलिए सेखों दंपति से पक्ष जल्द देने को कहा गया है।
यह है मामला
करीब एक महीने पहले विक्रम धीमान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चंडीगढ़ पुलिस के एसआई हरिंदर सिंह सेखों और उनकी सब इंस्पेक्टर पत्नी पर धमकी देने का आरोप लगाया था। विक्रम ने अपनी याचिका में कहा था कि सेखों दंपति ने उसे ढाई करोड़ रुपये ब्याज पर देने के लिए दिए थे।
ये पैसे जिन्हें उधार दिए गए, वे पैसा लौटाने की स्थिति में नहीं हैं। अब वह दंपति को ब्याज नहीं दे पा रहा है और दंपति इसके लिए उसे धमकियां दे रहा है। इसलिए उसे सुरक्षा मुहैया कराई जाए। इस पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांग है।
बीस साल में बना बड़ा खिलाड़ी
करीबी दोस्तों के अनुसार उसने 25 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सूद पर उठा रखी थी। बीस साल पहले वह शहर के एक ढाबे में पर्चियां काटने का काम करता था।
उसके बाद उसने दोपहिया वाहनों की खरीद-फरोख्त का काम शुरू किया। वह पहले चंडीगढ़ के सेक्टर-30 में रहता था, उसके बाद पंचकूला के सेक्टर-2 में शिफ्ट कर गया था। उसे लग्जरी गाड़ियों में घूमने का शौक था।
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वह इस ब्लैक मनी को पंजाब में व्यापारियों को मोटे ब्याज पर देता था और उससे इन अधिकारियों को नियमित भुगतान करता था।
दस साल में उस पर पुलिस वालों का भरोसा इतना जम गया था कि सारा धंधा बिना किसी गारंटी और दस्तावेज के चल रहा था।
अप्रैल से बदल गया था रवैया
विक्रम धीमान के करीबी रहे लोगों के अनुसार इस साल अप्रैल से उसका रवैया बदल गया था। उसने एक-एक कर सूदखोर पुलिस वालों के भुगतान रोकने शुरू कर दिए।
इस दौरान उसने जो गतिविधियां कीं वह उसके इरादों का संकेत देती हैं। वर्ष 2003 में उसने पंचकूला के सेक्टर-2 में जो कोठी खरीदी थी उसका अपने नाम आलाटमेंट का लेटर इस साल 19 जून को लिया और 20 जून को इसकी रजिस्ट्री भाटिया दंपत्ति के नाम कर दी।
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रजिस्ट्री के अनुसार यह कोठी उसने 96 लाख पांच हजार रुपये में बेची। इतना ही नहीं इसी कोठी के लिए उसने करीब एक महीने पहले चंडीगढ़ के एक प्रॉपर्टी डीलर से कई लाख का बयान ले लिया था।
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अब यह प्रापर्टी डीलर भी पुलिस को शिकायत देने की तैयारी कर रहा है। करीबी सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि इस कोठी का सौदा करवाने में चंडीगढ़ के एक पुलिस वाले और नेता ने भी अहम भूमिका निभाई।
लोन की गाड़ी भी बेची
दो नवंबर को गायब होने से पहले विक्रम ने अपनी जो क्रूजर गाड़ी बेची है उसके लोन की किस्तें अभी बकाया हैं। अब पंचकूल और मोहाली के पुलिस वालों के भी कई नाम सामने आ रहे हैं, जिन्होंने विक्रम से लाखों रुपया लेना है। विक्रम करोड़ों रुपये की कमेटी भी चला रहा था। इसका भुगतान भी उसने बंद कर दिया था।
चंडीगढ़ पुलिस जबाव तैयार करने में जुटी
चंडीगढ़ पुलिस को 2 दिसंबर में विक्रम द्वारा सुरक्षा की मांगने के मामले में जवाब दाखिल करना है। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जवाब तैयार किया जा रहा है। इसलिए सेखों दंपति से पक्ष जल्द देने को कहा गया है।
यह है मामला
करीब एक महीने पहले विक्रम धीमान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चंडीगढ़ पुलिस के एसआई हरिंदर सिंह सेखों और उनकी सब इंस्पेक्टर पत्नी पर धमकी देने का आरोप लगाया था। विक्रम ने अपनी याचिका में कहा था कि सेखों दंपति ने उसे ढाई करोड़ रुपये ब्याज पर देने के लिए दिए थे।
ये पैसे जिन्हें उधार दिए गए, वे पैसा लौटाने की स्थिति में नहीं हैं। अब वह दंपति को ब्याज नहीं दे पा रहा है और दंपति इसके लिए उसे धमकियां दे रहा है। इसलिए उसे सुरक्षा मुहैया कराई जाए। इस पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांग है।
बीस साल में बना बड़ा खिलाड़ी
करीबी दोस्तों के अनुसार उसने 25 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सूद पर उठा रखी थी। बीस साल पहले वह शहर के एक ढाबे में पर्चियां काटने का काम करता था।
उसके बाद उसने दोपहिया वाहनों की खरीद-फरोख्त का काम शुरू किया। वह पहले चंडीगढ़ के सेक्टर-30 में रहता था, उसके बाद पंचकूला के सेक्टर-2 में शिफ्ट कर गया था। उसे लग्जरी गाड़ियों में घूमने का शौक था।