{"_id":"5910cc9e4f1c1bb73785120e","slug":"vicky-gounder-connection-in-meet-murder-in-panchkula","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मीत की हत्या में विक्की गौंडर कनेक्शन, FB पर रात में ही डाल दिया था स्टेटस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मीत की हत्या में विक्की गौंडर कनेक्शन, FB पर रात में ही डाल दिया था स्टेटस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 09 May 2017 10:01 AM IST
विज्ञापन
मीत की हत्या में विक्की गौंडर कनेक्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ के बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत की हत्या के पीछे कहीं गैंगस्टर विक्की गोंडर का हाथ भी हो सकता है। इसका संकेत उसकी फेसबुक वॉल पर मीत की हत्या से ठीक पहले लिखी गई लाइनें दे रहीं हैं। इसमें उसने साफ लिखा है कि असी सबकुछ अपनी दुश्मनी करके ही करदे हां...। जेड़ा कम असी खुद करांगे उस्दा सब नू आपे ही पता लग्ग जाऊंगा। हालांकि घटना स्थल की जांच कर रही पुलिस की टीमों का कहना है कि वह मामले में विभिन्न थ्योरियों पर काम कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, अमित शर्मा उर्फ मीत का गोंडर गैंग से पुराना विवाद था। पता चला है कि गोंडर गैंग के किसी आदमी से पंगा हो गया था। इसके बाद से दोनों के रिश्ते खराब हो गए थे। यहां तक यह बात भी सामने आई थी कि जब नाभा जेल ब्रेक कांड हुआ था उस समय विक्की गोंडर व उसके साथी फरार हो गए थे। ठीक उसी दिन मोहाली में हुई फायरिंग के मामले में कई महीनों से फरार चल रहे मीत ने सरेंडर कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक मीत को संदेह था कि अगर वह बाहर रहेगा तो विक्की गोंडर उसकी हत्या करवा देगा। इसके बाद उसने सरेंडर कर दिया था।
छह महीने बाद गोंडर का एफबी हुआ एक्टिव
जानकारी के मुताबिक विक्की गोंडर ने आखिरी कमेंट 11 नवंबर 2016 को किया था। इसके बाद रविवार रात को एक पोस्ट की थी। इसमें उसने आठ लाइनों में अपना संदेश लिखा था। जिसे शाम तक 376 लोगों ने लाइक किया था। जबकि चार लोगों ने उस मैसेज को शेयर किया था। वहीं, कई लोगों ने उसे अपने कमेंट लिखे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, अमित शर्मा उर्फ मीत का गोंडर गैंग से पुराना विवाद था। पता चला है कि गोंडर गैंग के किसी आदमी से पंगा हो गया था। इसके बाद से दोनों के रिश्ते खराब हो गए थे। यहां तक यह बात भी सामने आई थी कि जब नाभा जेल ब्रेक कांड हुआ था उस समय विक्की गोंडर व उसके साथी फरार हो गए थे। ठीक उसी दिन मोहाली में हुई फायरिंग के मामले में कई महीनों से फरार चल रहे मीत ने सरेंडर कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक मीत को संदेह था कि अगर वह बाहर रहेगा तो विक्की गोंडर उसकी हत्या करवा देगा। इसके बाद उसने सरेंडर कर दिया था।
विज्ञापन
छह महीने बाद गोंडर का एफबी हुआ एक्टिव
जानकारी के मुताबिक विक्की गोंडर ने आखिरी कमेंट 11 नवंबर 2016 को किया था। इसके बाद रविवार रात को एक पोस्ट की थी। इसमें उसने आठ लाइनों में अपना संदेश लिखा था। जिसे शाम तक 376 लोगों ने लाइक किया था। जबकि चार लोगों ने उस मैसेज को शेयर किया था। वहीं, कई लोगों ने उसे अपने कमेंट लिखे है।
विज्ञापन
यह लिखा था मैसेज में गोंडर ने
सकेतड़ी में दिनदहाड़े बाउंसर की गोलियां बरसाकर हत्या
यह लिखा था मैसेज में गोंडर ने
गोंडर ने अपने संदेश की शुरुआत वाहेगुरु जी का खासला, वाहेगुरु जी के फतेह से की है। इसके बाद उन्होंने साफ लिखा कि बनूड़ व एक अन्य जगह हुई लूट में उनका कोई हाथ नहीं है। पंजाब पुलिस जानबूझ कर मेरे सिर पर झूठे पर्चे डाल रही है। अस्सी सबकुछ अपणी दुश्मनी करके ही करदे हां। जेहड़ा कम असीं खुद करांगे उसदा सबनूं आपे ही पता लग्ग जाऊंगा।
वाहेगुरु हमेशा तैनूं चढ़दी कला रखे
इस दौरान कुछ लोगों ने विक्की गोंडर के कमेंट पर लिखा है कि उन्हें भी पता है कि भाई ऐसे छोटे काम नहीं करता है। उन्होंने कहा कि वाहेगुरु हमेशा तैनू चढ़दी कला च रखे।
रेकी के बाद की हत्या
मंदिर के बाहर बैठने वाले एक साधु ने बताया कि दो युवकों ने कुछ देर पहले उनसे पूछा कि यहां पेशाब करने की कोई जगह है। साधु ने थोड़ी दूर जाने को कहा, लेकिन दोनों युवक वहीं पर रुक गए। चंद मिनटों बाद जैसे ही मीत अपनी कार में बैठने के लिए बढ़ा, वहां मौजूद एक के बाद एक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर लोगों को लगा कि शायद ट्रांसफार्मर में धमाका हुआ है, चंद सेकेंड में ही दोनों युवक कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर देरी से वारदात स्थल पर पहुंचने का आरोप लगाया है। पुलिस यह भी मान रही है कि इस घटना को अंजाम देने वालों में कोई ऐसा व्यक्ति भी शामिल है और इसकी पहले ही रेकी की गई थी। यह भी सवाल उठता है कि आखिरकार यह बात हत्यारों को कैसे पता चली कि किस दिन और किस वक्त मीत मंदिर में आता है।
0.9 एमएम की पिस्टल से चलाई गोलियां
पुलिस को मौके से 0.9 एमएम की पिस्टल से चली गोलियों के खोल मिले हैं। बताया जा रहा है कि एक युवक ने गोलियां चलाईं, जबकि दूसरा मौके पर आसपास के माहौल को देख रहा था।
गोंडर ने अपने संदेश की शुरुआत वाहेगुरु जी का खासला, वाहेगुरु जी के फतेह से की है। इसके बाद उन्होंने साफ लिखा कि बनूड़ व एक अन्य जगह हुई लूट में उनका कोई हाथ नहीं है। पंजाब पुलिस जानबूझ कर मेरे सिर पर झूठे पर्चे डाल रही है। अस्सी सबकुछ अपणी दुश्मनी करके ही करदे हां। जेहड़ा कम असीं खुद करांगे उसदा सबनूं आपे ही पता लग्ग जाऊंगा।
वाहेगुरु हमेशा तैनूं चढ़दी कला रखे
इस दौरान कुछ लोगों ने विक्की गोंडर के कमेंट पर लिखा है कि उन्हें भी पता है कि भाई ऐसे छोटे काम नहीं करता है। उन्होंने कहा कि वाहेगुरु हमेशा तैनू चढ़दी कला च रखे।
रेकी के बाद की हत्या
मंदिर के बाहर बैठने वाले एक साधु ने बताया कि दो युवकों ने कुछ देर पहले उनसे पूछा कि यहां पेशाब करने की कोई जगह है। साधु ने थोड़ी दूर जाने को कहा, लेकिन दोनों युवक वहीं पर रुक गए। चंद मिनटों बाद जैसे ही मीत अपनी कार में बैठने के लिए बढ़ा, वहां मौजूद एक के बाद एक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर लोगों को लगा कि शायद ट्रांसफार्मर में धमाका हुआ है, चंद सेकेंड में ही दोनों युवक कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर देरी से वारदात स्थल पर पहुंचने का आरोप लगाया है। पुलिस यह भी मान रही है कि इस घटना को अंजाम देने वालों में कोई ऐसा व्यक्ति भी शामिल है और इसकी पहले ही रेकी की गई थी। यह भी सवाल उठता है कि आखिरकार यह बात हत्यारों को कैसे पता चली कि किस दिन और किस वक्त मीत मंदिर में आता है।
0.9 एमएम की पिस्टल से चलाई गोलियां
पुलिस को मौके से 0.9 एमएम की पिस्टल से चली गोलियों के खोल मिले हैं। बताया जा रहा है कि एक युवक ने गोलियां चलाईं, जबकि दूसरा मौके पर आसपास के माहौल को देख रहा था।
घात लगाकर ऑटो के पीछे छिपे थे
घात लगाकर ऑटो के पीछे छिपे थे
घात लगाकर ऑटो के पीछे छिपे थे
मीत के एक दोस्त के मुताबिक जहां वारदात हुई वहां वह चंद कदम पीछे था। मंदिर से लौटते वक्त देखा कि मीत कार का लॉक खोल रहा था, तभी वहां पहले से खड़े एक ऑटो के पीछे घात लगाकर छिपे बदमाश सामने आ गए और फायरिंग शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गोलियों की संख्या छह या इससे अधिक भी हो सकती है। पहले से प्लानिंग कर कार में पहुंचे बदमाशों ने नंबर प्लेट पर जय माता दी...लिखा हुआ था। महज साढ़े तीन मिनट में पूरी वारदात को उन्होंने अंजाम दिया। उनकी उम्र 30 से कम होगी। बताया जा रहा है कि कार के अंदर एक या दो और लोग भी हो सकते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों बदमाशों की लंबाई पांच फुट से अधिक थी। जाते जाते उन्होंने मीत की कार के पहिये पर भी गोली चलाई, जिससे टायर पंक्चर हो गया।
वरिंद्र हत्याकांड के बाद भी एक्टिव नहीं पुलिस
सकेतड़ी की पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल से सीमाएं लगती हैं। यह इलाका अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। इससे पहले होली के दिन वरिंद्र सिंह संधू की यहां हत्या हो चुकी है। उस दौरान भी चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस में समन्वय की कमी के कारण आरोपी आसानी से फरार हो गए थे। इस इलाके में बढ़ते अपराध से बात साफ है कि इस सीमावर्ती क्षेत्र में अपराधियों पर शिकंजा कसना जरूरी है। खासकर पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली की पुलिस में समन्वय की कमी बड़ी समस्या है। किसी भी जगह की पुलिस यहां सक्रिय नहीं है। वारदात के बाद अपराधी कांसल, नयागांव सहित आसपास के इलाकों से आसानी से निकल जाते हैं। पुलिस हाथ मलती रह जाती है।
मीत के एक दोस्त के मुताबिक जहां वारदात हुई वहां वह चंद कदम पीछे था। मंदिर से लौटते वक्त देखा कि मीत कार का लॉक खोल रहा था, तभी वहां पहले से खड़े एक ऑटो के पीछे घात लगाकर छिपे बदमाश सामने आ गए और फायरिंग शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गोलियों की संख्या छह या इससे अधिक भी हो सकती है। पहले से प्लानिंग कर कार में पहुंचे बदमाशों ने नंबर प्लेट पर जय माता दी...लिखा हुआ था। महज साढ़े तीन मिनट में पूरी वारदात को उन्होंने अंजाम दिया। उनकी उम्र 30 से कम होगी। बताया जा रहा है कि कार के अंदर एक या दो और लोग भी हो सकते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों बदमाशों की लंबाई पांच फुट से अधिक थी। जाते जाते उन्होंने मीत की कार के पहिये पर भी गोली चलाई, जिससे टायर पंक्चर हो गया।
वरिंद्र हत्याकांड के बाद भी एक्टिव नहीं पुलिस
सकेतड़ी की पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल से सीमाएं लगती हैं। यह इलाका अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। इससे पहले होली के दिन वरिंद्र सिंह संधू की यहां हत्या हो चुकी है। उस दौरान भी चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस में समन्वय की कमी के कारण आरोपी आसानी से फरार हो गए थे। इस इलाके में बढ़ते अपराध से बात साफ है कि इस सीमावर्ती क्षेत्र में अपराधियों पर शिकंजा कसना जरूरी है। खासकर पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली की पुलिस में समन्वय की कमी बड़ी समस्या है। किसी भी जगह की पुलिस यहां सक्रिय नहीं है। वारदात के बाद अपराधी कांसल, नयागांव सहित आसपास के इलाकों से आसानी से निकल जाते हैं। पुलिस हाथ मलती रह जाती है।
टाईमलाइन
टाईमलाइन
सुबह 11:45 : मीत अपनी मां के साथ सकेतड़ी मंदिर में हर सोमवार की तरह पहुंचा।
12:15 : आरोपियों ने टॉयलेट के बारे में पूछा, लेकिन कहीं जाने की बजाय वहीं रुक गए।
12:25 : मीत अपनी मां के साथ मंदिर से वह बाहर निकला, लेकिन मां करीब 20 कदम पीछे रह गई।
12:30 : जैसे ही मीत अपनी कार की तरफ बढ़ा, उस पर फायरिंग शुरू हो गई।
1.00 बजे : उसे अस्पताल के लिए ले जाया गया।
सुबह 11:45 : मीत अपनी मां के साथ सकेतड़ी मंदिर में हर सोमवार की तरह पहुंचा।
12:15 : आरोपियों ने टॉयलेट के बारे में पूछा, लेकिन कहीं जाने की बजाय वहीं रुक गए।
12:25 : मीत अपनी मां के साथ मंदिर से वह बाहर निकला, लेकिन मां करीब 20 कदम पीछे रह गई।
12:30 : जैसे ही मीत अपनी कार की तरफ बढ़ा, उस पर फायरिंग शुरू हो गई।
1.00 बजे : उसे अस्पताल के लिए ले जाया गया।