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Vikas Parbhakar Murder: आतंकी रिंदा और ISI की मदद से की गई थी विहिप नेता की हत्या, NIA को मिले सबूत
Wed, 10 Jul 2024 09:46 AM IST
निवेदिता वर्मा
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 10 Jul 2024 09:46 AM IST
सार
नंगल के रेलवे रोड पर वीएचपी नंगल मंडल के प्रधान विकास बग्गा की 13 अप्रैल की शाम को दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। एनआईए ने मई 2024 में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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विकास प्रभाकर
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब के नंगल में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता विकास प्रभाकर उर्फ विकास बग्गा की हत्या के मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को अहम सुराग हाथ लगे हैं।
एनआईए के मुताबिक विकास की हत्या के पीछे पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर रिंदा और व एक आतंकी संगठन का हाथ है। यहां तक कि एनआईए ने डीजीपी गौरव यादव द्वारा मामले की जांच के उपरांत प्रभाकर की हत्या के पीछे पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई को लेकर किए खुलासे की भी पुष्टि की है।
एनआईए ने कहा कि आईएसआई के एजेंट की मदद से ही पुर्तगाल में बैठे विदेशी हैंडलर से फंडिंग कराई गई थी। आतंकी रिंदा के गुर्गों ने ही हत्या करने वाले आरोपियों को हथियार मुहैया कराए गए थे। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि यह इनपुट एजेंसी ने गृह मंत्रालय के साथ साझा किया है। एनआईए और रॉ भी इस मामले में आईएसआई एजेंट का पता लगाने में जुटे हुए हैं। जल्द ही एनआईए आतंकी संगठन के लोकल मॉड्यूल का पर्दाफाश करेगी, जो टारगेट किलिंग और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के मकसद से ऑपरेट किया जा रहा है। एनआईए ने विकास की हत्या के मामले में 16 मई 2024 को केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।
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पकड़े गए थे शूटर
गौरतलब है कि इसी वर्ष 13 अप्रैल की शाम नंगल के रेलवे रोड पर स्थित वीएचपी नंगल मंडल के प्रधान विकास बग्गा की दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या के लिए फंडिंग पुर्तगाल में बैठे विदेशी हैंडलर्स ने की थी। पाकिस्तान के आतंकी संगठन और आईएसआई की मदद से यह हत्या करवाई गई। दबोचे गए शूटर मनदीप और सुरिंदर विदेशी हैंडलरों के प्यादे हैं, जो पाकिस्तान आधारित आतंकी मास्टर माइंड के संचालक हैं। ये प्यादे पैसों का लालच देकर गिरोह में शामिल किए गए थे। दोनों शूटर एन्क्रिप्टेड एप्स से विदेश आधारित हैंडलरों के संपर्क में थे। इस कत्ल को अंजाम देने के लिए फंड और हथियारों का प्रबंध करने के अलावा व्यक्ति, जिसको टारगेट करना था, उसकी जगह और फोटो भी उनके साथ साझी की गई थी।
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एनआईए के मुताबिक विकास की हत्या के पीछे पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर रिंदा और व एक आतंकी संगठन का हाथ है। यहां तक कि एनआईए ने डीजीपी गौरव यादव द्वारा मामले की जांच के उपरांत प्रभाकर की हत्या के पीछे पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई को लेकर किए खुलासे की भी पुष्टि की है।
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एनआईए ने कहा कि आईएसआई के एजेंट की मदद से ही पुर्तगाल में बैठे विदेशी हैंडलर से फंडिंग कराई गई थी। आतंकी रिंदा के गुर्गों ने ही हत्या करने वाले आरोपियों को हथियार मुहैया कराए गए थे। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि यह इनपुट एजेंसी ने गृह मंत्रालय के साथ साझा किया है। एनआईए और रॉ भी इस मामले में आईएसआई एजेंट का पता लगाने में जुटे हुए हैं। जल्द ही एनआईए आतंकी संगठन के लोकल मॉड्यूल का पर्दाफाश करेगी, जो टारगेट किलिंग और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के मकसद से ऑपरेट किया जा रहा है। एनआईए ने विकास की हत्या के मामले में 16 मई 2024 को केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।
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पकड़े गए थे शूटर
गौरतलब है कि इसी वर्ष 13 अप्रैल की शाम नंगल के रेलवे रोड पर स्थित वीएचपी नंगल मंडल के प्रधान विकास बग्गा की दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या के लिए फंडिंग पुर्तगाल में बैठे विदेशी हैंडलर्स ने की थी। पाकिस्तान के आतंकी संगठन और आईएसआई की मदद से यह हत्या करवाई गई। दबोचे गए शूटर मनदीप और सुरिंदर विदेशी हैंडलरों के प्यादे हैं, जो पाकिस्तान आधारित आतंकी मास्टर माइंड के संचालक हैं। ये प्यादे पैसों का लालच देकर गिरोह में शामिल किए गए थे। दोनों शूटर एन्क्रिप्टेड एप्स से विदेश आधारित हैंडलरों के संपर्क में थे। इस कत्ल को अंजाम देने के लिए फंड और हथियारों का प्रबंध करने के अलावा व्यक्ति, जिसको टारगेट करना था, उसकी जगह और फोटो भी उनके साथ साझी की गई थी।