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यूटी सचिवालय में अगर कभी आग लगी तो भगवान ही मालिक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 30 May 2016 09:53 PM IST
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बिल्डिंग में लगे सभी फायर एक्सटिंग्यूसर की डेट एक्सपायर
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सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय की बिल्डिंग में लगे सभी फायर एक्सटिंग्यूसर की डेट एक्सपायर हो चुकी है। अवधि खत्म हुए 10 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन किसी का भी इस ओर ध्यान नहीं है। शहर में लगातार आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। नाइलिट का भयानक हादसा भी चंडीगढ़ में हो चुका है। इसके बावजूद प्रशासन कितना तैयार है इसका अंदाजा सचिवालय की मौजूदा स्थिति से लगाया जा सकता है।
यूटी सचिवालय की पांचों मंजिलों पर 100 के करीब फायर एक्सटिंग्यूसर लगे हैं। एडवाइजर परिमल राय के ऑफिस के पास और पांचवीं मंजिल पर गृह सचिव अनुराग अग्रवाल के ऑफिस के नजदीक भी फायर एक्सटिंग्यूसर है, लेकिन किसी की नजर भी इन पर नहीं पड़ी है। 18 मई 2015 को इन एक्सटिंग्यूसर को बदला गया था। इनकी समयावधि 18 मई 2016 तक थी। इस तिथि केबाद सभी को बदला जाना या रीफिल किया जाना था। सचिवालय की किसी भी मंजिल पर आग बुझाने के लिए रेत की बाल्टियां तक नहीं रखी गई हैं।
नाइलिट में भी स्पार्किंग से हुआ था हादसा
सेक्टर-17 की नाइलिट बिल्डिंग में आगजनी का कारण स्पार्किंग ही बताया गया था। इस आग ने इतना भयंकर रूप ले लिया था कि यह बहुमंजिला इमारत पूरी तरह से जमींदोज हो गई। हालत यह है कि दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इसका मलबा हटाया नहीं जा सका है।
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यूटी सचिवालय की पांचों मंजिलों पर 100 के करीब फायर एक्सटिंग्यूसर लगे हैं। एडवाइजर परिमल राय के ऑफिस के पास और पांचवीं मंजिल पर गृह सचिव अनुराग अग्रवाल के ऑफिस के नजदीक भी फायर एक्सटिंग्यूसर है, लेकिन किसी की नजर भी इन पर नहीं पड़ी है। 18 मई 2015 को इन एक्सटिंग्यूसर को बदला गया था। इनकी समयावधि 18 मई 2016 तक थी। इस तिथि केबाद सभी को बदला जाना या रीफिल किया जाना था। सचिवालय की किसी भी मंजिल पर आग बुझाने के लिए रेत की बाल्टियां तक नहीं रखी गई हैं।
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नाइलिट में भी स्पार्किंग से हुआ था हादसा
सेक्टर-17 की नाइलिट बिल्डिंग में आगजनी का कारण स्पार्किंग ही बताया गया था। इस आग ने इतना भयंकर रूप ले लिया था कि यह बहुमंजिला इमारत पूरी तरह से जमींदोज हो गई। हालत यह है कि दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इसका मलबा हटाया नहीं जा सका है।
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