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चंडीगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसे में दो लोगों की मौत, एक को गाय ने मारी टक्कर

Thu, 23 Aug 2018 09:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 23 Aug 2018 09:57 AM IST
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Two people died in road accidents in Chandigarh
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शहर पर घूमते आवारा पशुओं की वजह से एक और व्यक्ति की जान चली गई। सेक्टर-47 के कालीबाड़ी लाइट प्वाइंट के पास गाय से टकराकर बाइक सवार हरप्रीत सिंह की मौत हो गई। हरप्रीत मनीमाजरा से मोहाली अपने घर जा रहे थे। सेक्टर 31 थाना पुलिस ने मामले में डीडीआर दर्ज की है। हरप्रीत मनीमाजरा में प्राइवेट जॉब करते थे। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। हरप्रीत की मौत होने से अब घर की जिम्मेदारी उनके बुजुर्ग पिता जसबीर सिंह पर आ गई है। 
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पुलिस में दर्ज डीडीआर के अनुसार 14 अगस्त को देर शाम हरप्रीत सिंह एक्टिवा पर मनीमाजरा से अपने घर मोहाली सेक्टर-66 जा रहे थे। काली बाडी मंदिर के लाइट प्वाइंट से करीब 100 मीटर आगे जाने पर जंगल की तरफ से गाय अचानक सड़क पर आ गई। इससे हरप्रीत की एक्टिवा उससे टकराई और वह सड़क पर गिरकर घायल हो गए। उनके कान से खून आ रहा था। उनके पीछे ही मोहाली निवासी अंगद वीर पाल सिंह भी आ रहे थे। उन्होंने हरप्रीत को सेक्टर 32 अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 
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सात साल पहले भाई की भी हादसे में हुई थी मौत
बुजुर्ग पिता जसबीर सिंह का सेक्टर-41 डी में छोटा सा जनरल स्टोर है। पिता ने बताया कि हरप्रीत के अलावा उनका एक और बेटा था, जिसकी 7 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। उस समय वह उस बेटे के दोपहिया वाहन के पीछे ही बैठे थे। हरप्रीत सिंह की मौत के बाद से उनका परिवार गहरे सदमे में है। घर में उनकी पत्नी सपना के अलावा तीन बच्चे (दो लड़कियां और एक लड़का) है।
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लगातार हो रही हैं मौतें, निगम बेबस
अमर उजाला शहर में आवारा पशुओं के आतंक के मुद्दे को लगातार उठा रहा है। इससे पहले भी इनके कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। पिछले माह पंचकूला की राजीव कालोनी के पास सांड की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इससे पहले साल 2013 में आवारा गायों की चपेट में आने से तीन अलग अलग मौतें हो चुकी हैं। लेकिन नगर निगम बेबस बना हुआ है। 

मुआवजे के लिए कोई पालिसी नहीं
आवारा कुत्तों और पशुओं द्वारा घायल हो कर मरने वालों के लिए कोई मुआवजा पालिसी नहीं है। पिछले माह सदन की बैठक में मुआवजा पालिसी बनाने का प्रस्ताव आया था लेकिन वह चर्चा न होने के कारण पास नहीं हो सका। साल 2013 में अलग अलग समय में तीन दोपहिया वाहन सवार चालकों की गाय की चपेट में आने से हादसे में मौत हो गई थी। इसके लिए नगर निगम के सदन की बैठक में यह प्रस्ताव पास हुआ था कि तीनों के परिवार के सदस्यों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। यह प्रस्ताव पास करके प्रशासन को लागू करने के लिए भेजा गया था लेकिन इनके परिवार के सदस्यों को आज तक कोई भी मुआवजा नहीं मिला है।

मेयर बोले- नगर निगम गंभीरता से कर रहा विचार
मेयर देवेश मोदगिल का कहना है कि शहर में जो गायों की चपेट में आने से हादसे हो रहे हैं उस पर नगर निगम गंभीरता से सोच रहा है। शहरवासियों को किस तरह से गायों से मुक्ति दिलवाई जा सकती है इसके लिए एक कमेटी गठित की गई थी, जिसकी रिपोर्ट सदन में चर्चा के लिए आ रही है। जो पशु सीमावर्ती इलाके से आ रहे हैं, उन्हें पकड़ने से टीमों को पहले से ज्यादा सक्रिय किया जाएगा।

एक बार मुआवजा पालिसी सदन में आ चुकी है लेकिन अभी उस पर व्यापक स्तर पर चर्चा नहीं हुई है। नगर निगम के पास कोई ऐसा हेड नहीं है जहां पर सीधे तौर पर मुआवजा दिया जा सके। इसके लिए पालिसी तैयार करके लाई जाएगी।

कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत का कहना है कि गौ सेस लगाने का फैसला दो माह पहले सदन की बैठक में हुआ इसके बावजूद लोगों को आवारा पशुओं से निजात नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि हरप्रीत के परिजनों को मुआवजा मिलना चाहिए। वह 24 अगस्त को होने वाली सदन की बैठक में मामला उठाएंगी।

अतिरिक्त गौशालाएं बनाना कोई समाधान नहीं
पूर्व मेयर सुभाष चावला का कहना है कि शहर में आवारा गायों से मुक्ति बनाने के लिए अतिरिक्त गौशालाएं बनाने से कोई स्थायी समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि वन टाइम राहत के लिए शहर की गायों को वृंदावन या अन्य राज्यों में बनी गौशालाओं में भेजना चाहिए। साल 2013 में मेयर रहते हुए उन्होंने शहर से करीब दो हजार गायों को भेजा था। उनका कहना है कि शहर के सीमावर्ती इलाकों से रात के समय गायें शहर में आती हैं, उन पर रोक लगाने में नगर निगम पूरी तरह से असफल हो रहा है।  

दोपहिया वाहन फिसलने से गिरकर युवक की मौत
डड्डूमाजरा मार्केट में एक्टिवा फिसलने से एक युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायल अवस्था में उसे जीएमएसएच-16 में भर्ती करवाया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान डड्डूमाजरा कॉलोनी निवासी रोहित (29) के रूप में हुई है। मलोया थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 


रोहित एक्टिवा से किसी काम से जा रहा था। डड्डूमाजरा की मार्केट के पास पहुंचा तो अचानक एक्टिवा स्लिप कर गया। वह बीच सड़क पर गिरकर घायल हो गया। मौके पर इकट्ठा हुए लोगों ने मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
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