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अबोहर में बड़ा हादसा: मातम में बदलीं रक्षाबंधन की खुशियां, डूबने से दो बच्चों की मौत
Sun, 22 Aug 2021 09:42 AM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, अबोहर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अबोहर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 22 Aug 2021 09:42 AM IST
सार
घटना शनिवार शाम करीब चार बजे की है। बताया जा रहा है कि हरमनदीप व मोहित नहाने डिग्गी में उतरे और पानी अधिक होने की वजह से डूब गए। काफी देर तक बच्चे दिखाई न देने पर हरमनदीप के पिता ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान डिग्गी के किनारे बच्चों के कपड़े व चप्पल मिले। तलाश करने पर दोनों के शव डिग्गी से बरामद हुए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने की तैयारी कर रही थीं, तभी भाइयों के पानी की डिग्गी में डूबने की खबर आई तो परिवार में कोहराम मच गया। घटना पंजाब के अबोहर जिले के गांव पंजावा की है। खेत में बिना तारबंदी के बनी पानी की डिग्गी में डूबने से शनिवार को दो परिवारों के इकलौते बेटों की मौत हो गई। सूचना के बाद करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो परिजन दोनों शवों को उठाकर घर ले गए। बाद में पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव मांगे तो परिजनों ने इनकार कर दिया।
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घटना के अनुसार हरमनदीप सिंह (14) पुत्र गुरदेव सिंह अपने हमउम्र दोस्त मोहित कुमार पुत्र गोपी राम के साथ खेत में मौजूद था। उनके परिवार की महिलाएं खेतों में नरमा चुग रही थीं। खेत के साथ ही गांव दीवानखेड़ा निवासी डॉक्टर ने पानी की डिग्गी बनाई हुई थी।
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शनिवार सायं 4 बजे हरमनदीप व मोहित नहाने के लिए इस डिग्गी में उतर गए और पानी अधिक होने से डूब गए। काफी देर तक बच्चे दिखाई न देने पर हरमनदीप के पिता ने उनको तलाशा तो डिग्गी के किनारे बच्चों के कपड़े व चप्पलें रखी मिलीं। इस पर उसने शोर मचाया तो खेतों में काम कर रहे लोग भी वहां पहुंच गए और डिग्गी से दोनों के शव को बाहर निकाला।
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पुलिस को सूचित किया तो करीब ड़ेढ़ घंटे तक वह मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में रोते-बिलखते परिजन अपने लाड़लों के शवों को उठाकर घर ले गए। इसी दौरान पुलिस उनके घर पहुंची तो परिजनों ने शव देने से इनकार कर दिया। गांव की सरपंच हरजिंद्र कौर के पति सतनाम सिंह, पूर्व सरपंच अंग्रेज सिंह, केवल सिंह व हंसराज ने बताया कि आठवीं कक्षा के विद्यार्थी हरमनदीप सिंह और मोहित आपस में घनिष्ठ मित्र थे। हरमनदीप के पिता काफी समय से बीमार हैं और घर पर ही रहते थे लेकिन शनिवार को खेत पर गए थे। थाना खुईयां सरवर पुलिस देर रात तक शवों की बरामदगी की कार्रवाई में जुटी थी लेकिन परिजन उसे बच्चों के शव देने को तैयार नहीं हुए थे।