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रेलवे और पुलिस में नौकरी के लिए दो युवकों ने किया वो कारनामा, शर्मसार हुए परिजन
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Tue, 07 Mar 2017 12:15 PM IST
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फर्जी दस्तावेजों
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दो युवकों ने रेलवे और पुलिस में नौकरी के लिए वो गजब का कारनामा कर दिया, जानकर पुलिस तो हैरान हुई ही, परिजन भी शर्मसार हो गए। फर्जी दस्तावेजों से रेलवे व पुलिस में नौकरियां हासिल करने का मामला सामने आया है। यह खुलासा पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में वेरिफिकेशन के लिए आए दस्तावेजों से हुआ। पीएसईबी ने कार्रवाई करते हुए दोनों लोगों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है।
साथ ही नौकरियां हासिल करने वालों पर कार्रवाई के लिए रेलवे व पुलिस को लिख दिया है। 2017 में यह दूसरा मामला है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के पास नॉर्दन रेलवे अंबाला कैंट से अनूप कुमार नाम के व्यक्ति के दसवीं का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आया था। यह सर्टिफिकेट 2005 का बना था। साथ ही यह पटियाला जिले का बना हुआ दिखाया गया था।
बोर्ड की संबंधित शाखा द्वारा जब दस्तावेजों की पड़ताल की गई तो वह फर्जी पाया गया। इसके बाद बोर्ड ने उक्त व्यक्ति को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट कर दिया। साथ ही रेलवे को आगे की कार्रवाई के लिए लिखा। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, हर माह उनके पास सैकड़ों सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आते हैं। जिसमें हर दिन नए खुलासे होते हैं।
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साथ ही नौकरियां हासिल करने वालों पर कार्रवाई के लिए रेलवे व पुलिस को लिख दिया है। 2017 में यह दूसरा मामला है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के पास नॉर्दन रेलवे अंबाला कैंट से अनूप कुमार नाम के व्यक्ति के दसवीं का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आया था। यह सर्टिफिकेट 2005 का बना था। साथ ही यह पटियाला जिले का बना हुआ दिखाया गया था।
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बोर्ड की संबंधित शाखा द्वारा जब दस्तावेजों की पड़ताल की गई तो वह फर्जी पाया गया। इसके बाद बोर्ड ने उक्त व्यक्ति को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट कर दिया। साथ ही रेलवे को आगे की कार्रवाई के लिए लिखा। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, हर माह उनके पास सैकड़ों सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आते हैं। जिसमें हर दिन नए खुलासे होते हैं।
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पुलिस की नौकरी भी फर्जी दस्तावेजों से
fraud
इसी तरह पुलिस में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल करने की बात सामने आई है। कमांडेंट तीसरी कमांडो बटालियन फेज-11 मोहाली से जसबीर सिंह नाम के व्यक्ति का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आया था।
यह दसवीं का सर्टिफिकेट सितंबर-2010 में जिला मानसा का बना था, जो जांच में फर्जी पाया गया। बोर्ड ने इस संबंध में भी कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र लिखा है।
रेलवे भर्ती के नाम पर ठगने वाला फरार
दूसरी तरफ खरड़ में रेलवे में भर्ती करवाने के नाम पर ठगने वाला बलबीर सिंह केपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। आरोपी ने करीब सात लाख की ठगी की है। वह लोगों को भर्ती करवाने के लिए दिल्ली ले गया था। जहां पर उसने अपना ठाठ दिखाया। इसके बाद उसने ठगी की थी।
यह दसवीं का सर्टिफिकेट सितंबर-2010 में जिला मानसा का बना था, जो जांच में फर्जी पाया गया। बोर्ड ने इस संबंध में भी कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र लिखा है।
रेलवे भर्ती के नाम पर ठगने वाला फरार
दूसरी तरफ खरड़ में रेलवे में भर्ती करवाने के नाम पर ठगने वाला बलबीर सिंह केपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। आरोपी ने करीब सात लाख की ठगी की है। वह लोगों को भर्ती करवाने के लिए दिल्ली ले गया था। जहां पर उसने अपना ठाठ दिखाया। इसके बाद उसने ठगी की थी।