गुरदासपुर में सेना का ऑपरेशन खत्म, एसपी शहीद, 3 आतंकी ढेर
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आठ साल पहले लुधियाना में हमले के बाद सोमवार को आतंकियों ने एक बार फिर पंजाब को निशाना बनाया। सूबे को दहला देने वाले इस हमले में एक एसपी और तीन होमगार्ड जवान शहीद हो गए जबकि तीन आम नागरिकों की मौत हो गई।
इसके अलावा 15 लोग घायल हुए हैं। करीब 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया। वहीं पठानकोट-अमृतसर रेल ट्रैक पर पांच बम मिले जिन्हें समय रहते डिफ्यूज कर दिया गया।
सेना की वर्दी में तीन आतंकी घुसपैठ के बाद सुबह पांच बजे के करीब पठानकोट से 26 किलोमीटर दूर दीनानगर इलाके में पहुंचे। यहां से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव तलवंडी में अमृतसर-पठानकोट रेलवे ट्रैक पर बम फिट किए।
इस ट्रैक पर डीएमयू 5.15 पर निकल गई लेकिन सौभाग्यवंश बम नहीं फटे। इसके बाद आतंकवादी दीनानगर मुख्य मार्ग पर आ गए, उन्होंने कमलजीत ढाबा संचालक को गोली मारकर मारुति कार छीन ली। कार से वह 100 फीट आगे आए और वहां पर कटरा जा रही पंजाब रोडवेज की बस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बस चालक ने रफ्तार बढ़ाकर यात्रियों की जान बचाई। इसके बाद वहां से गुजर रहे अमरजीत को गोलियां मारी और बस स्टैंड से फायरिंग करते हुए दीनानगर थाने में घुस गए।
थाने में बरसाईं गोलियां
इसमें तीनों जवान थाने से भागकर बाहर निकल गए जबकि आतंकी पुरानी इमारत में घुस गए और वहां पर सो रहे होमगार्ड के जवानों पर टूट पड़े। जवान अशोक कुमार के कंधे पर गोली मारी जबकि बोध राज को गोलियों से भून डाला। एक अन्य जवान जयचंद सांस रोक लेटा रहा जिसे आतंकी मरा हुआ समझ कर चले गए। बाद में सुरक्षा बलों ने जयचंद को सुरक्षित निकाला।
सभी आतंकी पाकिस्तान के
आईबी के मुताबिक मारे गए सभी आतंकी पाकिस्तान के नरोवाल के रहने वाले हैं। पंजाब के काउंटर-इंटेलिजेंस आईजी ने बताया कि ये सभी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठनों से संबंधित हैं।
दीनानगर रेलवे स्टेशन पर मिले 5 बम
पुलिस ने दीनानगर रेलवे स्टेशन पर 5 बम बरामद किए हैं। ये बम परमांनद रेलवे स्टेशन पर पुलिया के ऊपर मिले। इसके चलते रेलवे ट्रैक को बंद कर दिया गया है। ट्रेन रोक दी गई है। बम निरोधक स्कवायड मौके पर पहुंच चुका है।
मरीजों को भी नहीं बख्शा
गोलियों की आवाज सुनकर थाने के पास स्थित किरण अस्पताल की खिड़की से एक मरीज बच्ची की मां निर्मला ने नीचे देखा तो आतंकवादियों ने उसे भी गोलियों से भून डाला। इसके अलावा इलाजरत गुलाम रसूल को भी गोली मार दी गई।
निर्मला और रसूल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोपहर 12.30 बजे पर एसपी (डी) बलजीत सिंह अस्पताल की छत पर पोजिशन ले रहे थे तो आतंकवादियों ने शहीद कर दिया। हालात गंभीर होते देखकर डीजीपी सुमेध सैनी, एडजीपी एपी पांडे व एसएसजी और स्वैट के दस्तों के अलावा कई जिलों के एसएसपी व आला अधिकारी पहुंचे। आतंकवादियों की तरफ से जहां फायरिंग की गई वहीं सात ग्रेनेड भी फेंके गए। 4.37 पर डीजीपी सुमेध सिंह सैनी ने ऑपरेशन सफल होने की जानकारी दी।