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फेज-8 फायरिंग मामले में सोनू शाह साथी समेत गिरफ्तार, पांच दिन के रिमांड पर
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 01 Feb 2017 01:25 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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फेज-8 स्थित पुराने बस स्टैंड के पास बाउंसरों के दो गुटों के बीच हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू शाह और उसके सहयोगी जसवीर सिंह निवासी फतेहगढ़ साहिब को गिरफ्तार कर लिया है।
सोनू को पुलिस ने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 से गिरफ्तार किया है, जबकि जसवीर सिंह को मोहाली से गिरफ्तार किया। मंगलवार को आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपियों को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। फेज-8 थाने के एसएचओ ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना छह नंबर, 2016 शाम करीब पांच बजे की है। जब दो बाउंसरों के गुट पुराने विवाद में पुराने बस स्टैंड के पास आमने-सामने हो गए थे। इस दौरान दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर फायरिंग की थी। करीब 250 राउंड गोलियां चली थीं, इस घटना से पूरा शहर दहल गया था। जबकि आरोपी पुलिस के आने से पहले ही भागने में कामयाब रहे थे। इस मामले में पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी।
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यह घटना फेज-8 के थाने और डीएसपी के दफ्तर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हुई थी। इस मामले में पुलिस दो दिन तक आरोपियों को पकड़ नहीं पाई थी। इसके बाद उस समय थाने के एसएसओ व डीएसपी का ट्रांसफर कर दिया गया था। इस मामले की जांच सीआईए को सौंपी गई थी। इसके बाद सीआईए ने करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। जबकि अन्य आरोपी यूपी और नेपाल भाग गए थे। इसी बीच पुलिस को सोनू शाह के चंडीगढ़ में होने की खबर मिली, इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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सोनू को पुलिस ने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 से गिरफ्तार किया है, जबकि जसवीर सिंह को मोहाली से गिरफ्तार किया। मंगलवार को आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपियों को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। फेज-8 थाने के एसएचओ ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक, यह घटना छह नंबर, 2016 शाम करीब पांच बजे की है। जब दो बाउंसरों के गुट पुराने विवाद में पुराने बस स्टैंड के पास आमने-सामने हो गए थे। इस दौरान दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर फायरिंग की थी। करीब 250 राउंड गोलियां चली थीं, इस घटना से पूरा शहर दहल गया था। जबकि आरोपी पुलिस के आने से पहले ही भागने में कामयाब रहे थे। इस मामले में पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी।
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यह घटना फेज-8 के थाने और डीएसपी के दफ्तर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हुई थी। इस मामले में पुलिस दो दिन तक आरोपियों को पकड़ नहीं पाई थी। इसके बाद उस समय थाने के एसएसओ व डीएसपी का ट्रांसफर कर दिया गया था। इस मामले की जांच सीआईए को सौंपी गई थी। इसके बाद सीआईए ने करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। जबकि अन्य आरोपी यूपी और नेपाल भाग गए थे। इसी बीच पुलिस को सोनू शाह के चंडीगढ़ में होने की खबर मिली, इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
चंडीगढ़ की है जंग, मोहाली बना रनभूमि
arrest
- फोटो : Demo Pic
लोगों ने तलाश कर दिए थे खोल
जब दोनों गुटों के बीच फायरिंग हुई थी तो पुलिस इस मामले को दबाने में जुटी थी, लेकिन सुबह-शाम सैर करने वाले इलाके के लोगों ने खुद गोलियों के खोल पुलिस के सीनियर अधिकारियों को सौंपे थे। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे।
चंडीगढ़ की है जंग, मोहाली बना रनभूमि
जानकारी के मुताबिक, बाउंसरों के दो गुटों में प्रतिष्ठा को लेकर जंग चल रही है। पहले भी कई बार यह गुट आमने सामने हो चुके हैं। पता चला था कि मोहाली में फायरिंग से पहले दोनों गुट ने मुल्लांपुर में आमने-सामने होने का फैसला किया था। इसके बाद फेज-8 में मिलने की बात बनी थी। जहां पर बात न बन पाई और गोलियां चल गई थीं।
एक गुट के प्रमुख ने किया था सरेंडर
नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद एक गुट के प्रमुख अमित शर्मा उर्फ मीत ने सरेंडर कर दिया था। सूत्रों से पता चला कि नाभा जेल से भागे एक आरोपी से उसका झगड़ा था। ऐसे में उसे डर था कि उस पर कोई आंच न आए। इसलिए उसने सरेंडर कर दिया था।
जब दोनों गुटों के बीच फायरिंग हुई थी तो पुलिस इस मामले को दबाने में जुटी थी, लेकिन सुबह-शाम सैर करने वाले इलाके के लोगों ने खुद गोलियों के खोल पुलिस के सीनियर अधिकारियों को सौंपे थे। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे।
चंडीगढ़ की है जंग, मोहाली बना रनभूमि
जानकारी के मुताबिक, बाउंसरों के दो गुटों में प्रतिष्ठा को लेकर जंग चल रही है। पहले भी कई बार यह गुट आमने सामने हो चुके हैं। पता चला था कि मोहाली में फायरिंग से पहले दोनों गुट ने मुल्लांपुर में आमने-सामने होने का फैसला किया था। इसके बाद फेज-8 में मिलने की बात बनी थी। जहां पर बात न बन पाई और गोलियां चल गई थीं।
एक गुट के प्रमुख ने किया था सरेंडर
नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद एक गुट के प्रमुख अमित शर्मा उर्फ मीत ने सरेंडर कर दिया था। सूत्रों से पता चला कि नाभा जेल से भागे एक आरोपी से उसका झगड़ा था। ऐसे में उसे डर था कि उस पर कोई आंच न आए। इसलिए उसने सरेंडर कर दिया था।