71 के पाक युद्ध का जांबाज सैनिक अपनों से हारा, जान दी
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1971 में भारत-पाक युद्ध में शत्रुओं के छक्के छुड़ाने वाला एक पूर्व फौजी अपनों से हार गया। उसने रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मामला हरियाणा के कैथल का है।
परिवार वालों के अनुसार हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथारिटी (हुडा) ने पूर्व फौजी के मकान को अवैध बताते हुए 54 लाख जुर्माना वसूली का नोटिस भेजा था। इस कारण से वह परेशान था। परिवार वालों ने हुडा पर पूर्व फौजी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
मॉडल टाउन निवासी रामभगत वर्मा सेना में थे और उन्होंने 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में भाग लिया था। सेवानिवृत्त होने के बाद परिवार समेत मॉडल टाउन में रह रहे थे।
मंगलवार सुबह दस बजे नए रेलवे स्टेशन पर कुरुक्षेत्र से जींद जाने वाली यात्री गाड़ी के सामने कूदकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर परिजन और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
हुडा की ओर से भेजे जा रहे नोटिस से परेशान कर ली खुदकुशी
रामभगत के बेटे महाबीर और रामचंद्र ने बताया कि उनके पिता हुडा की ओर से भेजे जा रहे नोटिस से परेशान थे। 31 दिसंबर, 2015 को भी उनके घर विभाग का नोटिस आया। इसमें उन्हें 54 लाख 2 हजार 816 रुपये जमा करवाने को कहा गया। मंगलवार को उनके पिता हुडा अधिकारियों से मिले लेकिन कोई समाधान नहीं हुई। अंतत: आजिज आकर उन्होंने खुदकुशी कर ली।
महाबीर ने बताया कि मॉडल टाउन में 40 साल पहले उनके पिता ने 200 गज में मकान बनाया था। हुडा ने कुछ ही समय बाद नोटिस भेजने शुरू कर दिए। हुडा इस मकान को अवैध बताता रहा। उपभोक्ता फोरम में वे केस जीते तो कई साल तक कोई नोटिस नहीं आया।
उनके मकान की सारी किस्तें भी जमा करवाई जा चुकी थीं लेकिन दो-तीन साल से फिर से नोटिस मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। दूसरी तरफ हुडा के अफसरों के अनुसार इस मकान की रजिस्ट्री नहीं हुई थी।
सतबीर सिंह, चौकी प्रभारी, रेलवे पुलिस ने बताया कि पुलिस ने मामले में 174 के तहत कार्रवाई की है। परिजनों ने हुडा पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। जांच के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
मनदीप कौर, एसडीएम एवं हुडा प्रशासक के अनुसार पूर्व सैनिक के मामले में जो घटना हुई है वह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन न्यायालय के आदेशों पर एक्स्टेंशन फीस के लिए नोटिस भेजा गया है। जुर्माने की राशि हुडा की नीति के अनुसार आकलन करने के बाद बनी है। साल बदलने पर जुर्माने की राशि और बढ़ जाएगी।