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सरकारी नौकरी के लिए 2 भाईयों ने रची साजिश
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Sun, 15 Jun 2014 09:05 PM IST
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आतंकवादियों के हाथों हुई पिता की हत्या के बाद बुढलाडा निवासी दो सगे भाईयों ने सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली। एक शिकायत के बाद मामले का खुलासा हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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आतंकवाद पीड़ित होने के चलते परिवार का एक सदस्य सरकारी नौकरी का हकदार था, लेकिन दोनों आरोपी भाइयों ने अलग-अलग तौर पर निर्भरता दिखा सरकारी नौकरी हासिल कर ली।
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जानकारी के अनुसार जनवरी 1991 में जोगा में राशन डिपो चलाने वाले राजकुमार की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। सरकार ने पीड़ित परिवार से हमदर्दी जताते हुए परिजनों को आजीविका चलाने के लिए सरकारी नौकरी की पेशकश की।
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सरकारी पेशकश पर राजकुमार के बेटे जसपाल कुमार ने दस साल पहले खुद को पिता पर निर्भर दिखाकर डीसी कार्यालय मानसा में चपरासी की नौकरी प्राप्त कर ली। इसके तीन साल बाद जसपाल के भाई राजिंदर कुमार ने खुद ही निर्भरता सर्टिफिकेट बनाकर आतंकवाद पीड़ित होने के नाम पर अहमदपुर डाइट में क्लर्क की सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली।
शहर निवासी गेंदा राम ने दो महीने पहले डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन चंडीगढ़, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस चंडीगढ़ और डीसी मानसा को मामले की लिखित जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की। अपने पत्र में गेंदा राम ने बताया कि दोनों भाईयों ने अलग-अलग निर्भरता सर्टिफिकेट बनाकर सरकार से धोखा किया है।
डीएसपी बुढलाडा राजवीर सिंह बोपाराय ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी हरबंस सिंह संधू ने बताया कि उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई के लिए डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन को लिख दिया है और आगे की कार्रवाई उन्हें ही करनी है।