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एसएचओ रिश्वत मामले में हेड कांस्टेबल सरकारी गवाह!
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 07 Sep 2014 12:16 AM IST
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पार्किग ठेकेदार से दस हजार मंथली लेते पकड़े गए निलंबित इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला पर भ्रष्टाचार का केस मजबूत करने के लिए सीबीआई अब हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है।
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सीबीआई ने गिरफ्तारी के बाद जब मुकेश कुमार के हाथ धुलवाये तो उन पर ठीक से लाल रंग नहीं आया था। पुलिस ने शुक्ला सहित तीन पुलिस वालों को बुधवार को सेक्टर-34 की पार्किंग से 10 हजार रुपये मंथली वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कांस्टेबल दिलबाज पैसे लेने पहुंचा था।
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दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद सीबीआई ने शुक्ला, मुकेश और दिलबाज को शनिवार को साढ़े 11 बजे सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया। सीबीआई ने खुद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की बात कही। इस पर सीबीआई के जज विमल कुमार की अदालत ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया।
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शुक्ला की पत्नी से तीन घंटे पूछताछ
राजेश शुक्ला के वकील एसपीएस भुल्लर ने बताया कि सीबीआई ने शुक्ला की पत्नी से अकेले में तीन घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई टीम में कोई भी महिला अधिकारी नहीं थी। कसौली और धर्मशाला की जमीन उनकी पत्नी के नाम है और यह उनके पिता ने उन्हें गिफ्ट की थी।
एक बैरक में रखा तीनों को
मंथली मामले में बुडै़ल जेल भेजे गए निलंबित इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला, हेड कांस्टेबल मुकेश और कांस्टेबल दिलबाज सिंह को जेल प्रशासन ने एक ही बैरक में रखा है। उन्हें आम कैदियों को अलग रखा गया है, ताकि कोई उनपर हमला न कर दें। इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला ने अपने कार्यकाल में कई अपराधी पकड़े हैं, जो बुडै़ल जेल में सजा काट रहे है।