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गर्भवती तड़पती रही पर न पिघले डाक्टर, नतीजा घातक

Thu, 15 Jan 2015 08:06 AM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला Updated Thu, 15 Jan 2015 08:06 AM IST
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Shamefull Deed by Lady Doctor with Pregnant Lady

इंसानियत इस हद तक शर्मसार हो चुकी है कि गर्भवती रात भर दर्द से तड़पती रही, लेकिन उसका इलाज करने की बजाय उसे घर भेज दिया गया। नतीजतन गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई।

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महिला को तो बचा लिया गया, लेकिन बच्चा न बच सका। पीड़ित महिला का नाम अफसान बताया जा रहा है। पीड़िता ने इलाज के बाद सेक्टर छह जनरल अस्पताल के चिकित्सकों को इसके लिए जिम्मदार ठहराया है।
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पीड़िता ने पीएमओ को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि वह रात भर दर्द से तड़पती रही, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। हालत ज्यादा खराब हो जाने पर चिकित्सकों ने इलाज में लापरवाही की। उल्होंने इलाज करने के बजाय स्थिति को खतरे से बाहर बताते हुए उसे घर लौटा दिया।
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प्रसव पीड़ा होने पर जांच के लिए आई थी

Shamefull Deed by Lady Doctor with Pregnant Lady

9 जनवरी को अफसाना प्रसव पीड़ा की शिकायत लेकर अस्पताल के गायनी ओपीडी की इवनिंग शिफ्ट में चेकअप के लिए पहुंची। ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर शालू ने जांच के बाद बच्चे को नॉर्मल बताया और पीड़िता को दाखिल करने के बजाय इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया।

उस समय अफसाना प्रसव पीड़ा से काफी परेशान थी। अस्पताल से घर लौटने के बाद रातभर गर्भवती महिला दर्द से तड़पती रही। सुबह ओपीडी में महिला जांच के लिए पहुंची तो डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे को मृत बताया।

लांघी हदें, बोले-फाइल बनाकर लाओ
अफसाना के परिजनों का आरोप है कि महिला डॉक्टरों ने मानवता की सारी हदें तोड़ दीं। पीड़ित की परिजन मुमताज ने बताया कि 10 जनवरी को सुबह ओपीडी के समय जांच के बाद गर्भस्थ बच्चे को मृत बताने के बाद मां की जान बचाने के बजाय महिला डॉक्टरों ने कहा पहले फाइल बनवाकर लाओ, उसके बाद ही इलाज होगा।

लेकिन दर्द से तड़पती अफसाना पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मुमताज ने बताया कि इसी समय ओपीडी के बाहर महिला डॉ. पूनम भार्गव मिलीं। उन्होंने महिला की पीड़ा सुनने के बाद तुरंत लेबर रूम में लाने को कहां और महिला की जान बचाई।

महिला डॉक्टर ने पीड़िता की पर्ची फेंकी

Shamefull Deed by Lady Doctor with Pregnant Lady

पीएमओ को शिकायत देने के बाद मुमताज अफसाना को लेकर मंगलवार को गायनी ओपीडी में जांच के गई। इवनिंग ओपीडी के समय दोबारा डॉ. शालू मिली। मुमताज ने कहा कि आपकी लापरवाही की वजह से बच्चे की जान गई है। महिला डॉक्टर तुरंत भड़क गई। महिला की जांच के बजाय उसका मेडिकल कार्ड भी फेंक दिया।

जन्म से पहले रख दिया था नाम

पीड़ित महिला अफसाना की आखों से आंसू थम नहीं रहे थे। रोते हुए अफसाना ने बताया कि हमने जन्म से पहले नवजात का नाम भी सोच लिया था। अगर लड़की होती तो जोया और लड़का होता तो उसका नाम फरहान रखते। उसने बताया कि डॉक्टर की लापरवाही ने हमारी दुनिया को उजाड़ दिया।
कोट
महिला की तरफ से शिकायत मिली है। जांच करने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. उषा गुप्ता, पीएमओ जनरल अस्पताल पंचकूला

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