शर्मनाक! छात्राओं को अकेले में बुलाता है प्रिंसिपल
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हरियाणा के झज्जर जिले में एक प्रिंसिपल की शर्मनाक करतूत सामने आई है। स्कूल की लड़कियों ने आरोप लगाया कि प्राचार्य उन्हें फोन पर बात करने और अकेले में मिलने के लिए कहते हैं।
आरोपी प्रिंसिपल जिले के गांव अकहेड़ी मदनपुर में राजकीय कन्या स्कूल में तैनात है। गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल के सामने जमकर बवाल काटा।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल उनके परिजनों से उनके देरी से आने या गैरहाजिर रहने की झूठी शिकायत करते हैं ताकि उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके। इस पर ग्रामीणों ने प्रिंसिपल का घेराव कर उन्हें बंधक बना लिया। शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
परिजनों से झूठी शिकायत के नाम पर करता था ब्लैकमेल
राजकीय कन्या स्कूल अकहेड़ी मदनपुर में मातनहेल निवासी सुरेश पाल सुहाग प्राचार्य के पद पर तैनात हैं। स्कूल की लड़कियों ने आरोप लगाया कि प्राचार्य उन्हें फोन पर बात करने और अकेले में मिलने के लिए कहते हैं।
इसके अलावा लड़कियों के स्कूल से अनुपस्थित रहने और देरी से आने की झूठी शिकायत उनके परिजनों से करते हैं। छात्राओं ने इसकी शिकायत सोमवार को अपने परिजनों से की।
ग्रामीणों को इस बात का पता चला तो वे भड़क गए और राजकीय कन्या स्कूल में पहुंच गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस बारे में प्राचार्य से बातचीत की तो वे कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर ग्रामीणों ने वहां पर हंगामा कर दिया।
ग्रामीणों ने प्रिंसीपल को स्कूल में बनाया बंधक
घटना की सूचना मिलने पर बीईईओ कश्मीर सुहाग मौके पर पहुंचे। मगर ग्रामीण डीईओ और डीसी को बुलाने की जिद पर अड़े हुए थे। गांव के लोग प्राचार्य का तबादला करने की जिद कर रहे थे। स्थिति को बिगड़ता देख डीएसपी धीरज कुमार खट्टर और अजमेर सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
तब ग्रामीणों ने प्राचार्य को स्कूल में ही बंधक बनाया हुआ था। इस पर बीईईओ कश्मीर ने ग्रामीणों की बात डीईओ साधुराम रोहिल्ला से फोन पर कराई। डीईओ ने आश्वासन दिया कि प्राचार्य को अब अकहेड़ी मदनपुर के स्कूल से बदलकर कहीं और लगा दिया जाएगा।
वहीं दोनों डीएसपी ने भी ग्रामीणों को काफी समझाया। तब जाकर प्रदर्शनकारी कुछ शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा पहरे के साथ प्राचार्य सुरेश पाल को स्कूल से बाहर निकाला।
ये कहना है डीईओ और प्रिंसीपल का
ग्रामीणों से फोन पर बात की थी। उनमें प्राचार्य को लेकर खासा गुस्सा था। वहां पर किसी और प्राचार्य को नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए विभाग को लिख दिया गया है। मामले की पूरी जांच भी कराई जाएगी। अगर प्राचार्य इस मामले में दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- साधुराम रोहिल्ला, डीईओ, झज्जर
मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं, वे सभी निराधार हैं। बदनाम करने के लिए ये सारे आरोप लगाए जा रहे हैं। स्कूल में जिन्होंने हंगामा किया वे वो लड़के हैं, जिन्हें स्कूल में घुसने से रोका गया था और उनकी शिकायत पुलिस को दी गई थी।
- सुरेश पाल, प्राचार्य, कन्या स्कूल, अकहेड़ी मदनपुर