पंजाब में अलगाववादी पोस्टर: पटियाला में ऐतिहासिक श्री काली माता मंदिर की दीवार पर लगाया, पुलिस ने दर्ज किया केस
मंदिर को जाने वाले सारे रास्तों पर भी पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है। कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद मंदिर की दीवार पर अलगाववादी पोस्टर लगाने को एक बड़ी साजिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
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पंजाब के पटियाला में ऐतिहासिक श्री काली माता मंदिर की दीवार पर कुछ अज्ञात लोगों ने अलगाववादी पोस्टर लगा दिया। शुक्रवार सुबह इस संबंध में जानकारी मिलते ही तुरंत पुलिस ने पोस्टर वहां से हटवा दिया और जांच शुरू कर दी। खबर लिखे जाने तक इस मामले में थाना कोतवाली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था, जिसकी पुष्टि थाना प्रभारी सरबजीत सिंह चीमा ने की।
चीमा ने बताया कि यह करीब डेढ़ फुट का कपड़े का बना पोस्टर था। खास बात यह है कि 29 अप्रैल 2022 को श्री काली माता मंदिर के बाहर खालिस्तान विरोधी मार्च को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई थी। इसके बाद मंदिर के बाहर सुरक्षा प्रबंध और कड़े कर दिए गए थे। ऐसे में मंदिर की दीवार पर अलगाववादी पोस्टर लगाने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहा है।
उधर, इस पूरे मामले को लेकर हिंदू संगठनों में जबरदस्त रोष है। श्री हिंदू तख्त एवं हिंदू सुरक्षा समिति के ओहदेदारों ने इस मामले में पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों का पता लगाकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं शिवसेना नेता हरीश सिंगला ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस की तरफ से एक सप्ताह के अंदर घटना के पीछे के शरारती तत्वों को गिरफ्तार न किया गया तो पटियाला में खालिस्तान का पुतला जलाया जाएगा।
पटियाला हिंसा के बाद मंदिर के मुख्य गेट के बाहर बैरीकेड लगाकर पुलिस को तैनात किया गया है। इसके साथ ही मंदिर को जाने वाले सारे रास्तों पर भी पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है। कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद मंदिर की दीवार पर अलगाववादी पोस्टर लगाने को एक बड़ी साजिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह पांच बजे तक मंदिर के सुरक्षा मुलाजिम मौजूद थे, उस समय तक मंदिर की किसी भी दीवार पर यह पोस्टर नहीं था। इस संबंध में सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। शिवसेना नेता हरीश सिंगला ने इस घटना का विरोध करते हुए कहा है कि यह पंजाब का माहौल खराब करने की साजिश है।
मंदिर परिसर में भारी सुरक्षा प्रबंध होने के बावजूद पुलिस घटना को रोकने में नाकाम रही है। सिंगला ने कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि पटियाला में 29 अप्रैल को सोची समझी साजिश के तहत श्री काली माता मंदिर को निशाना बनाया गया था और इसके चलते ही पटियाला में बड़ा विवाद खड़ा हुआ था।