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सनसनीखेज है 1 करोड़ की लूटकांड का सच

Mon, 01 Dec 2014 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 01 Dec 2014 09:25 AM IST
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sensetioinal truth behind one billion rs robbary at chandigarh

पुलिस ने सेक्टर-17 स्थित बस स्टैंड से एक नवंबर को ज्वेलर समीर जैन से हुई 1 करोड़ 10 लाख की लूट का खुलासा करने का दावा किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने वारदात में शामिल ज्वेलरी शॉप के कर्मचारी समेत तीनों आरोपियों को सेक्टर-17 के बस स्टैंड के पास दबोचा लिया। उनके पास से 89 लाख बरामद हुए हैं।

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एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि सिकंदर रहमान उर्फ डैनी ज्वेलर समीर जैन की दुकान पर काम करता था। उसे पूरी जानकारी थी कि समीर जैन कब-कब और कितने पैसे लेकर दिल्ली जाता है। पहली बार समीर घर से इतने ज्यादा पैसे लेकर निकले थे। इसके बारे में भी डैनी को पता था।

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ये हैं तीनों आरोपी

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- बुड़ैल का रहने वाला सिकंदर रहमान उर्फ डैनी समीर जैन की ज्वैलरी शॉप में गहनों पर हॉलमार्क लगाने का काम करता था। उसी ने लूट की वारदात की प्लानिंग बनाई थी।
- बुड़ैल निवासी जिम्मी बंसल सेक्टर-19 में कपड़ों की फड़ी लगाता है।
- तीसरा आरोपी राहुल बगियाल मूलरूप से टिहरी गढ़वाल का रहने वाला है। वर्तमान में वह बुडै़ल में ही रह रहा था। वह कुलचे की दुकान पर काम करता था।

ऐसे हुई वारदात

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एसएसपी ने बताया कि वारदात के मुख्य आरोपी सिकंदर रहमान (डैनी) ने लूट की योजना बनाई थी। इसके बाद राहुल और जिम्मी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। तीनों ऑल्टो कार में बस स्टैंड की पिछली तरफ बनी फ्री पार्किंग में समीर जैन के आने का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद समीर जैन का भतीजा तुषार उन्हें वहां से छोड़कर चला गया।

डैनी ने उन्हें आते हुए देखा और राहुल और जिम्मी को भेजा। इसके बाद इन दोनों ने समीर जैन पर पीछे से हमला कर दिया और बैग छीन लिया। वहीं, डैनी कार स्टार्ट कर बैठा हुआ था। इसके बाद तीनों वहां से भाग गए।

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ऐसे संदेह बदला यकीन में

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क्राइम ब्रांच डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि लूट की वारदात के बाद समीर जैन से जुड़े करीबियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई। इसके बाद सभी कर्मचारियों पर दिन-रात निगरानी रखी गई। उनकी हर हलचल पर पुलिस की पूरी नजर थी। तीनों लोगों पर संदेह होने पर उनके मोबाइल सर्विलांस पर लगाए गए। वे तीनों हमेशा एक-दूसरे के टच में रहते थे। इससे पुलिस का संदेह यकीन में बदल गया।

भिखारियों को बांटे 10 हजार:
लूट के बाद भिखारियों में दस हजार रुपये बांटना तीनों को महंगा पड़ गया। एक दिन डैनी शाम को मजार पर गया और वहां 10 हजार की गड्डी पहले मजार में चढ़ाई। इसके बाद उसने 10 हजार रुपये भिखारियों में बांट दिए। पुलिस उस पर नजर रख रही थी। इसी आधार पर उसे दबोच लिया गया। एसएसपी डॉ. गिल ने बताया कि तीनों आरोपी लूट के बाद खुलेआम पैसा उड़ा रहे थे। राहुल ने टिहरी गढ़वाल में अपने भाई की शादी पर 10 लाख रुपये खर्च किए।

विदेश भागने की थी तैयारी

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आरोपियों ने क्राइम ब्रांच को बताया कि पैसे लूटकर उनका प्लान विदेश में आराम से जिंदगी गुजारने का था। शनिवार को तीनों बाकी के बचे 89 लाख रुपये लेकर चंडीगढ़ से बाहर जाने के लिए सेक्टर-17 बस स्टैंड पर पहुंचे। इसी बीच क्राइम ब्रांच की टीम वहां पहुंच गई और तीनों को दबोच लिया।

वारदात के वक्त मोबाइल का नहीं किया इस्तेमाल
तीनों आरोपियों ने वारदात को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। वे जानते थे कि पुलिस उन्हें मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पकड़ सकती है। इसलिए उन्होंने वारदात के समय मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया था।

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