रोहतक रेप: वो चीखती रही, दरिंदे नोचते रहे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाली मूल की 28 वर्षीय युवती की सामूहिक दुष्कर्म के बाद की गई हत्या के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे रोंगटे खड़े करने वाले खुलासे हो रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पकड़े गए आरोपी उसे हिसार रोड पर ड्रेन नंबर 8 के पास एक कमरे में ले गए, जहां वहां चिल्लाती रही, लेकिन आरोपी बारी-बारी से उसे नोंचते रहे। जब मन भर गया तो हाथ पकड़ कर शहर की तरफ रवाना कर दिया। लेकिन फंसने के डर से कुछ देर बाद ही उसे दुबारा पकड़ लिया और उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। अब मंगलवार को पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।
एसआईटी से जुड़े पुलिस सूत्रों ने बताया कि तीन दिन पहले पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली, लेकिन उसके आधार पर जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इसी बीच एक बस चालक ने बताया कि 1 फरवरी की शाम को हिसार बाईपास पर तीन-चार लड़के एक युवती को ऑटो में बैठाने का प्रयास कर रहे थे, वह लगातार विरोध कर रही थी।
इसके चलते पुलिस ने हिसार रोड से लेकर घटनास्थल के आसपास जांच का दायरा बढ़ा दिया। साथ में बहुअकबरपुर व गदद्दी खेड़ी सहित आसपास के संदिग्ध युवकों पर नजर रखनी शुरू कर दी। मुखबिर ने गद्दी खेड़ी के दो युवकों के मोबाइल नंबर भी दिए।
इस तरह पुलिस ने 8 आरोपियों को धर दबोचा
जांच में दोनों नंबरों की लोकेशन 1 फरवरी की रात को घटनास्थल के आसपास मिली। साथ ही सोमवार सुबह दोनों नंबरों की आपस में बातचीत मिली। मौके पर जांच पड़ताल करने पहुंचे डीजीपी यशपाल सिंघल ने साइबर क्राइम एक्सपर्ट व डीआईज क्राइम विवेक शर्मा व एसपी शशांक आनंद से मंथन किया।
तुरंत एसपी ने सीआईए प्रथम प्रभारी मनोज वर्मा को हिदायत दी कि वे छापे मारकर आरोपी युवकों को काबू करें। लगातार दबिश देकर पुलिस ने आठ आरोपियों को धर दबोचा। सीआईए वन में पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी में सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने पूरी वारदात से पर्दा उठा दिया।
संदिग्ध हालात में युवती को घूमते देखा
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 1 फरवरी की शाम करीब सात बजे युवती को एक आरोपी ने संदिग्ध हालात में घूमते देखा। उसने तुरंत सड़क किनारे ढाबा चलाने वाले अपने दोस्त से फोन करके बताया कि इस तरह एक लड़की लावारिस घूम रही है। उसी समय पकड़े गए दो आरोपी शराब पी रहे थे।
तत्काल एक साथ बाइक लेकर पहुंचा और युवती को उठाकर ले आए। चारों उसे ड्रेन नंबर आठ के नजदीक सड़क के किनारे खेतों में बने कमरे में ले गए। जहां और शराब मंगाई गई। इसके बाद फोन करके अपने दूसरे साथियों को बुला लिया। इस तरह आरोपियों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
यहां कर दी हैवानियत की हद पार
सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने युवती को शहर की तरफ रवाना कर दिया। अगले ही पल एक युवक ने कहा कि अगर यह शहर में जाकर किसी को बता देगी तो सारे फंस जाएंगे।
उस समय तक युवती वहां तक पहुंच गई थी, जहां उसका शव मिला है। आरोपियों ने उसकी हत्या करने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसके साथ न केवल मारपीट की, बल्कि एक आरोपी ने नुकीले पत्थर तक निजी अंगों में डाल दिए। साथ में गला दबाकर हत्या कर दी और शव को फेंक कर मौके से फरार हो गए।
फुटेज में दिखी लड़की मिली दूसरी
कल तक पुलिस दावा कर रही थी कि सीसीटीवी फुटेज में लड़की को सड़क पर जाते हुए देखा है। यहां तक परिजनों ने भी पुष्टि की थी कि फुटेज में नेपाली युवती ही दिखाई दे रही है।
इस एंगल पर पुलिस जांच आगे बढ़ा रही थी, लेकिन इससे ज्यादा सुराग नहीं लग सका। मोबाइल की कॉल डिटेल से ही पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पूर्व सरपंच का बेटा है आरोपी पदम
पुलिसिया पूछताछ में पता चला है कि सबसे पहले गांव के युवक प्रमोद उर्फ पदम ने नेपाली लड़की को गांव बहुअकबरपुर के अड्डे पर देखा था। उसने ही ढाबा मालिक को सूचना दी। ढाबे पर दो आरोपी पहले ही शराब पी रहे थे।
इस तरह युवती को उठाकर उसके साथ हैवानियत का खेल खेला गया। पदम के पिता रणबीर सिंह गांव के पूर्व सरपंच हैं और आर्मी से रिटायर्ड हैं। पदम की मां का कहना है कि रात को उसका बेटा घर पर ही थी। बेवजह पुलिस उसे उठाकर ले गई।
विवेक शर्मा व मनोज वर्मा ने फिर किया खुद को साबित
क्राइम ब्रांच के डीआईजी विवेक शर्मा व सीआईए वन के इंस्पेक्टर मनोज वर्मा ने एक बार फिर खुद को साबित कर दिया। विवेक शर्मा को साइबर क्राइम का एक्सपर्ट माना जाता है। इससे पहले कलानौर अपहरण केस, गोहाना के बैंक सुरंग कांड व दूसरे ऐसे मामलों को सुलझा चुके हैं, जिनमें पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था।
वहीं मनोज वर्मा सीआईए में रहते हुए रेलवे रोड की 80 लाख की चोरी, सेक्टर तीन के अपहरण कांड व दूसरे कई ब्लाइंड मर्डर सुलझा चुके हैं।