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PGI में नर्स सुसाइड केस में चौंकाने वाला खुलासा

Thu, 26 Mar 2015 10:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 26 Mar 2015 10:52 AM IST
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rohtak pgi staff nurse meena suicide case

रोहतक पीजीआई में स्टाफ नर्स मीना के सुसाइड केस में मौत के कारणों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मेडिकल बोर्ड की ओर से किए गए पोस्टमार्टम में भी मौत के कारण साफ नहीं हो पाए, लेकिन बताया जा रहा है कि नर्स की बेहोशी की दवा की अधिक डोज लेने के कारण मौत हुई।

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डॉ. धत्तरवाल का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए हिस्टोपैथोलॉजी जांच करवाई जाएगी। इसके लिए मृतका के दिमाग, फेफड़े, लीवर, गुर्दे, पेट और आंत के हिस्से भेजे गए हैं। ब्लड एवं बायोकेमिकल जांच के लिए भी सैंपल भेजे हैं।
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एफएसएल रिपोर्ट और मौके से बरामद दवाओं के सैंपल मंगवाए गए हैं ताकि उनके साथ रिपोर्ट को मैच किया जा सके। इसके बाद ही मौत के असली कारणों की जांच की जाएगी।
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दो दिन बाद भी आरोपी तांत्रिक बाप-बेटे का सुराग नहीं

rohtak pgi staff nurse meena suicide case

नर्स आत्महत्या कांड में पुलिस दो दिन बाद भी संदिग्ध आरोपी तांत्रिक बाप-बेटे तक नही पहुंच सकी। गिरफ्तारी तो दूर पुलिस तो 24 घंटे बाद पोस्टमार्टम के लिए भी कागजात पूरे नहीं कर सकी। मामले में दूसरे दिन भी जमकर हंगामा हुआ। पोस्टमार्टम के लिए घंटों देरी के बाद पुलिस शवगृह में पूरे कागजात जमा नहीं करा पाई।

फोरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. धत्तरवाल ने डांट पिलाई तो एसएचओ को मौके पर आना पड़ा। डीएसपी अमित भाटिया ने फोन पर शाम तक कागजी कार्रवाई पूरी होने की हामी भरी तब जाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि पोस्टमार्टम में मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

नहीं है कोई गिरफ्तार, जांच जारी
‘नर्स मीना का शव पोस्टमार्टम के बाद वारिसों को सौंप दिया है। मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। ज्योतिषी की तलाश में छापामारी की जा रही है। फिलहाल कोई गिरफ्तार नहीं है।’
कुलदीप, एसएचओ, पीजीआई, रोहतक

शव के लिए परिजनों को करना पड़ा घंटों इंतजार

rohtak pgi staff nurse meena suicide case

मंगलवार सुबह 7 बजे पीजीआई के इमरजेंसी ओटी में स्टाफ नर्स का शव मिलने के बाद शाम तक परिजनों का हंगामा होता रहा। दोनों पक्षों की ओर से समझौता न होने और कागजी कार्रवाई के चलते पूरा दिन बीत गया, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका।

बुधवार सुबह भी पुलिस देरी से पोस्टमार्टम कराने पहुंची, लेकिन आधे अधूरे दस्तावेजों के साथ। पीजीआई के फोरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. धत्तरवाल ने बताया कि दस्तावेजों में न तो पीआई (पुलिस सूचना) की कॉपी थी और न ही सुसाइड नोट की कॉपी।

मौत के कारण वाला खाना भी खाली छोड़ा हुआ था। मौके से मिले एंप्यूल, सिरिंज का जिक्र तो दूर, सीन ऑफ क्राइम की रिपोर्ट तक जमा नहीं कराई गई। ऐसे में सुबह से खड़े परिजनों को दोपहर ढाई बजे शव मिल सका।

ये है मामला

rohtak pgi staff nurse meena suicide case

शिवाजी कॉलोनी निवासी स्टाफ नर्स मीना का शव मंगलवार सुबह 7 बजे पीजीआई इमरजेंसी के ओटी में मिला। सोमवार रात को उसकी वहीं पर ड्यूटी थी और एक बजे तक ऑपरेशन के बाद वह दूसरे कमरे में चली गई। सुबह ओटी में उसे मृत पाया गया। सामने आया कि नर्स ने बेहोशी की दवा का डोज ले खुदकुशी कर ली।

नर्स के पास से दो सुसाइड नोट बरामद हुए। सूत्रों की मानें तो नर्स ने दोनों नोटों में अपनी मौत के लिए एक तांत्रिक (ज्योतिष) बाप-बेटे को जिम्मेदार ठहराया।

बताया कि तांत्रिक ने मुझे बेहोश कर मेरा एमएमएस बना लिया और ब्लैकमेल किया जाने लगा। हालांकि पुलिस सुसाइड नोट को सार्वजनिक नहीं कर रही है।

पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया। बताया जा रहा है कि मामले में डी-पार्क के आसपास स्थित एक ज्योतिष का नाम सामने आया है। लेकिन पुलिस 48 घंटे बाद भी खाली हाथ है।

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