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जानिए, कौन हैं रोहतक रेप केस के सभी दरिंदें?

Tue, 10 Feb 2015 02:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 10 Feb 2015 02:49 PM IST
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Rohtak Gangrape Case Accused Full Profile

नेपाली मूल की युवती के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करने वाले आरोपियों के बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे। सभी आरोपी गद्दी खेड़ी गांव के हैं। राजेश उर्फ घुचड़ू पुत्र जगदीश बेरोजगार है और गांव में घूमता रहता है।

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सुनील उर्फ शीले पुत्र रमेश अपनी दुकान शीले कोल्ड ड्रिंक पर काम करता था। सरवर उर्फ बिल्लू पुत्र ओमप्रकाश लकड़ी का काम करता है। एक आरोपी मनबीर पुत्र धर्मबीर है। सुनील उर्फ माड़ा पुत्र सूरजभान गांव में ही शराब के ठेके चलाता है।
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बताया जा रहा है कि पवन पुत्र करमू किसी फैक्ट्री में काम करता है। प्रमोद उर्फ पदम गांव के पूर्व सरपंच रणबीर सिंह का बेटा है और खेती करता है। सोमबीर पुत्र शीलकराम एक निजी फैक्ट्री में काम करता है और नेपाली संतोष शीले की दुकान पर रहता था।

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मलेशिया में रहते हैं नेपाली संतोष के पिता

Rohtak Gangrape Case Accused Full Profile

नेपाली लड़के संतोष के पिता विक्रम मलेशिया में रहते हैं। अनिल का दावा है कि संतोष की यहां किसी से ज्यादा जान पहचान नहीं थी और एक नेपाली लड़का पदम कभी-कभी रोहतक से उसे मिलने आता था।

रविवार को उठाकर ले गई थी पुलिस नेपाली को

अनिल ने बताया कि पुलिस नेपाली को रविवार को भी दुकान से उठाकर ले गई थी लेकिन शाम को छोड़ भी गई। रविवार रात को अनिल ने नेपाली और सुनील दोनों को अपने सामने बैठाकर पूछा भी कि क्या उन्हें कुछ पता है या उन्होंने कुछ किया है तो नेपाली ने भगवान कसम खाकर कहा था कि उसे कुछ नहीं पता और कुछ नहीं किया। अपने भाई सुनील से क्यों पूछा, यह पूछने पर अनिल कहते हैं कि उन्हें भ्रम था कि नेपाली और सुनील दोनों साथ रहते हैं।

सोमवार को हुडा कांप्लेक्स से उठाया संतोष को
संतोष सोमवार को अपने जीजा के साथ हुडा कांप्लेक्स आया था। संतोष के जीजा को मलेशिया जाना था और वे यहां किसी से मिलने और सामान लेने आए थे। इसी दौरान पुलिस ने संतोष को उठा लिया।

नेपाली संतोष को चपरासी के परिवार ने काम दिया

Rohtak Gangrape Case Accused Full Profile

निर्भया कांड के तीन आरोपी सरकारी स्कूल के चपरासी रमेश कुमार के परिवार से हैं। इस परिवार ने नेपाली संतोष को काम दिया। उसका बेटा अनिल कहता है कि संतोष हमारा बच्चा है। डेढ़ साल पहले वह मासूम लड़का नंबरदार के ढाबे में काम कर रहा था। मैं उसे अपनी दुकान में ले आया। घर पर रखा। दूध-घी खिलाया। अब वह जवान और तगड़ा हो गया है। लेकिन यह लड़का दरिंदगी की इस हद को पार कर जाएगा, इस बात पर अभी भी यकीन नहीं हैं।

मेरा छोटा भाई सुनील (22) भी संतोष की तरह ही बेकसूर है, लेकिन हम यह भी नहीं कह सकते कि पुलिस ने उन्हें जानबूझकर फंसाया है। हां, मेरा चचेरा भाई राजेश जरूर आवारा था, हम ही उसे रोटी खिलाते थे, लेकिन अब उसके साथ हमारा हंसता-खेलता परिवार भी उजड़ गया। अनिल बस इतना ही कह पाया कि उसकी आंखें भर आईं।

आंसु और भावनाओं को काबू कर अनिल कहता है कि मेरे पापा रमेश सरकारी स्कूल में चपरासी हैं। उन्होंने हमें शिक्षकों जैसे संस्कार दिए। लेकिन इस रूह कंपा देने वाले अपराध में पकड़े गए तीनों आरोपी मेरे घर से हैं। फिर भी हम नहीं मान सकते कि उन्होंने ऐसा जघन्य अपराध किया होगा।

सुनील और राजेश भी चपरासी के ही बेटे

Rohtak Gangrape Case Accused Full Profile

शहर के निकटवर्ती गांव गद्दी खेड़ी गांव की संकरी गलियों में रहने वाले चपरासी रमेश कुमार का मकान है। रमेश कुमार शहर के शास्त्री नगर के सरकारी स्कूल में चपरासी हैं। आरक्षित वर्ग के परिवार में कई लोग सरकारी नौकरी में हैं, लेकिन रमेश के दोनों बेटों ने ग्रेजुएशन में ही पढ़ाई छोड़ दी। रमेश के बड़े बेटे अनिल ने गांव के बस अड्डे पर चाय और कोल्ड ड्रिंक की दुकान कर ली।

छोटा बेटा सुनील उर्फ शीला भी दुकान पर ही लग गया। काम बढ़ा तो अनिल पड़ोस के ही एक ढाबे से नेपाली लड़के संतोष को दुकान पर ले आया और उसे अपने घर ही रखने लगा। संतोष दुकान और घर दोनों में रच बस गया और परिवार का एक हिस्सा बन गया। संतोष ज्यादा समय सुनील के साथ ही रहता था।

रोहतक की निर्भया कांड का एक और आरोपी इसी परिवार का हिस्सा है। राजेश उर्फ घूचड़ू अनिल का चचेरा भाई है। उसकी मां कई साल पहले गांव छोड़कर पंजाब चली गई और अभी मकान भी बेच दिया था। वह राजेश को अपने पास बुलाना चाहती थी, लेकिन राजेश मकान के पैसे अपनी मां से वापस लेना चाहता था। मकान बिकने के बाद राजेश भी रमेश के घर पर ही रोटी खाता था।

3 आरोपियों के सिर पर नहीं पिता का हाथ

Rohtak Gangrape Case Accused Full Profile

निर्भया कांड के तीन आरोपी पदम, राजेश और सोमबीर के सिर पर पिता का हाथ नहीं है। पूरा गांव दंग है कि उनके गांव के बच्चों ने ऐसा जघन्य अपराध कैसे कर दिया, जिससे रूह कांप जाए।

विधवा मां कर रही दोनों बेटों के लौटने का इंतजार
सोमबीर पुत्र सिलकराम ने दिल्ली में जहर निगल लिया, लेकिन घर पर उसकी मां को नहीं पता कि उसके बेटे का नाम सामने आ गया है। सिलकराम की विधवा कहती है कि मेरे दूसरे बेटे को भी पुलिस ने उठा रखा है। इस उम्मीद में घर के दरवाजे पर बैठी है कि जल्द ही दोनों बेटे वापस आएंगे।

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