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सवालों के घेरे में ज्वाइंट जीएम कंवलजीत सुसाइड केस की पुलिस जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Fri, 01 Apr 2016 04:09 PM IST
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एचएमटी जीएम का सुसाइड
- फोटो : amar ujala
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एचएमटी फैक्टरी पिंजौर में ज्वाइंट जनरल मैनेजर कंवलजीत सिंह के सुसाइड की जांच सवालों के घेरे में है। घटना के चार दिन बाद भी पुलिस फैक्टरी में सुरक्षा के मद्देनजर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज तक नहीं जुटा पाई है। चौंकाने वाली बात ये है कि जहां कल तक पिंजौर थाना एसएचओ सीसीटीवी कैमरे न होने की बात कह रहे थे।
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वहीं जब अमर उजाला में ने सीसीटीवी फुटेज और आत्महत्या से 20 मिनट पहले कंवलजीत सिंह की फोटो समेत पूरी डिटेल प्रमुखता से प्रकाशित की तो हड़कंप मच गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचकूला डीसीपी अनिल कुमार धवन ने पिंजौर थाना एचएचओ और सुसाइड केस के जांच अधिकारी को फटकार लगाते हुए सीसीटीवी कैमरे की फुटेज बरामद करने के निर्देश दिए हैं।
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एसीपी बोले, गहनता से चल रही है जांच
वीरवार शाम को कालका के एसीपी राजेश कुमार से जब सीसीटीवी फुटेज के बारे में जानकारी ली गई तो, उन्होंने दावा किया कि पिंजौर के एसएचओ ने यह सीसीटीवी फुटेज बुधवार को ही कब्जे में ले ली थी। उन्होंने बताया कि इस मामले की पूरी गहनता के साथ जांच जारी है।
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ऐसे खुली पुलिस के दावे की पोल
पुलिस के इस दावे की तब पोल खुल गई। जब एसीपी की प्रतिक्रिया के बाद एचएमटी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि वीरवार शाम सवा छह बजे तक पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज नहीं ली है। जब पुलिस ये सीसीटीवी फुटेज लेने आएगी तो उन्हें फुटेज देने की व्यवस्था की जाएगी।
प्रशासनिक भवन की मांगी थी चाबी
एचएमटी के ज्वाइंट जनरल मैनेजर कंवलजीत सिंह ने सुसाइड करने से कुछ मिनट पहले एक कर्मचारी से प्रशासनिक भवन की चाबी मांगी थी। लेकिन यहां ताला लगा होने के कारण वे नीचे आ गए और थोड़ी देर बाद पता चला कि उन्होंने टंकी से कूद कर आत्महत्या कर ली है। यह जानकारी आफिस के एक कर्मचारी ने दी। उसने बताया कि आत्महत्या से कुछ देर पहले वे प्रशासनिक भवन की चाबी लेने के लिए आए थे, क्योंकि वहां ऊपर का गेट बंद था।