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जानिए, पीयू में छात्र नेताओं के विवाद की असली जड़

Wed, 02 Jul 2014 05:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 02 Jul 2014 05:16 PM IST
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quarrel between sudent leaders in punjab university campus

पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) में मंगलवार को दोपहर बाद हेल्प डेस्क पर पुसू और सोई छात्र नेताओं के बीच झगड़ा होकर, जिसमें जमकर बोतलें और कुर्सियां चलीं। इसमें पीयू के चीफ सिक्योरटी अफसर डा. जितेंद्र ग्रोवर, सिक्योरटी गार्ड त्रिलोचन सिंह और छात्र खुशप्रीत सिंह बुरी तरह से घायल हो गए।

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साथ ही आधा दर्जन से अधिक पीयू कर्मचारी, स्टूडेंट और पुलिस कर्मचारियों को भी चोटें आईं। झगड़े की सूचना पर पुलिस ने कैंपस को घेर लिया और पीयू के तीनों गेट बंद कर दिए गए। डीएसपी आशीष कपूर और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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करीब 2.30 बजे हेल्प डेस्क पर पुसू छात्र नेताओं और सोई छात्र नेताओं के बीच एक समर्थक द्वारा पाला बदलने को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। दोनों तरफ से कोल्ड ड्रिंक्स की बोतले, डंडे और कुर्सियां एक दूसरे पर फेंकी जाने लगीं।
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इससे मौके पर खड़े 200 से अधिक स्टूडेंट और उनके अभिभावकों में भगदड़ मच गई। हेल्प डेस्क के पास ही बैठे पुलिस कर्मचारी भी घटना को रोकने में असमर्थ दिखाई दिए।

घटना के बाद हटाए गए हेल्प डेस्क

quarrel between sudent leaders in punjab university campus

इसी बीच चीफ सिक्योरटी अफसर डा. जितेंद्र ग्रोवर और कुछ अन्य पीयू सिक्योरटी गार्ड ने दोनों पक्षों के बीच आकर मामले को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन, डा. जितेंद्र ग्रोवर पर भी छात्र नेताओं ने कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दी।

डा. ग्रोवर की र्दाइं आंख और सिर पर गहरी चोटें आई, पीयू सिक्योरटी गार्ड त्रिलोचन को गंभीर हालत में सेक्टर-16 अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के पहुंचने पर छात्र नेता भाग निकले। हालांकि, पुलिस ने कुछ युवकों को गिरफ्तार किया है।

झगड़े के बाद डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल ने तुरंत हेल्प डेस्क के सभी टेंट उखाड़ने के आदेश दिए। इस पर एनएसयूआई नेता मनोज लुबाना और इनसो छात्र नेताओं ने विरोध किया।

आखिर में सभी छात्र संगठनों ने 4.30 बजे तक खुद ही सभी टेंट हटाने का आश्वासन दिया। शाम 5 बजे तक पुलिस और पीयू कर्मचारियों ने टेंट उखाड़ दिए।

चुनाव पर रोक लगाने की धमकी

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डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल ने घटना के बाद कहा कि ऐसे हालात में चुनाव नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने सभी छात्र नेताओं से कहा कि हेल्प डेस्क शुरू करने से पहले सभी नेताओं ने कैंपस में शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया था।

लेकिन, 25 जून से लगे हेल्प डेस्क पर तीन बार छात्र नेताओं के बीच मार पिटाई हुई। डीएसपी आशीष कपूर ने पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के अलावा घटना की वीडियो बनाने वाले स्टूडेंट से रिकार्डिंग ली है। डीएसपी ने कहा कि मामले में दोषियों को सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कई छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन भी ले गई। कैंपस में शांति बनाए रखने के लिए एनएसयूआई नेता मनोज लुबाना, सिमरनीत कौर, चंदन राणा की अगुवाई में पीयू कैंपस में कैंडल मार्च निकाला।

पीयू प्रशासन खुद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएगी

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बठिंडा से बेटी के साथ फार्म भरने पहुंचे सुखदेव ने कहा कि वह तो यह सोचकर बेटी को दाखिला दिलाने आए थे कि पीयू देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी है। लेकिन, कैंपस की हिंसक घटना के बाद उन्हें दोबारा सोचना पड़ेगा।

अंबाला से पहुंची निकिता ने कहा कि पीयू कैंपस के बारे में बहुत अच्छा सुना था, लेकिन आज की घटना ने उनकी सोच को बदल दिया है। एनएसयूआई नेता सिमरनजीत कौर ने कहा कि इस तरह की घटना से कैंपस की साख गिरती है।

प्रो. नवदीप गोयल, डीएसडब्ल्यू, पीयू ने कहा कि कैंपस में इस तरह की घटना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रों ने चीफ सिक्योरटी अफसर पर हमला किया है। पीयू प्रशासन खुद मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएगी।

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