फौजी की बाइक पर पुलिसकर्मी ने डंडा मारकर गिराया, तड़पता छोड़ भागे, अस्पताल में मौत
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राष्ट्रीय राजमार्ग 344 के करहेड़ा चौराहे के पास नाके पर बुधवार सुबह ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की लापरवाही ने एक फौजी की जान ले ली। नाके पर बाइक सवार आर्मी के जवान को रोकने के लिए एक पुलिसकर्मी ने बाइक के हैंडल पर हाथ मार दिया वहीं पीछे खड़े दूसरे पुलिसकर्मी ने डंडा मार दिया। बाइक अनियंत्रित होकर हाईवे से गुजर रहे ओवरलोड ट्राले से टकरा गई।
इससे तिगरा गांव निवासी नसीब राणा गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वाहनों की जांच कर रहे पुलिसकर्मी घायल को अस्पताल पहुंचाने की बजाय घटनास्थल पर तड़पता छोड़कर भाग गए। इसी दौरान पीछे से आ रहे चचेरे भाई शिव कुमार ने घायल को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने नसीब को मृत घोषित कर दिया।
इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे पर करीब पांच घंटे जाम लगा दिया और पुलिस बूथ को उखाड़ दिया। ग्रामीणों ने ट्राले में तोड़फोड़ की और तेल की टंकी में आग लगाने का प्रयास किया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को रोक लिया। पुलिस को दी शिकायत में शिवकुमार ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिस और कुछ होमगार्ड हाईवे से निकल रहे ओवरलोड वाहनों के चालकों से रिश्वत ले रहे थे। पुलिस ने अज्ञात ट्राला चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर अड़े ग्रामीण
तीन डीएसपी और रादौर के एसडीएम कंवर सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर पर अड़ गए। बाद में विधायक श्याम सिंह राणा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव के श्मशान घाट में ले जाया गया। जहां अंबाला से आए सैनिकों की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी दी। उसके बाद दाह संस्कार किया गया।
तीन साल पहले ही सेना में हुए थे भर्ती
नसीब राणा करीब तीन साल पहले सेना में भर्ती हुए थे और ट्रेनिंग के बाद 72 इंजीनियर रेजिमेंट जीरकपुर में तैनात थे। वह लालड़ू में अपनी बहन के पास रह रहे थे। काफी समय से उनके पिता मेघराज बीमार चल रहे थे। उनकी देखभाल के लिए वह 18 मार्च को एक महीने की छुट्टी लेकर घर आए थे।
मृतक के चचेरे भाई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। अगर जांच में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -कुलदीप सिंह यादव, एसपी, यमुनानगर
यह बहुत दुखद घटना है। पुलिस उच्चाधिकारियों से बात की है। अगर पुलिसकर्मी नाका लगा कर उगाही कर रहे हैं तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। -श्याम सिंह राणा, विधायक