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'मौत का खेल' खेलते-खेलते चली गई मजदूर की जान, हवलदार के उड़ गए होश
ब्यूरो/अमर उजाला, बेरी(झज्जर)
Updated Sun, 06 May 2018 03:09 PM IST
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गोली
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'मौत का खेल' खेल रहे थे कि अचानक हो गया कुछ ऐसा, चली गई मजदूर की जान। हालत देखकर हवलदार के होश ही उड़ गए। घटना हरियाणा के झज्जर की है। बेरी के गांव छुछकवास में शराब के नशे में अपनी रिवाल्वर से मौत का खेल खेल रहे हरियाणा पुलिस के एक हवलदार ने मजदूर के माथे पर गोली मारकर जान ले ली। घटना के बाद से आरोपी फरार है। पुलिस ने मजदूर के भतीजे प्रदीप की शिकायत पर हवलदार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
आरोपी की पहचान कृष्ण पुत्र बलवान निवासी चरखी दादरी के रूप में हुई है। वह जिला अदालत के एक मजिस्ट्रेट का सुरक्षा में तैनात है। मजदूर यूपी के पीलीभीत का हरने वाला था। पुलिस ने बताया कि हवलदार कृष्ण ने करीब दो साल पहले झज्जर बाईपास पर एक होटल बनवाया था। उसने होटल में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी बुद्धसेन (23) पुत्र सुखलाल और उसके अन्य साथियों को काम पर रखा था। किन्हीं वजहों से बुद्धसेन और उसके साथियों ने दो माह बाद होटल का काम छोड़ दिया।
इसके बाद छुछकवास गांव में रेती-क्रेशर की ढुलाई का काम करने लगे। इस बीच कृष्ण का मेलजोल बुद्धसेन और उसके साथियों से बना रहा। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार देर शाम कृष्ण शराब लेकर बुद्धसेन के कमरे में पहुंचा। सभी ने साथ में शराब पी और सो गए। सुबह कृष्ण ने फिर शराब पी ली। बुद्धसेन के साथियों का कहना है कि शराब के नशे में कृष्ण मौत का खेल दिखाने लगा। वह बुद्धसेन से बोला कि रिवाल्वर में गोली है, लेकिन नहीं चलेगी। इसके बाद उसने फायर किया, लेकिन गोली नहीं चली।
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इसके बाद उसने बुद्धसेन के माथे से रिवाल्वर सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही बुद्धसेन गिर गया और हवलदार फरार हो गया। इसके बाद प्रदीप, पारस राम, लालजीत और प्रेम शंकर उपचार के लिए बुद्धसेन को झज्जर के नागरिक अस्पताल लेकर आए। यहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर बेरी थाना प्रभारी तेलूराम, छुछकवास चौकी इंचार्ज शेषराज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में मौके पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है।
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आरोपी की पहचान कृष्ण पुत्र बलवान निवासी चरखी दादरी के रूप में हुई है। वह जिला अदालत के एक मजिस्ट्रेट का सुरक्षा में तैनात है। मजदूर यूपी के पीलीभीत का हरने वाला था। पुलिस ने बताया कि हवलदार कृष्ण ने करीब दो साल पहले झज्जर बाईपास पर एक होटल बनवाया था। उसने होटल में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी बुद्धसेन (23) पुत्र सुखलाल और उसके अन्य साथियों को काम पर रखा था। किन्हीं वजहों से बुद्धसेन और उसके साथियों ने दो माह बाद होटल का काम छोड़ दिया।
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इसके बाद छुछकवास गांव में रेती-क्रेशर की ढुलाई का काम करने लगे। इस बीच कृष्ण का मेलजोल बुद्धसेन और उसके साथियों से बना रहा। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार देर शाम कृष्ण शराब लेकर बुद्धसेन के कमरे में पहुंचा। सभी ने साथ में शराब पी और सो गए। सुबह कृष्ण ने फिर शराब पी ली। बुद्धसेन के साथियों का कहना है कि शराब के नशे में कृष्ण मौत का खेल दिखाने लगा। वह बुद्धसेन से बोला कि रिवाल्वर में गोली है, लेकिन नहीं चलेगी। इसके बाद उसने फायर किया, लेकिन गोली नहीं चली।
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इसके बाद उसने बुद्धसेन के माथे से रिवाल्वर सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही बुद्धसेन गिर गया और हवलदार फरार हो गया। इसके बाद प्रदीप, पारस राम, लालजीत और प्रेम शंकर उपचार के लिए बुद्धसेन को झज्जर के नागरिक अस्पताल लेकर आए। यहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर बेरी थाना प्रभारी तेलूराम, छुछकवास चौकी इंचार्ज शेषराज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में मौके पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है।