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लापता पिंकी का खून से लथपथ शव मिला बंद बोरे में

Mon, 02 Dec 2013 03:00 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 02 Dec 2013 03:00 PM IST
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pinki found dead in chandigarh
चार दिन से लापता 11 वर्षीय बच्ची पिंकी का लहूलुहान शव सेक्टर 52 की फर्नीचर मार्केट के पास जंगल में बोरी में बंद मिला।
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इसके बाद गुस्साये लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पलसोरा रोड पर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि करीब तीन साल पहले हुए खुशप्रीत मामले से चंडीगढ़ पुलिस ने कोई सबक नहीं सीखा और बच्ची को तलाशने में वैसी ही लापरवाही बरती गई।

पुलिस नहीं राहगीर ने ढूंढा शव
चार दिन से लापता पिंक रानी का शव पुलिस ने नहीं एक राहगीर ने ढूंढा। फर्नीचर मार्केट के पास जंगल में राहगीर ने बोरी को खोला तो अंदर बच्ची का खून से लथपथ शव निकला।
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उसने तत्काल पुलिस को सूचित किया। बच्ची के गले में प्लास्टिक की रस्सी लिपटी थी और गला दबाने के निशान थे।

उसके मुंह और कपड़ों पर खून लगा था। सूचना मिलने पर सेक्टर-36 के थाना प्रभारी भूपिंदर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने गुमशुदा बच्ची को पहचान सेक्टर-39 के थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल को मौके पर बुलाया।
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पटियाल ने मौके का मुआयना कर शव कब्जे में लेकर हत्या का मामला दर्ज किया। सूचना मिलने पर एसएसपी नौनिहाल सिंह और डीएसपी साउथ सुरजीत मलिक।

जांच के लिए एसआईटी गठित
एसएसपी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। इसका नेतृत्व डीएसपी साउथ करेंगे। बच्ची का पोस्टमार्टम करने के लिए डॉक्टरों का बोर्ड गठित किया गया है।

27 नवंबर से लापता थी
पलसोरा निवासी बच्ची के पिता रामकृपाल के अनुसार पिंकी 27 नवंबर को शाम चार बजे घर से बीस रुपये लेकर सहेली के पास जाने के लिए निकली थी।

शाम तक जब बेटी वापस नहीं आई तो उन्होंने पहले उसकी तलाश की और सुराग न मिलने पर पलसौरा चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

रामकृपाल पलसौरा में ही सब्जी बेचने का काम करते हैं। वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के प्रताप गढ़ के रहने वाले हैं। पिछले 15 साल से यहीं रह रहे हैं। उनके चार बेटियां हैं और पिंकी सबसे बड़ी थी। वह सेक्टर 54 के सरकारी स्कूल में छठी क्लास में पढ़ती थी।
 
पड़ोसी पर शक
पुलिस के अनुसार तीन दिन से पलसोरा में बच्ची के पड़ोस में रहने वाला युवक भी गायब है। पुलिस उसके बारे में पता लगा रही है। जिस तरह से हत्या को अंजाम दिया गया है उससे यह किसी पड़ोस के व्यक्ति या जानकार का ही काम लगता है।

कोट
चार दिन पहले लापता हुई बच्ची का शव लहूलुहान हालत में बोरी के अंदर मिला है। बच्ची की हत्या की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
-नौनिहाल सिंह, एसएसपी

4 जनवरी 2011 : ऐसी ही स्थिति में मिला था खुशप्रीत का शव
पांच वर्षीय खुशप्रीत का अपहरण बुड़ैल में उसके घर के पास से 21 दिसंबर 2010 को किया गया था। चार जनवरी 2011 को उसका शव मोहाली क्रिकेट स्टेडियम से कुछ दूरी पर एक सुनसान सड़के किनारे पड़े मलबे पर बोरी के बेग में मिला था।

पटियाल समेत तीन हुए थे सस्पैंड
सेक्टर-39 को थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल खुशप्रीत मामले के समय बुड़ैल चौकी के प्रभारी थे। तब मामले की मजिस्ट्रेट जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आई थी।


पीसीएस मोहनलाल शर्मा की 104 पेज की इस जांच रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-34 के तत्कालीन थाना प्रभारी उदयपाल सिंह, तत्कालीन चौकी प्रभारी नरेंद्र पटियाल और एसआई बलराज सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके साथ ही तत्कालीन डीएसपी साउथ विजयपाल सिंह का ट्रांसफर कर दिया गया था।  
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