इंडो-पाक बॉर्डर पर छेड़छाड़ की शिकार विदेशी महिला की मौत
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वाघा बॉर्डर पर वीरवार रात बेहोश मिली जांबिया निवासी महिला की शनिवार रात गुरु नानक देव अस्पताल में मौत हो गई। पाकिस्तान बॉर्डर के अधिकारियों पर महिला के साथ शारीरिक प्रताड़ना का आरोप है। एसएसपी देहाती जसदीप सिंह ने महिला की मौत की पुष्टि की है।
पुलिस के अनुसार जांबिया निवासी 28 साल की महिला महाराष्ट्र की एक कंपनी एसीएमई मशीनरी इंडिया प्राइवेट लि. में 19 जून को बिजनेस दौरे पर आई थी। इसके बाद वह दिल्ली से पाकिस्तान जाने के लिए दिल्ली-लाहौर बस में बैठी।
पाकिस्तान का वीजा न होने के कारण उसे अमृतसर बॉर्डर पर रोक लिया गया, हालांकि बाद में उसे जाने दिया। इसके बाद पाकिस्तान अधिकारियों ने उसे रोक लिया और वीजा न होने के कारण उसे वापस भारत भेज दिया। सारी रात वह जीरो लाइन पर घूमती रही।
होश आने पर काफी डरी हुई थी महिला
भारत के इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे बेहोश पाया। होश में आने के बाद जब बीएसएफ अधिकारियों, अटारी के तहसीलदार अमरजीत सिंह और एसएचओ घरिंडा रविंदर सिंह ने उसके बारे में जानने की कोशिश की तो उसने कुछ नहीं बताया। हालत ठीक न होने के कारण उसे 26 जून की रात को गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल कराया गया।
शनिवार दोपहर जब उसे होश आया तो उसने अपनी देखभाल कर रहे दो कर्मचारियों के साथ बुरा व्यवहार किया। जब अस्पताल के डॉक्टर उसका चेकअप करने आए तो उसने डोंट टच मी कहकर उन्हें मना कर दिया।
शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। एसएसपी देहाती जसदीप सिंह सैणी ने बताया कि महिला के पोस्टमार्टम के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इसका प्रमुख डॉ. निरंकार सिंह को बनाया गया है।
27 को जाना था वापस
प्रशासनिक अधिकारियों को महिला के पासपोर्ट से पता चला कि उसे 27 जून को अपने देश वापस जाना था। जिला प्रशासन द्वारा मामले की जानकारी दिल्ली स्थित जांबिया हाई कमीशन को दे दी गई है।