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पेपर लीक कर सरकारी नौकरियां दिलाने वाला गिरोह काबू, 9 गिरप्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:10 AM IST
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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने एक ऐसे गिरोह को काबू किया है। जो पेपर लीक कर सरकारी नौकरियां दिलवाते थे। गिरोह के सदस्य विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से पहले उसमें शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे। उन्हें परीक्षा में पास कर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेते थे।
अभ्यर्थियों को पेपर की तैयारी दिल्ली में करवाते थे। इसके बाद परीक्षा में शामिल होकर आवेदक परीक्षा पास करते थे। ऐसे गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। इनमें से चार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जेल जाने वालों में मोंटू कोच्छड़, साहिल बंसल, मोटू गुप्ता व रवि रंजन शामिल है। जबकि पांच को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। इनमें विनय कुमार, मुश्ताक अहमद, जय कुमार द्विवेदी, गौरव शर्मा व मनविंदर सिंह गिल शामिल है। यह दो दिन के पुलिस रिमांड पर है। वहीं, दिल्ली के जिस घर में पेपर की तैयारी करवाई जा रही थी। वहां से विजिलेंस ने पंजाब सीवरेज बोर्ड के जूनियर इंजीनियर की भर्ती के लिए नौ अक्तूबर को हुई परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवारों के दाखिला कार्ड व अन्य फोटो कापियां बरामद की है।
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अभ्यर्थियों को पेपर की तैयारी दिल्ली में करवाते थे। इसके बाद परीक्षा में शामिल होकर आवेदक परीक्षा पास करते थे। ऐसे गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। इनमें से चार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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जेल जाने वालों में मोंटू कोच्छड़, साहिल बंसल, मोटू गुप्ता व रवि रंजन शामिल है। जबकि पांच को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। इनमें विनय कुमार, मुश्ताक अहमद, जय कुमार द्विवेदी, गौरव शर्मा व मनविंदर सिंह गिल शामिल है। यह दो दिन के पुलिस रिमांड पर है। वहीं, दिल्ली के जिस घर में पेपर की तैयारी करवाई जा रही थी। वहां से विजिलेंस ने पंजाब सीवरेज बोर्ड के जूनियर इंजीनियर की भर्ती के लिए नौ अक्तूबर को हुई परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवारों के दाखिला कार्ड व अन्य फोटो कापियां बरामद की है।
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मुख्य दलाल एक नामी इंश्योरेंस कंपनी में अफसर
arrest
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विजिलेंस से मिली जानकारी के मुताबिक, मुश्ताक अहमद को उन्होंने कुछ दिन पहले मुंबई से गिरफ्तार किया था। शनिवार रात दिल्ली के न्यू अशोक नगर में पंजाब के सिंचाई विभाग में एसडीओ की भर्ती के लिए पेपर की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
सिंचाई विभाग की परीक्षा 16 अक्तूबर को थापर यूनिवर्सिटी में ली गई है। इससे उक्त भर्ती प्रक्रिया भी सवाल उठ रहे हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जय कुमार द्विवेदी परीक्षा में आने वाले पेपर की तैयारी करवा रहा था।
विजिलेंस जांच में पता चला है कि मुश्ताक मूल रूप से बिहार के गांव सलेम पट्टी का रहने वाला है। वह एक नामी इंश्योरेंस कंपनी में मुंबई में बतौर अधिकारी तैनात है। विजिलेंस के अधिकारियों के मुताबिक, यह व्यक्ति नौकरी के पेपर लीक कर तैयारी करवाने का गिरोह चलाता है।
वह नोडल अफसर के रूप में रहता है। उक्त गिरोह हाइटेक तरीके से काम करता था। व्हाट्सएप के जरिए ही दलालों को परीक्षा की जानकारी दी जाती थी। इसके बाद वह ग्राहकों की तलाश करते थे। संदीप कुमार व हरमनजोत को मुश्ताक ने स्थानीय निकाय विभाग में एसडीओ के पद पर भर्ती करवाने के लिए सबसे पहले नवंबर 2015 में पेपर की तैयारी लखनऊ ले जाकर करवाई थी।
चंडीगढ़ समेत कई राज्यों की मुलाजिम भर्ती में किया खेल
विजिलेंस के सूत्रों से पता चला है कि आरोपियों ने सर्विस सेलेक्शन कमीशन नई दिल्ली में क्लर्क, दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर, भारतीय खाद्य निगम में मैनेजर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार व चंडीगढ़ में सैकड़ों लोगों को पैसे लेकर गिरोह के सदस्यों ने नौकरियां दिलवाई है। मुश्ताक को प्रत्येक केस पर 50 हजार से एक लाख रुपये दिए जाते थे। मुश्ताक की गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी के अन्य सदस्य उसके संपर्क में थे। इस कारण वह काबू आ सके।
सिंचाई विभाग की परीक्षा 16 अक्तूबर को थापर यूनिवर्सिटी में ली गई है। इससे उक्त भर्ती प्रक्रिया भी सवाल उठ रहे हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जय कुमार द्विवेदी परीक्षा में आने वाले पेपर की तैयारी करवा रहा था।
विजिलेंस जांच में पता चला है कि मुश्ताक मूल रूप से बिहार के गांव सलेम पट्टी का रहने वाला है। वह एक नामी इंश्योरेंस कंपनी में मुंबई में बतौर अधिकारी तैनात है। विजिलेंस के अधिकारियों के मुताबिक, यह व्यक्ति नौकरी के पेपर लीक कर तैयारी करवाने का गिरोह चलाता है।
वह नोडल अफसर के रूप में रहता है। उक्त गिरोह हाइटेक तरीके से काम करता था। व्हाट्सएप के जरिए ही दलालों को परीक्षा की जानकारी दी जाती थी। इसके बाद वह ग्राहकों की तलाश करते थे। संदीप कुमार व हरमनजोत को मुश्ताक ने स्थानीय निकाय विभाग में एसडीओ के पद पर भर्ती करवाने के लिए सबसे पहले नवंबर 2015 में पेपर की तैयारी लखनऊ ले जाकर करवाई थी।
चंडीगढ़ समेत कई राज्यों की मुलाजिम भर्ती में किया खेल
विजिलेंस के सूत्रों से पता चला है कि आरोपियों ने सर्विस सेलेक्शन कमीशन नई दिल्ली में क्लर्क, दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर, भारतीय खाद्य निगम में मैनेजर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार व चंडीगढ़ में सैकड़ों लोगों को पैसे लेकर गिरोह के सदस्यों ने नौकरियां दिलवाई है। मुश्ताक को प्रत्येक केस पर 50 हजार से एक लाख रुपये दिए जाते थे। मुश्ताक की गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी के अन्य सदस्य उसके संपर्क में थे। इस कारण वह काबू आ सके।