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घर में घुसकर लड़की की इज्जत पर हाथ डाला था, अब जेल में रहेगा, जुर्माना भी भरेगा
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
Updated Thu, 31 Aug 2017 09:20 AM IST
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घर में घुसकर लड़की की इज्जत पर हाथ डाला
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घर में घुसकर लड़की की इज्जत पर हाथ डाला था, जो युवक को महंगा पड़ गया। अब उसकी जिंदगी जेल की चारदिवारी में कटेगी और जुर्माना भी भरेगा। घटना हरियाणा के पानीपत की है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशीबाला चौहान की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग के साथ दुराचार के दोषी को दस साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा ना करने की सूरत में दोषी को छह माह अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन के अनुसार 18 अप्रैल 2016 को खंड इसराना के पीड़िता के पिता ने थाना इसराना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी नाबालिग बेटी खानपुर स्थित एक स्कूल में पढ़ती थी। 17 अप्रैल को वह अपनी पत्नी के साथ बाजार गया था। घर पर उसकी बेटी अकेली थी। पीछे से पड़ोस में रहने वाला विकास उसके घर में घुस गया और उसके बेटी के साथ दुष्कर्म किया। वह घर पहुंचा तो आरोपी उसे देखकर फरार हो गया।
पुलिस ने उसकी शिकायत पर विकास के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की। पुलिस ने 19 अप्रैल 2016 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब डेढ़ साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आरोपी को 23 अगस्त को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशीबाला चौहान की अदालत में पेश किया गया था। जहां दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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मंगलवार को अदालत में सजा पर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद अदालत ने धारा 452 के तहत दोषी को तीन साल कैद, पांच हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद, धारा 652 के तहत तीन साल कैद, पांच हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद, धारा 506 के तहत दो साल कैद, पांच हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद और चार पोक्सो एक्ट के तहत दस साल कैद, बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर दोषी को छह माह अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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अभियोजन के अनुसार 18 अप्रैल 2016 को खंड इसराना के पीड़िता के पिता ने थाना इसराना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी नाबालिग बेटी खानपुर स्थित एक स्कूल में पढ़ती थी। 17 अप्रैल को वह अपनी पत्नी के साथ बाजार गया था। घर पर उसकी बेटी अकेली थी। पीछे से पड़ोस में रहने वाला विकास उसके घर में घुस गया और उसके बेटी के साथ दुष्कर्म किया। वह घर पहुंचा तो आरोपी उसे देखकर फरार हो गया।
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पुलिस ने उसकी शिकायत पर विकास के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की। पुलिस ने 19 अप्रैल 2016 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब डेढ़ साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आरोपी को 23 अगस्त को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशीबाला चौहान की अदालत में पेश किया गया था। जहां दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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मंगलवार को अदालत में सजा पर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद अदालत ने धारा 452 के तहत दोषी को तीन साल कैद, पांच हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद, धारा 652 के तहत तीन साल कैद, पांच हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद, धारा 506 के तहत दो साल कैद, पांच हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद और चार पोक्सो एक्ट के तहत दस साल कैद, बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर दोषी को छह माह अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।