फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula murder, Inquiry mark against officer of police control room

वरिंद्र हत्याकांड: पुलिस कंट्रोल रूम के अधिकारी के खिलाफ इन्क्वायरी मार्क

Sat, 18 Mar 2017 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Sat, 18 Mar 2017 09:32 AM IST
विज्ञापन
Panchkula murder, Inquiry mark against officer of police control room
इनेलो पार्षद के बेटे ने नौ साथियों के साथ मिलकर की युवक की हत्या - फोटो : अमर उजाला
वरिंद्र हत्याकांड मामले में क्राइम स्पॉट पर पीसीआर के लेट पहुंचने की शिकायत के बाद कंट्रोल रूम के अधिकारी के खिलाफ शुक्रवार को इन्क्वायरी मार्क की गई है। डीसीपी अनिल कुमार धवन ने बताया कि वारदात की रात पुलिस कंट्रोल रूम में जितनी भी कॉल्स आई हैं, उनकी टाइमिंग चेक की जा रही है। वहीं कंट्रोल रूम और एफआईआर में बताई गई कॉल की टाइमिंग अलग-अलग है।
विज्ञापन


वारदात की रात पुलिस कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर तैनात एसआई सलीन चंद का कहना है कि पहली कॉल रात 8:27 बजे आई थी। डीसीपी ने भी यही टाइम बताया है। इसके विपरीत पुलिस की एफआईआर कॉपी के मुताबिक पुलिस को रात 8.03 बजे सूचना मिली। दूसरी ओर मारे गए वरिंद्र की ममेरी बहनों के फोन पर पुलिस को पहली कॉल करने का समय रात 8:32 का है।
विज्ञापन


डीसीपी का दावा- 8:43 पर पहुंची पीसीआर
डीसीपी का दावा है कि पीसीआर रात 8 बजकर 43 मिनट पर क्राइम स्पॉट पर थी। यानी कि कॉल आने के 15 मिनट में पीसीआर पहुंच गई। अब सवाल यह है कि अगर पीसीआर रात 8:43 बजे स्पॉट पर थी, तो महज 1300 मीटर दूर रात 9 बजकर 3 मिनट पर किशनगढ़ के गुरुद्वारे के पास स्थित बदमाशों को पुलिस क्यों नहीं पकड़ पाई। गुरुद्वारे के पास उस वक्त सभी आरोपियों के होने का सबूत सीसीटीवी फुटेज में दर्ज है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


परिजनों का दावा - 9:12 पर पहुंची पुलिस
मृतक के मामा निर्मल सिंह का कहना है कि वारदात की रात पुलिस को तीन बार कॉल की गई। इसके करीब 40 मिनट बाद पुलिस क्राइम स्पॉट पर आई थी। हैरानी की बात यह है कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने के बजाय मौके का मुआयना करती रही। वरिंद्र की बहन तरनप्रीत ने बताया कि होली की रात उन्होंने 8.32 पर पुलिस को कॉल की। उसके बाद 8:35 पर 100 नंबर पर कॉल की। जब पुलिस इसके बाद भी नहीं पहुंची तो तरनप्रीत ने रात को तीसरी बार 8:42 बजे फिर फोन किया। तरनप्रीत ने बताया कि पुलिस उस रात करीब 9:12 बजे वारदात स्थल पर पहुंची।

9569696960 मोबाइल नंबर से मोंटी ने किया फोन

Panchkula murder, Inquiry mark against officer of police control room
पंचकूला में इनेलो नेता के बेटे ने युवक को मारा
9569696960 मोबाइल नंबर से मोंटी ने किया फोन
मृतक वरिंद्र के ममेरे भाई अवतार सिंह का कहना है कि होली की शाम 6:49 बजे उसके मोबाइल पर मनमीत उर्फ मोंटी ने अपने मोबाइल नंबर 9569696960 से फोन कर उसे और परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। इसी रात करीब 8:15 बजे मनमीत, हरमनप्रीत व 10 अन्य दोस्तों ने घर आकर तलवारों, गंडासियों और करपानों से वरिंद्र पर कई वार किए। इस दौरान उन्होंने गेट पर भी हथियार मारे जिसके निशान अब भी वहां मौजूद हैं। अवतार ने कहा कि अगर पुलिस ने मामले में फौरन कार्रवाई की होती तो वरिंद्र आज जिंदा होता। उसने बताया कि वह सभी बदमाशों को सामने आने पर पहचान सकता है।  

पुलिस के मुताबिक यह की कार्रवाई : 
वरिंद्र हत्याकांड की एफआईआर कॉपी में कहा गया है कि झगड़े की सूचना पर 13 मार्च को होली के दिन पुलिसकर्मी राजेश कुमार, सरकारी गाड़ी में चालक गुरचरण सिंह के साथ सकेतड़ी के सरकारी स्कूल के पास पहुंचा। वहां काफी संख्या में मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि दो गाड़ियों में सवार 10-12 लड़के वरिंद्र सिंह पुत्र गुरप्रीत सिंह पर हमला करके उसे गाड़ी में डालकर चंडीगढ़ की ओर फरार हुए हैं। वे जब सरकारी गाड़ी में वरिंद्र की तलाश में सुखना लेक रोड पर राजीव गांधी पार्क, चंडीगढ़ पहुंचे तो वहां सड़क पर काफी खून बिखरा हुआ था। इसी बीच वरिंद्र के मारे जाने की सूचना मिली। कॉपी में यह नहीं जिक्र है कि पुलिसकर्मियों ने क्या कोई सूचना चडीगढ़ पुलिस को दी थी। 

डीसीपी अनिल धवन से बातचीत

Panchkula murder, Inquiry mark against officer of police control room
पंचकूला में जंगलराज का चला नंगा नाच - फोटो : अमर उजाला
डीसीपी अनिल धवन से बातचीत
सवाल: घटना वाली रात पुलिस कंट्रोल रूम को कितने बजे सूचना मिली।
जवाब: रात करीब 8.27 बजे।
सवाल: कितने बजे पीसीआर क्राइम स्पॉट पर पहुंची।
जवाब:  रात 8.43 बजे मौके पर पहुंच चुकी थी।
सवाल: परिजनों का कहना है बजाय आरोपियों को पकड़ने के पुलिस सवाल-जवाब करती रही।
जवाब: वायरलेस पर सूचना दे दी थी, सभी पीसीआर आरोपियों को पकड़ने में जुट गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed