पलसौरा बेबी मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा
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पलसौरा बेबी मर्डर केस में 11 वर्षीय बच्ची की हत्या गला दबाकर हुई थी। हत्या के समय बच्ची ने बचने के लिए संघर्ष भी किया था। इसके कारण उसके शरीर पर पांच चोट के निशान आए थे।
यह बयान वीरवार को पोस्टमार्टम करने वाले सेक्टर 16 जनरल अस्पताल की डाक्टर सपना ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत में दर्ज करवाए।
मृतक बच्ची के पिता राम कृपाल ने बयान में कहा कि 27 नवंबर को बेटी का अपहरण हो गया था। पत्नी ने बताया था कि पड़ोस में रहने वाली सुनीता उर्फ बिल्ली ने बच्ची को मारने की धमकी दी थी। बाद में पुलिस ने मामले में अनिरुद्ध, राजकुमार, भगत उर्फ मंगा और सुनीता उर्फ बिल्ली को गिरफ्तार किया था। सेक्टर 54 के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल ने बयान में कहा कि मृतक बच्ची उनके स्कूल में छठी क्लास में पढ़ती थी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 मई को तय की है।
पलसौरा बेबी मर्डर केस में आरोप हुए तय
सेक्टर 39 थाना पुलिस मामले में आरोपी पलसौरा निवासी राजकुमार, अनिरुद्ध, ऑटो चालक भगत सिंह और महिल सुनीता उर्फ बिल्ली केखिलाफ हत्या, अपहरण, दुराचार, पास्को एक्ट और साजिश रचने की धाराओं के तहत चार्जशीट दायर की थी।
क्या था मामला
पलसौरा में 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण 27 नवम्बर 2013 को दिनदहाड़े घर केपास हुआ था। एक दिसंबर की शाम बच्ची का शव बोरी में फर्नीचर मार्केट केपास जंगल में मिला था।
सेक्टर 39 थाना पुलिस ने बच्ची का शव बरामद कर पोस्टमार्टम करवाया था। पोस्टमार्टम में दुराचार की पुष्टि हुुई थी। साइबर सेल ने बच्ची की हत्या में राजकुमार और अनिरुद्ध को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में पड़ोसी सुनीता उर्फ बिल्ली और आटो चालक भगत सिंह की भूमिका पाए जाने के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया था।
और पलसौरा से गायब हुई बच्ची गाजियाबाद में मिली
संभावना जताई जा रही है कि उसके साथ कोई आरोपी युवक है जो कि नाबालिग को बहला फुसला कर अपने साथ ले गया है। टीम के साथ बच्ची की मां और भाई भी गया है।
मालूम हो कि शनिवार दोपहर को बच्ची घर से मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए गई थी और वापस नहीं लौटी। इसके बाद पलसौरा में सनसनी फैल गई।
पुलिस ने बच्ची को तलाश करने के लिए शनिवार रात जंगल और क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। सेक्टर-39 के थाना प्रभारी गुरमुख सिंह और पलसौरा चौकी के कर्मचारी पूरी रात जाग कर बच्ची को तलाश करते रहेे।
पुलिस ने अभिभावकों के तीनों मोबाइल का रिकार्ड भी निकाल लिया था। बच्ची को तलाश करने के लिए लोगों के घरों की अलमारी और बेड तक खोलकर चेक किए गए। सेक्टर-39 पुलिस ने बच्ची की तस्वीर सभी थानों के अलावा पंचकूला और मोहाली पुलिस को भी पहुंचा दी।
बच्ची का परिवार 4 माह पहले ही शहर में रहने के लिए आया है। नाबालिग की मां ने बताया कि शनिवार दोपहर डेढ़ बजे बच्ची घर के पास ही मोबाइल रिचार्ज के लिए कूपन खरीदने के लिए गई थी।
जब वह वापस घर लौट रही थी तो वह उसे घर की बालकानी से देख रहे थे। मां का कहना है कि उन्होंने देखा कि बच्ची को किसी ने पीछे से आवाज दी और वह वापस लौट गई।
एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल का कहना है कि बच्ची का सुराग लगा लिया गया है। नाबालिग बच्ची गाजियाबाद में है जिसको लेने के लिए पुलिस की टीम रवाना हो गई है।
बताया गया है कि गायब हुई बच्ची का भाई को फोन आया था। भाई ने खुद बात करके बच्ची की मां से बात करवाई। उस समय मां और भाई दोनों बच्ची को तलाश रहे थे।
मां और भाई ने इसकी सूचना पुलिस को दी उसके बाद पुलिस की टीम गाजियाबाद रवाना हुई। परिजन बच्ची की तलाश में सुबह मोहाली के बडमाजरा में भी गए थे। मां को किसी ने सूचना दी कि वहां पर एक नाबालिग बच्ची अकेली घूम रही है।
'पुलिस सजग होती तो न होता ये गोलीकांड'
चंडीगढ़ पुलिस अगर सजग होती तो सेक्टर-56 (पलसौरा कालोनी) अंबेडकर आवास में हुए गोलीकांड को रोक सकती थी। मामले के आरोपी युवक के खिलाफ पहले भी 7 दिसंबर को घायल के परिजनों की शिकायत पर डराने और धमकाने की डीडीआर दर्ज की थी। लेकिन पलसौरा चौकी में शिकायत दर्ज करने के बावजूद परिजनों को कोई सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई।
पुलिस ने उस समय आरोपी युवक के खिलाफ 107-151 का मामला दर्ज किया था जिसे बाद में जमानत मिल गई थी। जबकि आरोपी युवक बंटी के परिजनों ने चौकी का घेराव भी किया था।
घायल संजीव कुमार की पत्नी ने बताया कि अगर अगर 7 दिसंबर को आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर दी जाती तो उसके पति इस गोलीकांड का शिकार न होते।
पत्नी ने बताया कि वह 4 माह पहले ही कालोनी में रहने के लिए आए हैं। उसने बताया कि पति ने 35 हजार रुपये का उधार आरोपी प्रेम कुमार से लिया था। इसके बदले में उन्होंने अपने मकान के दस्तावेज गिरवी रखकर उधार लिया था।
पत्नी ने बताया कि उधार की राशि आरोपी प्रेम को वापस कर दी गई थी इसके बावजूद आरोपी उनके दस्तावेज वापस नहीं कर रहा था। इसके साथ ही आरोपी प्रेम और उसके बेटे सुलतान की ओर से निरंतर उनकी बेटी के अपहरण करने का मामला वापस लेने का दबाव बनाया जा रहे थे जिसके लिए वह तैयार नहीं थे।
पत्नी ने बताया कि मंगलवार सुबह पति पार्क में बैठे हुए थे जहां पर आरोपी प्रेम पति के साथ लड़ने के लिए आ गया था। वहां पर आरोपी प्रेम और उनके बेटे बंटी को पहले पीटा उसके बाद बंटी ने पति के जांघ पर गोली मार दी और मौके से आरोपी बाप- बेटा फरार हो गए। सेक्टर-39 पुलिस ने घायल के ब्यान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीएसपी साउथ एसएस मलिक का कहना है कि आरोपियों केखिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। डीएसपी का कहना है कि आरोपी पिता प्रेम को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि बेटा बंटी इस समय फरार चल रहा है।
पलसौरा मर्डर केस कांड सुलझा, दो गिरफ्तार
इन्होंने तीन-चार दिन तक बच्ची के साथ बलात्कार किया था और फिर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस दोनों आरोपियों को पटियाला से लेकर आई है।
इन दोनों को पटियाला पुलिस ने खरड़ में हुई सिक्योरिटी गार्ड की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल दोनों आरोपियों को अदालत में पेशी के लिए ले जाया गया, जहां उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
गौरतलब है कि एक दिसंबर 2013 की शाम को सेक्टर 52 की फर्नीचर मार्केट के पास जंगल में चार दिन से लापता 11 वर्षीय बच्ची का लहूलुहान शव बोरी में बंद मिला था।
शव को पुलिस ने नहीं, बल्कि एक राहगीर ने ढूंढा था। बच्ची के गले में प्लास्टिक की रस्सी लिपटी थी और गला दबाने के निशान थे। उसके मुंह और कपड़ों पर खून लगा था।
पलसौरा मर्डर: आरोपियों ने जगह दिखाई, जहां रेप किया
चर्चित पलसौरा बेबी मर्डर के आरोपियों को आज पुलिस रिमांड के पहले दिन सेक्टर 54 स्थित सरकारी स्कूल के पास जंगलों में लेकर दिखाई।
यहां आरोपियों ने उस जगह की निशानदेही करवाई, जहां उन्होंने मासूम बेबी का लगातार तीन-चार दिन रेप किया था और बाद में गले में रस्सी डालकर उसकी हत्या कर दी थी। आरोपियों के बालों का सेंपल भी लिया गया।
दोनों युवक यूपी के फैजाबाद निवासी अनिरुद्ध (18) और पंजाब के रोपड़ के निवासी राजकुमार उर्फ राजा (20) वही हैं, जिन्हें गत 16 दिसंबर को पंजाब पुलिस ने डेराबस्सी में एटीएम गार्ड की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार दोनों युवक नशे के आदी, पेशेवर अपराधी हैं। दोनों ने हिरासत के दौरान माना कि वे बच्ची को अगवा कर कंबल में छुपा कर जंगल में ले गए थे। हाथ-पैर बांधकर युवकों ने चार दिन तक बच्ची को जंगल में खुले में ही रखा और दुराचार करते रहे। पुलिस के अनुसार दोनों युवक नशे के आदी हैं और पेशेवर अपराधी हैं।
सोमवार को दोनों युवकों को पुलिस ने अदालत में पेश किया जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार राजा और अनिरुद्ध ने बताया कि पिछले साल 27 नवंबर को वे दस साल की बच्ची को अगवा कर सेक्टर-54 के जंगल में ले गए थे। वह भागे नहीं इसलिए उसके हाथ और पैर बांध दिए थे। 30 नवंबर तक वे बारी-बारी उससे दुराचार करते रहे।
इस दौरान दोनों में से कोई एक पलसौरा आकर खाना ले जाता था। 30 नवंबर को उन्होंने पकड़े जाने के डर से बच्ची की हत्या कर दी और शव चीनी की बोरी में डाल कर फर्नीचर मार्केट के पीछे के जंगल में फेंक दिया। एक दिसंबर को शव पुलिस ने बरामद किया था। इसके बाद दोनों युवक पलसौरा छोड़कर मलोया के पास जंगल में रहने लगे और उसके बाद कालोनी नंबर-5 और फिर पंजाब के इलाके में चले गए।
पलसौरा बेबी मर्डरः पुलिस को ऑटो चालक की तलाश
वैसे बच्ची का शव मिलने के बाद ही बच्ची के पिता ने सुनीत पर ही शक जताया था मगर तब पुलिस ने सुनीता से पूछताछ के बाद इसे नकार दिया था।
अब एक और कहानी सामने आ रही है। इसके अनुसार बच्ची का शव मिलने के बाद मंगा गांव से फरार हो गया था। करीब एक सप्ताह बाद वह लौटा था और उसका हुलिया पूरी तरह से बदला हुआ था।
उधर गांव वालों के अनुसार ऑटो भी आरोपी सुनीता का ही है। पुलिस अब दावा कर रही है कि बच्ची को सुनीता के घर पर रखा गया मगर सुनीता एक कमरे के घर में अपने पति और बच्चों के साथ रहती है। पुलिस अब मोबाइल सर्विलांस से रिकार्ड के जरिए सुनीता और मंगा के बीच बातचीत होने की बात कर रही है।
सुनीता का घर सहेली के घर के पास
पिछले साल 27 नवंबर को जब बच्ची गायब हुई थी उस समय अभिभावकों की ओर से कहा गया कि बच्ची सहेली के घर पर गई थी। सहेली का घर भी गली में आरोपी सुनीता के घर के पास ही है।
एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल का कहना है कि आरोपी आटो चालक की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में सभी पहलुओं को पुलिस गंभीरता से देख रही है।
पलसौरा बेबी मर्डर में इस्तेमाल किया ऑटो जब्त
पलसौरा बेबी मर्डर में इस्तेमाल ऑटो को एसआईटी ने पलसौरा से बरामद कर लिया गया है। बरामद किए आटो में बच्ची का अपहरण और हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था।
वहीं रिमांड समाप्त होने पर मामले में पकड़ी गई सुनीता उर्फ बिल्ली, भगत, अनिरुद्ध और राजकुमार को पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने चारों आरोपियों को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले में फरार ऑटो चालक की तलाश में एसआईटी छापे मार रही है। इनके अलावा मुंशी उर्फ गोरा फरार बताया जा रहा है।
पलसौरा से 27 नवंबर को बच्ची को ऑटो में सवार मंगा, राजकुमार और अनिरुद्ध और सुनीता ने अपहरण किया था। अपहरण के बाद बच्ची को लेकर वे पहले जंगल में गए।
दो दिन तक सभी लोग बच्ची को नशे की हालत में आटो में घूमाते रहे। बच्ची से ऑटो में ही दुराचार किया गया। 29 नवंबर शाम को उन्होंने बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को बोरी में डालकर फर्नीचर मार्केट के पास फेंककर फरार हो गए थे। सेक्टर 39 थाना पुलिस ने हत्या मामला दर्जकर मामले में एसआईटी बनाई थी।
खुद को खुद ही गोली मारी थी, नाबालिग के पिता ने
पुलिस के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि पिता ने खुद को गोली मारी है। उधर अब पिता परिवार सहित पलसौरा छोड़कर फरार हो गए हैं। इसके साथ ही पुलिस इस मामले को खारिज करने की तैयारी कर रही है। पुलिस के अनुसार इस मामले में घायल और आरोपियों के बीच पैसे के लेन देने का मामला सामने आ रहा है।
मालूम हो कि 14 जनवरी को पार्क में गायब हुई नाबालिग के पिता को गोली मारकर लहूलुहान कर दिया गया था। घायल को उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती कराया गया था।
उस समय में पिता ने कालोनी में रहने वाले प्रेम कुमार और बेटे बंटी पर आरोप लगाया था। पुलिस ने पिता पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर प्रेम कुमार को गिरफ्तार भी कर लिया था।
मालूम हो कि इससे पहले घायल की नाबालिग बेटी का अपहरण हुआ था। बेटी के अपहरण के मामले में आरोपी बंटी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बाद में नाबालिग को 6 दिसंबर को गाजियाबाद से बरामद कर लिया था और आरोपी बंटी को गिरफ्तार किया था। बंटी को बाद में जमानत मिल गई थी। पुलिस के अनुसार जिस समय घायल को पीजीआई में भर्ती कराया गया था, उस समय चली हुई गोली के दो खोल मिले थे।
घायल ने पुलिस को बताया था कि जब आरोपियों ने उसे गोली मारी तो उसने गोली केखोल उठा लिए थे जबकि पुलिस के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि घायल ने खुद के पैर पर खुद गोली मारी थी।
क्राइम ब्रांच के प्रभारी रणजोत सिंह का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। उन्हें भी पता चला है कि परिवार पलसौरा से चला गया है।
वार्ड पार्षद दर्शन गर्ग का कहना है कि जिस व्यक्ति को गोली लगी थी वह पलसौर से सामान सहित यूपी अपने गांव चला गया है। गर्ग का कहना है कि परिवार कालोनी के लिए एक युवक की टैक्सी ले कर गए थे, लेकिन उनका टैक्सी चालक से यमुनानगर में झगड़ा हो गया था। उनका कहना है कि पूरा मामला संदिग्ध है।
पलसौरा मर्डरः 1 सप्ताह में पेश होगी चार्जशीट
आरोपियों को सजा दिलाने के लिए सीएफसएसल रिपोर्ट भी हासिल की जा चुकी है। सेक्टर-39 थाना पुलिस इस मामले में पलसौरा निवासी आरोपी राजकुमार, अनिरुद्ध, ऑटो चालक भगत सिंह और महिला सुनीता उर्फ बिल्ली के खिलाफ हत्या, अपहरण, दुराचार, पासको एक्ट और साजिश रचने की धाराओं के तहत चार्जशीट दायर करेगी।
क्या है मामला
पलसौरा में 27 नवंबर-2013 को दिनदहाड़े 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण घर के पास से हुआ था। इस मामले में बच्ची का सुराग नहीं लगाने पर लोगों ने पुलिस स्टेशन का घेराव किया था।
एक दिसंबर की शाम बच्ची का शव बोरी में फर्नीचर मार्केट के पास जंगल में मिला था। सेक्टर 39 थाना पुलिस ने बच्ची का शव बरामद कर पोस्टमार्टम करवाया गया था। पोस्टमार्टम में बच्ची के साथ दुराचार की पुष्टि हुुई थी।
जब पुलिस हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई तो साइबर सेल ने बच्ची की हत्या में राजकुमार और अनिरुद्ध को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पड़ोसी सुनीता उर्फ बिल्ली और आटो चालक भगत सिंह की भूमिका पाए जाने के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया गया था।