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जज नोट कांड: निर्मल यादव ने मांगी तारीख

Tue, 26 Nov 2013 05:14 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 26 Nov 2013 05:14 PM IST
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Nirmal Yadav_judge note scam_highcourt
चर्चित जज नोट कांड की मुख्य आरोपी रिटायर्ड जस्टिस निर्मल यादव केस की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। आज हुई सुनवाई में आरोपी रिटायर्ड जस्टिस निर्मल यादव ने यह कहते हुए अपना पक्ष रखा कि उसे 22 नवंबर को हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले की प्रति आज ही मिली है।
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उन्होंने कहा कि वे फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करना चाहती हैं, जिसके लिए उन्हें कुछ समय चाहिए।

गौरतलब है कि जज नोट कांड की मुख्य आरोपी रिटायर्ड जस्टिस निर्मल यादव सहित पांच लोगों पर आरोप तय करने को आज सीबीआई की विशेष अदालत में आरोप तय किए जाने थे।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहले ही निर्मल यादव की याचिका खारिज कर चुकी थी। सीबीआई जज विमल कुमार की अदालत ने पांचों आरोपियों को उपस्थित रहने के आदेश भी पिछली सुनवाई में जारी कर दिए गए थे।
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इस मामले में निर्मल यादव के अलावा वकील संजीव बंसल, दिल्ली के होटलियर रविंद्र भसीन, पंचकूला के प्रापर्टी डीलर राजीव गुप्ता और निर्मल सिंह शामिल हैं।

अगर निर्मल यादव और अन्य पांच पर आरोप तय होते हैं तो वे निम्न धाराओं के तहत तय होंगे-
पूर्व जस्टिस निर्मल यादव : भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 का सेक्शन 11

वकील संजीव बंसल, प्रॉपर्टी डीलर राजीव गुप्ता :धारा 120 बी (साजिश रचने) और भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 का सेक्शन 12, आईपीसी की धारा 192, 193,196, 199 और 200 के तहत

होटलीयर रविंदर भसीन : धारा 120 बी (साजिश रचने) और भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 का सेक्शन 12
निर्मल सिंह : 120 बी (साजिश रचने) और आईपीसी की धारा 192, 193, 196, 199 और 200 के तहत

यह है मामला

दायर मामला 13 अगस्त 2008 का है। पंजाब एंड हरियाण हाईकोर्ट के वकील संजीव बंसल ने अपने मुंशी प्रकाश राम को 15 लाख रुपये देकर जस्टिस निर्मल यादव के घर पहुंचाने के लिए कहा था।

मुंशी प्रकाश राम गलती से रुपये लेकर जस्टिस निर्मलजीत कौर के घर पहुंच गया। जस्टिस निर्मलजीत कौर के नौकर ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। सेक्टर 11 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर प्रकाश राम, संजीव बंसल और राजीव गुप्ता को गिरफ्तार किया।


मामले में जस्टिस निर्मल यादव का नाम सामने आने पर जांच सीबीआई के पास गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच कर निर्मल यादव पर केस चलाने की काननू मंत्री से परमीशन मांगी थी लेकिन अनुमति नहीं मिली।

इस पर 04 मार्च 2011 को सीबीआई ने राष्ट्रपति से निर्मल यादव पर केस चलाने की परमीशन लेकर 25 पेजों की चार्जशीट सीबीआई अदालत में दायर की थी।
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