शर्मनाकः 2 दिन की नवजात को प्लॉट में फेंका
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हरियाणा में फिर एक नवजात बच्ची को कोई दरिंदा कट्टे में लपेटकर खाली प्लाट में फेंक गया। बच्ची अस्पताल में भर्ती है। मामला, यमुनानगर का है। यहां मंगलवार रात बाड़ी माजरा के तीर्थनगर में खाली प्लॉट में एक नवजात बच्ची रोती हुई मिली।
बच्ची के रोने की आवाज सुनकर कॉलोनी की एक महिला मौके पर पहुंची और उसे अपना दूध पिलाकर चुप कराया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया। जब बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगी तो उसे चाइल्ड हेल्प लाइन द्वारा पंचकूला शिशु गृह में भेजा जाएगा।
तीर्थ नगर कॉलोनी में शिव कुमार अपने परिवार के साथ रहता है। मंगलवार रात शिव कुमार व उसकी पत्नी सोनी को उनके घर के पीछे खाली प्लॉट से कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनाई दी। दंपति घर से बाहर आया और प्लॉट में पहुंचा तो उन्हें एक नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी।
महिला ने जब प्लॉट में पास पडे़ खाली कट्टे को उठाया तो उसमें बच्ची लिपटी हुई थी। उन्होंने बच्ची को उठाया। बच्ची को रोता देख महिला ने उसे अपना दूध पिलाकर चुप कराया। उसके वे बच्ची को घर ले गए। इसके मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची। बच्ची को तुरंत सिविल अस्पताल लाया गया।
चाइल्ड हेल्प लाइन की निदेशिका अंजू बाजपेयी व जिला बाल कल्याण अधिकारी मनीषा खन्ना अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बच्ची की जांच की। प्राथमिक जांच में पता चला कि बच्ची करीब दो दिन की है। पुलिस बच्ची के परिजनों की तलाश में जुट गई है।
महिला ने बच्ची को लेने की रखी मांग
जिस महिला ने खाली पडे़ प्लॉट में पड़ी बच्ची को उठाकर अपना दूध पिलाकर शांत किया, उसने पुलिस और चाइल्ड हेल्प लाइन से बच्ची को उसे देने की मांग की।
महिला ने कहा कि उसके पास दो बेटे हैं। उसने प्लॉट से उठाकर नवजात बच्ची को अपना दूध पिलाया है जिससे बच्ची मरते मरते बच गई। सोनी इस बच्ची को पालना चाहती है लेकिन कानूनी अड़चनों के चलते प्रशासन उसे यह बच्ची नहीं दे रहा है। इसके अलावा महिला के पड़ोसी इंद्रपाल भी इस बच्ची को गोद लेना चाहते हैं।
बच्ची को भेजा जाएगा शिशु ग्रह
चाइल्ड हेल्प लाइन की निदेशिका अंजू बाजपेयी ने बताया कि बच्ची मिलने की सूचना मिलने पर वह टीम के साथ सिविल अस्पताल पहुंचीं। बच्ची दो दिन की है। उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं है जिसके चलते उसका सिविल अस्पताल में उपचार चल रहा है।
दो दिन में बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी। इसके बाद उसे पंचकूला स्थित शिशु ग्रह में भेजा जाएगा। महिला ने हालांकि बच्ची को लेने की मांग की है लेकिन कानून इसकी इजाजत नहीं देता। कम से कम तीन माह तक बच्ची शिशु गृह में रहेगी।