नाभा जेल ब्रेक के मुख्य आरोपी चनप्रीत समेत तीन आरोपी दिल्ली से काबू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाभा जेल ब्रेक के तीन साजिशकर्ताओं को पटियाला पुलिस ने वीरवार को दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर दिल्ली के लाजपत नगर एरिया से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने तीन सेमी आटोमेटिक पिस्टल, 7.65 एमएम के 17 कारतूस बरामद किए हैं।
पकड़ा गया चनप्रीत सिंह उर्फ चन्ना नाभा जेल ब्रेक का प्रमुख आरोपी है। उसने जेल ब्रेक के अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जेल परिसर में दाखिल होकर गार्ड से उसकी एसएलआर छीनी थी और कैदियों को भगाने के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग की थी।
बीते 28 नवंबर को नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल से भागने वाले खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू ने दिल्ली पुलिस की ओर से की पूछताछ में खुलासा किया था कि नाभा जेल ब्रेक में शामिल आरोपी और वहां से भागने वाले कैदी दिल्ली में छिपे हो सकते हैं।
इसके मद्देनजर भागे कैदियों और जेल ब्रेक में शामिल आरोपियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने मूवमेंट तेज कर दी थी। इसी दौरान पुलिस को कुछ आरोपियों के दिल्ली के लाजपत नगर एरिया में छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली।
नाभा जेल ब्रेक के बाद एक रात चंडीगढ़ रहे थे आरोपी
जिसके आधार पर पटियाला सीआईए के इंचार्ज बिक्रमजीत सिंह बराड़ की अगुवाई में पंजाब पुलिस की एक टीम ने दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीम के साथ मिलकर जेल ब्रेक के तीन आरोपियों को लाजपत नगर नजदीक मूलचंद फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार कर लिया। उस समय आरोपी सुरक्षित ठिकाने की तलाश में पंजाब भागने की फिराक में थे।
जैसे ही पुलिस की टीमों ने उन्हें घेरा। आरोपियों ने अपनी लोडिड पिस्टलों से फायर करना चाहा, लेकिन पुलिस ने उन पर शिकंजा कस लिया जिससे आरोपी फायर नहीं कर सके।
पकड़े आरोपियों में चनप्रीत सिंह उर्फ चन्ना पुत्र बगीचा सिंह निवासी गांव गारदीवाला तहसील दसुआ जिला होशियारपुर, हरजोत सिंह उर्फ जोत पुत्र लेट बीरेंद्र सिंह निवासी डालेवाल होशियारपुर और रणजीत सिंह कालकट निवासी प्रकाश मोहल्ला ईस्ट आफ कैलाश नई दिल्ली शामिल रहे। रणजीत सिंह ने ही चनप्रीत और हरजोत को दिल्ली में रहने के लिए फ्लैट दिलाया था।
पकड़ा गया चनप्रीत सिंह उर्फ चन्ना नाभा जेल ब्रेक का प्रमुख आरोपी है। उसने जेल ब्रेक के अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जेल परिसर में दाखिल होकर गार्ड से उसकी एसएलआर छीनी थी और कैदियों को भगाने के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। पकड़े आरोपियों से पुलिस ने तीन सेमी आटोमैटिक पिस्टल, 17 कारतूस बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में पुलिस स्टेशन स्पेशल सेल में केस दर्ज किया गया है।
नाभा जेल ब्रेक के बाद एक रात चंडीगढ़ रहे थे आरोपी
अब तक की पुलिस पूछताछ में चनप्रीत और हरजोत ने माना है कि दोनों ने नाभा जेल ब्रेक करके वहां से छह कैदियों को भगाने में अहम भूमिका निभाई थी।
दिल्ली शिफ्ट हो लाजपत नगर-चार एरिया में ली पनाह
वारदात के बाद वह चंडीगढ़ भाग गए और वहां एक रात के लिए रहे। जैसे ही उन्हें पता लगा कि जेल ब्रेक का एक आरोपी गैंगस्टर पलविंदर सिंह पिंदा को यूपी के शामली में पुलिस ने हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया है, वह दिल्ली शिफ्ट हो गए और लाजपत नगर-चार एरिया में पनाह ले ली।
लुधियाना के बिजनेसमैन के घर डकैती करके जेल ब्रेक के लिए जुटाया था फंड
चनप्रीत ने यह भी खुलासा किया है कि उसके समेत नाभा जेल ब्रेक के अन्य आरोपियों ने लुधियाना में एक बिजनेसमैन के घर में सितंबर 2016 मेंडकैती भी की थी।
वह लोग बिजनेसमैन के घर में सीबीआई अफसर बनकर गए थे। यह डकैती नाभा जेल ब्रेक के लिए फंड जुटाने खातिर की गई थी। सीबीआई आफिसरों के तौर पर घर में प्रवेश पाकर उन्होंने घर के सदस्यों को गन प्वाइंट पर हाथ-पैर बांधकर बाथरूम में लॉक कर दिया था और 2.5 किलो गोल्ड ज्वेलरी और 10 लाख कैश लूट कर फरार हो गए थे।