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मोनिका हत्याकांड: 19 को आएगा फैसला
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 17 Dec 2013 02:07 PM IST
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सेक्टर-21 निवासी कंप्यूटर टीचर मोनिका की हत्या मामले की सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके अग्रवाल में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने बचाव पक्ष द्वारा दर्ज करवाएं गए बयानों की कॉपी सभी आरोपियों को दीं।
सुनवाई के दौरान अदालत में मोनिका के पति विकास गोयल, देवर विशाल, सुसर ज्ञान प्रकाश गोयल और सास प्रेमलता मौजूद थी। अदालत ने मामले में फैसला करने के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय कर दी।
सेक्टर-21 स्थित कोठी नंबर 2100 निवासी कंप्यूटर टीचर मोनिका की 15 अक्तूबर 2012 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मोनिका के भाई अमित ने बहन की हत्या की आशंका जताई थी।
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वहीं पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर मोनिका के पति विकास गोयल, सास प्रेमलता और ससुर ज्ञान प्रकाश गोयल को गिरफ्तार किया था। अगले दिन उनकी निशानदेही पर मोनिका के देवर विशाल को भी पकड़ लिया गया।
पुलिस ने मोनिका के घर जाकर दोबारा से जांच की तो कोठी से खून से सनी चादर मिली, जिसे आरोपियों धो रखा था। पुलिस ने मामले में सभी के खिलाफ सबूत छिपाने की धारा जोड़ दी थी।
बहन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अमित जिंदल ने विशेषज्ञों की राय लेकर एसएसपी से गहन जांच करवाने की गुहार लगाई। एसएसपी ने मामले में एसआईटी गठित की थी। सीएफएसएल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मोनिका की मौत मामले में सभी आरोपियों पर हत्या की धारा भी लगा दी थी।
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सुनवाई के दौरान अदालत में मोनिका के पति विकास गोयल, देवर विशाल, सुसर ज्ञान प्रकाश गोयल और सास प्रेमलता मौजूद थी। अदालत ने मामले में फैसला करने के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय कर दी।
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सेक्टर-21 स्थित कोठी नंबर 2100 निवासी कंप्यूटर टीचर मोनिका की 15 अक्तूबर 2012 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मोनिका के भाई अमित ने बहन की हत्या की आशंका जताई थी।
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वहीं पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर मोनिका के पति विकास गोयल, सास प्रेमलता और ससुर ज्ञान प्रकाश गोयल को गिरफ्तार किया था। अगले दिन उनकी निशानदेही पर मोनिका के देवर विशाल को भी पकड़ लिया गया।
पुलिस ने मोनिका के घर जाकर दोबारा से जांच की तो कोठी से खून से सनी चादर मिली, जिसे आरोपियों धो रखा था। पुलिस ने मामले में सभी के खिलाफ सबूत छिपाने की धारा जोड़ दी थी।
बहन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अमित जिंदल ने विशेषज्ञों की राय लेकर एसएसपी से गहन जांच करवाने की गुहार लगाई। एसएसपी ने मामले में एसआईटी गठित की थी। सीएफएसएल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मोनिका की मौत मामले में सभी आरोपियों पर हत्या की धारा भी लगा दी थी।