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मोगा के पूर्व एसएसपी राजजीत से छह घंटे पूछताछ, पासपोर्ट भी किया सरेंडर

Tue, 10 Jul 2018 09:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 10 Jul 2018 09:42 AM IST
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Moga's former SSP Rajjeet questioned for six hours
फाइल फोटो
मोगा के पूर्व एसएसपी राजजीत सिंह पर आखिर विजिलेंस ने शिकंजा कस दिया है। विजिलेंस के एक अधिकारी ने राजजीत सिंह से पटियाला में करीब छह घंटे तक पूछताछ की। विदेश जाने की अटकलों के बीच राजजीत ने सोमवार सुबह अपना पासपोर्ट सरेंडर कर दिया। उन्होंने एक डीएसपी के जरिए अपना पासपोर्ट पुलिस मुख्यालय में डीजीपी प्रशासन को भिजवाया। जिसके साथ एक पत्र भी भेजा। उधर, पटियाला में एसपी प्रिथीपाल सिंह ने करीब छह घंटे तक उनसे तरनतारन के एक केस के संबंध में पूछताछ की।
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राजजीत ने डीजीपी प्रशासन को लिखे पत्र में कहा है कि उनके खिलाफ हाल ही में एक गलत खबर चलाई गई कि वह विदेश जाने की तैयारी में हैं। राजजीत ने लिखा है कि उनका इस समय विदेश जाने का कोई प्लान नहीं है, जब उनका केस हाईकोर्ट में पेंडिंग है। अगर उन्हें कभी विदेश जाना हुआ तो विभाग की इजाजत लेकर ही जाएंगे। वह कानून का सम्मान करते हैं और उसमें उनका पूरा विश्वास है।
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गौरतलब है कि विजिलेंस ब्यूरो ने सात जुलाई को चौथी कमांडो बटालियन मोहाली के कमांडेंट राजजीत सिंह के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था। विजिलेंस के फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा दर्ज एक मामले में राजजीत से पूछताछ की जानी थी। यह एफआईआर डिसमिस किए जा चुके इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह पर आरोपों से संबंधित थी। जोकि तरनतारन में तैनात था, तब राजजीत वहां एसएसपी थे।
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इंदरजीत सिंह पर आरोप था कि लैब स्टाफ के साथ मिलीभगत से कई तस्कर नशीले पदार्थ जब्त होने के बाद भी केमिकल एग्जामिनेशन में रिपोर्ट के आधार पर छूट गए। इस मामले में राजजीत पर भी आरोप लगे थे। इस मामले की पड़ताल पर एसटीएफ ने की थी। जिसने राजजीत को दो बार लुधियाना में पूछताछ केलिए भी बुलाया था। पिछले साल राजजीत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि एसटीएफ प्रमुख हरप्रीत सिद्धू उन्हें झूठे मामले में फंसा सकते हैं।


उनके खिलाफ आरोपों की जांच हाईकोर्ट करवाए। हाईकोर्ट ने डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की अगुवाई में तीन मेंबरी एसआईटी गठित कर दी थी। जिसने अपनी रिपोर्ट हाल ही में अदालत को दी है।
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