मिला वो सुबूत, जिसमें कैद हैं जुल्फीकार की सेक्स लाइफ के राज
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बच्चों से कुकर्म के मामले में फंसे थिएटर एज एनजीओ के डायरेक्टर जुल्फिकार खान के कई रहस्यों का पर्दा पर अब उसका लैपटॉप उठाएगा। पुलिस ने शुक्रवार को जुल्फिकार खान के आफिस से मिले लैपटॉप को जांच के लिए सीएफएसएल को भेज दिया है।
पुलिस को लैपटॉप से कई राज खुलने की उम्मीद है। वहीं, पुलिस ने बताया है कि अभी तक के जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो चौंकाने वाले हैं। थिएटर एज एनजीओ के डायरेक्टर जुल्फिकार खान के कारनामों की पोल लगातार खुलती जा रही है। चंडीगढ़ पुलिस द्वारा रिमांड के दौरान जुल्फिकार खान लगातार नए खुलासे कर रहा है।
पुलिस खान के पास से जब्त दो लैपटॉप को सेक्टर-36 स्थित सीएफएसएल के पास जांच के लिए भेजा है। यह लैपटॉप जुल्फिकार के घर से मिले थे। पुलिस के अनुसार अभी तक मिले लैपटॉप से कोई जानकारी नहीं जुटाई जा सकी क्योंकि लैपटॉप के पासवर्ड की जानकारी नहीं मिली है। लैपटॉप से जुल्फिकार के कई काले कारनामों के खुलासा होने की उम्मीद है।
हर माह आठ लाख की आमदनी
सेक्टर-24 स्थित आफिस से मिले कागजों और अन्य सबूतों से स्पष्ट हुआ है कि जुल्फिकार को हर महीने करीब आठ लाख की आमदनी होती थी।
कैश रसीदों से जुटाए गए आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है कि जुल्फिकार के यहां हर रोज करीब आठ हजार रुपये की रद्दी बेची जाती थी। यह रद्दी ट्राइसिटी के घरों से इकट्ठी की जाती थी। अधिकतर रद्दी शहर के आलाधिकारी जुल्फिकार खान को बच्चों की मदद के लिए देते थे।
11 भतीजों के नाम से बैंकों में खातेः
जानकारी मिली है कि शहर में जुल्फिकार खान के 11 भतीजे रहते थे। जिनके नाम पर उसने शहर के अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए हुए थे। खान से सेक्टर-25 में एक मकान को तलाकशुदा महिला गीता देवी को किराए पर दिया हुआ था।